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विक्रांत मैसी बोले — सफलता मतलब पैसा नहीं, अच्छी सेहत और मन की शांति है

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विक्रांत मैसी बोले — सफलता मतलब पैसा नहीं, अच्छी सेहत और मन की शांति है

सारांश

विक्रांत मैसी ने 'मुसाफिर कैफे' के प्रचार के दौरान सफलता को नए नज़रिए से परिभाषित किया — पैसे और शोहरत से परे, अच्छी सेहत और रात की चैन भरी नींद को असली कामयाबी बताया। यह बयान मनोरंजन जगत में मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती खुलकर बातचीत का हिस्सा है।

मुख्य बातें

अभिनेता विक्रांत मैसी ने 15 सितंबर 2026 को कहा कि सफलता का अर्थ केवल पैसा नहीं, बल्कि अच्छी सेहत और मन की शांति भी है।
उन्होंने कहा — '20 साल पहले हम मानसिक स्वास्थ्य पर बात नहीं करते थे, आज खुलकर चर्चा हो रही है।' विक्रांत ने तकनीकी बदलाव को लेकर कहा कि आज सीखा हुनर कल बेकार हो सकता है — दुनिया तेज़ रफ़्तार से बदल रही है।
वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्यास पर आधारित है; इसमें वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
सीरीज आधुनिक रिश्तों और भावनाओं की कहानी पेश करती है और दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया पा रही है।

अभिनेता विक्रांत मैसी इन दिनों अपनी हालिया वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' की चर्चा के बीच सफलता की बदलती परिभाषा पर खुलकर बात कर रहे हैं। 15 सितंबर 2026 को मुंबई में हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कामयाबी सिर्फ करियर और दौलत तक सीमित नहीं रह गई — इसमें अच्छी सेहत, मानसिक शांति और खुशहाल जीवन भी उतने ही ज़रूरी हिस्से हैं।

सफलता की बदलती परिभाषा

विक्रांत ने कहा, '20 साल पहले हम मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात नहीं करते थे। आज इन चीजों पर खुलकर चर्चा हो रही है क्योंकि कहीं न कहीं हम सब समझ गए हैं कि सेहत ही सबसे बड़ी दौलत है।' उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वस्थ है, तो वह किसी भी तरह से सफल है।

अभिनेता ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, 'भले ही आपके पास बड़ा घर न हो, लेकिन अगर आप रात को चैन से सो पा रहे हैं, नींद की गोलियाँ नहीं लेनी पड़ रही हैं और आपके घर में बड़ों का सपोर्ट है, तो आप सफल हैं।' यह नज़रिया उस पीढ़ी की सोच को दर्शाता है जो भौतिक समृद्धि से परे भावनात्मक और शारीरिक सुकून को अहमियत दे रही है।

तेज़ बदलती दुनिया और सपनों पर असर

विक्रांत मैसी ने यह भी कहा कि तकनीक और बदलते सामाजिक परिवेश ने लोगों की सोच और उनके सपनों को तेज़ी से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, 'आज सफलता का मतलब कुछ और ही है और टेक्नोलॉजी की तरह यह भी तेज़ी से बदलने वाला है। आज कोई हुनर सीखते हैं, कल वही बेकार हो जाता है। दुनिया इसी स्पीड से चल रही है।'

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर संवाद तेज़ हुआ है, और मनोरंजन जगत के कई कलाकार खुलकर इस विषय पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

'मुसाफिर कैफे' को दर्शकों का प्यार

विक्रांत हाल ही में वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' में अभिनेत्री वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना के साथ नज़र आए। यह सीरीज लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के लोकप्रिय हिंदी उपन्यास पर आधारित है। आधुनिक रिश्तों, भावनाओं और सपनों की उलझन को बेहद सहज तरीके से पेश करती यह सीरीज दर्शकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया पा रही है।

विक्रांत मैसी का अभिनय इस सीरीज में भी प्रभावशाली बताया जा रहा है, और वेदिका पिंटो तथा महिमा मकवाना ने भी अपने किरदारों को पूरी गहराई से निभाया है।

क्यों मायने रखती है यह बात

एक लोकप्रिय अभिनेता का सफलता को पैसे और शोहरत से परे परिभाषित करना महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संदेश देता है, खासतौर पर युवा दर्शकों के लिए जो करियर और मानसिक दबाव के बीच संतुलन खोज रहे हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सामाजिक चर्चाओं में सार्वजनिक हस्तियों की भागीदारी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम करने में सहायक होती है। आगे देखना होगा कि 'मुसाफिर कैफे' की सफलता और इस बातचीत का असर विक्रांत के आगामी प्रोजेक्ट्स पर किस रूप में पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सफलता की परिभाषा को फिर से लिखा जा रहा है। हालांकि, आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि क्या एक स्थापित अभिनेता के लिए यह कहना आसान है, जबकि संघर्षरत कलाकारों के लिए आर्थिक सुरक्षा अभी भी पहली प्राथमिकता बनी हुई है। मानसिक स्वास्थ्य पर सार्वजनिक बातचीत ज़रूरी है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब उद्योग संरचनागत स्तर पर कलाकारों की भलाई को नीतिगत समर्थन दे।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रांत मैसी ने सफलता को कैसे परिभाषित किया?
विक्रांत मैसी ने कहा कि सफलता का मतलब केवल पैसा या बड़ा घर नहीं है — बल्कि अच्छी सेहत, रात को चैन की नींद और परिवार का सहयोग ही असली कामयाबी है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को सबसे बड़ी दौलत बताया।
'मुसाफिर कैफे' सीरीज किस पर आधारित है और इसमें कौन हैं?
'मुसाफिर कैफे' लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के लोकप्रिय हिंदी उपन्यास पर आधारित है। इसमें विक्रांत मैसी के साथ वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना मुख्य भूमिकाओं में हैं और सीरीज को दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
विक्रांत मैसी ने मानसिक स्वास्थ्य पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि 20 साल पहले मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात नहीं होती थी, लेकिन आज समाज इस विषय पर चर्चा करने लगा है। उनके अनुसार, यह बदलाव इस समझ से आया है कि सेहत ही सबसे बड़ी दौलत है।
विक्रांत मैसी ने तकनीक और बदलती दुनिया के बारे में क्या कहा?
अभिनेता ने कहा कि दुनिया इतनी तेज़ी से बदल रही है कि आज सीखा हुनर कल बेकार हो सकता है। उन्होंने इसे तकनीकी बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि सफलता की परिभाषा भी उसी रफ़्तार से बदल रही है।
'मुसाफिर कैफे' सीरीज किस विषय पर आधारित है?
यह सीरीज आधुनिक रिश्तों, भावनाओं और सपनों की उलझन को केंद्र में रखती है। दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्यास पर आधारित यह कहानी दर्शकों के बीच अपनी सहज और भावनात्मक प्रस्तुति के लिए सराही जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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