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4-डे वर्क वीक पर विक्रांत मैसी का जवाब: 'भारत को अभी 30-50 साल और मेहनत करनी होगी'

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4-डे वर्क वीक पर विक्रांत मैसी का जवाब: 'भारत को अभी 30-50 साल और मेहनत करनी होगी'

सारांश

विक्रांत मैसी ने 'मुसाफिर कैफे' प्रमोशन के दौरान साफ कहा — 4-डे वर्क वीक यूरोप में चल सकता है, भारत में नहीं। एक विकासशील अर्थव्यवस्था के तौर पर अगले 30-50 साल कड़ी मेहनत जरूरी है। इंडस्ट्री में 12 घंटे की शिफ्ट में भी असल शूटिंग महज 4-5 घंटे होती है।

मुख्य बातें

अभिनेता विक्रांत मैसी ने 22 जुलाई 2026 को 'मुसाफिर कैफे' प्रमोशन के दौरान 4-डे वर्क वीक पर अपना नजरिया साझा किया।
मैसी के अनुसार, उत्तरी यूरोप की कार्यशैली भारत में अभी संभव नहीं — भारत अभी भी विकासशील अर्थव्यवस्था है।
उन्होंने कहा कि भारत को कम से कम अगले 30, 40 या 50 सालों तक कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी।
मनोरंजन उद्योग में 12 घंटे की शिफ्ट में वास्तविक शूटिंग केवल 4-5 घंटे होती है; कभी-कभी 16-17 घंटे तक काम करना पड़ता है।
वैश्विक स्तर पर कई पश्चिमी देश 4-डे वर्क वीक को पायलट आधार पर अपना चुके हैं।

अभिनेता विक्रांत मैसी ने 22 जुलाई 2026 को वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' के प्रमोशन के दौरान 4-डे वर्क वीक पर अपना स्पष्ट और जमीनी नजरिया पेश किया — उनका कहना है कि यह अवधारणा भारत में फिलहाल व्यावहारिक नहीं है।

विक्रांत मैसी का मुख्य तर्क

मैसी ने कहा कि उत्तरी यूरोप के देशों में जिस तरह की जीवनशैली और काम करने का तरीका अपनाया जाता है, वैसा भारत में अभी संभव नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम अभी भी एक विकासशील अर्थव्यवस्था हैं और हमारा लोकतंत्र अभी काफी युवा है। एक देश के रूप में हमें अभी बहुत कुछ हासिल करना है — यह सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी जरूरी है।'

भारत की विकास यात्रा और श्रम संस्कृति

अभिनेता ने यह भी जोड़ा कि यदि भारत आने वाले दशकों में अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करना चाहता है, तो कड़ी मेहनत अपरिहार्य है। उन्होंने कहा, 'अगर हम सच में भारत को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं और उसकी असली क्षमता का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो एक युवा देश के तौर पर, कम से कम अगले 30, 40 या 50 सालों तक, हमें सच में बहुत मेहनत करनी होगी।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर 4-डे वर्क वीक को लेकर बहस तेज हो रही है और कई पश्चिमी देश इसे पायलट आधार पर लागू कर चुके हैं।

मनोरंजन उद्योग की कार्यस्थितियाँ

मैसी ने फिल्म और वेब इंडस्ट्री की कार्यसंस्कृति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह उद्योग बेहद खर्चीला है और शूटिंग के घंटे अनिश्चित रहते हैं। उनके अनुसार, '12 घंटे की शिफ्ट में भी असल शूटिंग केवल चार या पाँच घंटे होती है, जबकि कभी-कभी बजट और व्यावहारिक कारणों से 16-17 घंटे तक काम करना पड़ता है।' गौरतलब है कि मनोरंजन जगत में काम के अनिश्चित घंटे और छुट्टियों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं।

वैश्विक बनाम भारतीय संदर्भ

दुनियाभर में 4-डे वर्क वीक को लेकर शोध और परीक्षण जारी हैं। आलोचकों का कहना है कि भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था में श्रम उत्पादकता और आर्थिक विकास की प्राथमिकताएँ अभी भी यूरोपीय देशों से भिन्न हैं। मैसी का यह बयान उसी व्यापक बहस में एक व्यावहारिक भारतीय दृष्टिकोण जोड़ता है।

आगे का परिदृश्य

विक्रांत मैसी की वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' जल्द दर्शकों के सामने आने वाली है। वर्क-लाइफ बैलेंस पर उनकी यह राय भारतीय कामकाजी वर्ग के बीच व्यापक चर्चा को जन्म दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक बहस को छूता है जो भारत की श्रम नीति के केंद्र में है — क्या आर्थिक विकास और कर्मचारी कल्याण साथ-साथ चल सकते हैं? मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज एक सेलिब्रिटी की राय के रूप में पेश करती है, जबकि असल सवाल यह है कि भारत में श्रम कानून अभी भी उत्पादकता को कल्याण से ऊपर रखते हैं। मनोरंजन उद्योग में 16-17 घंटे की शिफ्ट का जिक्र खुद इस बात की गवाही देता है कि 'मेहनत' और 'शोषण' के बीच की रेखा अक्सर धुंधली हो जाती है। भारत की विकास यात्रा में कड़ी मेहनत जरूरी हो सकती है, लेकिन यह सवाल भी उतना ही जरूरी है कि यह बोझ किसके कंधों पर सबसे ज्यादा पड़ता है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रांत मैसी ने 4-डे वर्क वीक पर क्या कहा?
विक्रांत मैसी ने कहा कि 4-डे वर्क वीक उत्तरी यूरोप के देशों में काम कर सकता है, लेकिन भारत में अभी यह संभव नहीं है क्योंकि भारत एक विकासशील अर्थव्यवस्था है और देश को अभी बहुत कुछ हासिल करना है। उनके अनुसार अगले 30-50 वर्षों तक कड़ी मेहनत जरूरी है।
भारत में 4-डे वर्क वीक क्यों मुश्किल है?
भारत अभी भी एक विकासशील अर्थव्यवस्था है और इसकी आर्थिक विकास यात्रा अभी अधूरी है। विशेषज्ञों और उद्योग जगत के अनुसार, श्रम उत्पादकता और बुनियादी ढाँचे के मामले में भारत पश्चिमी देशों से पीछे है, जिससे कार्यदिवस घटाना फिलहाल व्यावहारिक नहीं।
मनोरंजन उद्योग में काम के घंटे कितने होते हैं?
विक्रांत मैसी के अनुसार, फिल्म और वेब इंडस्ट्री में 12 घंटे की शिफ्ट में असल शूटिंग केवल 4-5 घंटे होती है। बजट और व्यावहारिक कारणों से कभी-कभी 16-17 घंटे तक काम करना पड़ता है।
विक्रांत मैसी ने यह बयान कहाँ दिया?
यह बयान 22 जुलाई 2026 को वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' के प्रमोशन के दौरान दिया गया। इसी मंच पर उन्होंने भारत की कार्यसंस्कृति और वर्क-लाइफ बैलेंस पर अपने विचार साझा किए।
दुनिया में 4-डे वर्क वीक कहाँ लागू हो चुका है?
कई पश्चिमी और उत्तरी यूरोपीय देश 4-डे वर्क वीक को पायलट आधार पर अपना चुके हैं। आइसलैंड, यूके और जापान जैसे देशों में इसके परीक्षण सकारात्मक रहे हैं, हालाँकि भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में इसे लागू करना अभी भी बहस का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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