विधायक विनय बिहारी ने कानून में सुधार का सुझाव दिया, शराबबंदी के मुद्दे पर की गंभीर चर्चा
सारांश
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पटना, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में शराबबंदी को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी के विधायक विनय बिहारी ने कानून में सुधार की आवश्यकता जताई।
भाजपा विधायक विनय बिहारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "शराबबंदी के मामले में मैं यही कहूंगा कि बहुत से लोग कहते हैं कि भाजपा की सरकार या भाजपा समर्थित सरकारों में शराबबंदी नहीं है। सबसे अच्छा कानून गुजरात का है, इसलिए सरकार को चाहिए कि वह गुजरात के कानून को अपनाए। मैं महाराष्ट्र में कई वर्षों तक रहा हूं, वहां जो लोग सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते हुए पकड़े जाते हैं, उनकी करीब 5000 रुपये की एक पर्ची कट जाती है और 72 घंटे का समय दिया जाता है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की मौके पर ही मशीन से जांच होती है और 10,000 रुपये
उन्होंने आगे कहा, "जो हजारों लीटर शराब जब्त की जाती है, उसे जमीन में दफन किया जाता है और उसके ऊपर बुलडोजर चलाया जाता है। ऐसे में क्या हमारी धरती सुरक्षित रहेगी? मुझे यह बहुत ही बुरा लगता है कि जिस जमीन पर हम हैं, उसमें शराब डालकर और बुलडोजर चला कर हम उसे बर्बाद कर रहे हैं। मेरी मांग है कि शराब के मुद्दे पर गंभीरता से काम किया जाए, जिससे राजस्व
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "वर्तमान में सरकारी खजाना पूरी तरह से खाली हो चुका है और सरकार केवल जुमलेबाजी कर रही है। सड़क और भवन निर्माण में लगे लोगों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। ऐसे में स्पष्ट है कि सरकार दिवालिया होने की कगार पर है और केवल घोषणाओं की सरकार बनकर रह गई है। कुछ ही समय में यह भी पता चलेगा कि कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी बंद हो जाएगा।"