16 जुलाई 2026
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विश्व सर्प दिवस 2026: दिल्ली चिड़ियाघर में 900 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा, भारतीय कोबरा के तीन शावकों का सफल जन्म

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विश्व सर्प दिवस 2026: दिल्ली चिड़ियाघर में 900 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा, भारतीय कोबरा के तीन शावकों का सफल जन्म

सारांश

विश्व सर्प दिवस 2026 पर दिल्ली चिड़ियाघर सिर्फ जागरूकता तक नहीं रुका — भारतीय कोबरा के तीन शावकों का सफल जन्म और रेप्टाइल हाउस के आधुनिकीकरण की योजना बताती है कि सरीसृप संरक्षण अब संस्थागत प्राथमिकता बन रही है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने 16 जुलाई 2026 को विश्व सर्प दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में 900 से अधिक आगंतुक , 50 चिड़ियाघर कर्मी , 20 इंटर्न और 2 स्वयंसेवक शामिल हुए।
प्रशिक्षण सत्र वाइल्डलाइफ एसओएस, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित हुआ।
चिड़ियाघर में भारतीय कोबरा के 3 शावकों का सफल जन्म; रैट स्नेक के अंडों का कृत्रिम ऊष्मायन जारी।
चिड़ियाघर में सांपों की 6 प्रजातियों के 26 वयस्क और 3 नवजात सर्प मौजूद।
रेप्टाइल हाउस को अत्याधुनिक केंद्र में बदलने की आधुनिकीकरण योजना प्रस्तावित।

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) ने 16 जुलाई 2026 को विश्व सर्प दिवस के अवसर पर सांपों के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन और जन-जागरूकता को समर्पित एक विस्तृत कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन में लगभग 900 आगंतुकों सहित कुल 970 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो वन्यजीव संरक्षण के प्रति बढ़ती सार्वजनिक रुचि का प्रमाण है।

कार्यक्रम का विवरण

दिवस की शुरुआत चिड़ियाघर के स्थायी कर्मचारियों के लिए आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान से हुई, जिसमें सांपों की जीवविज्ञान, संरक्षण और सुरक्षित तरीके से उन्हें संभालने की तकनीकों पर जानकारी दी गई। इसके साथ ही सहायक कीपर, मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) और सरीसृप देखभाल कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित हुए।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वाइल्डलाइफ एसओएस, नई दिल्ली के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने सरीसृप देखभाल की आधुनिक पद्धतियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कुल 50 चिड़ियाघर कर्मियों, 20 इंटर्न और 2 स्वयंसेवकों ने इन प्रशिक्षण सत्रों में भाग लिया।

बच्चों के लिए विशेष गतिविधियाँ

आगंतुक बच्चों के लिए स्नेक-थीम डूडल गतिविधि और क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से सांपों के पारिस्थितिक महत्व, पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका और संरक्षण की आवश्यकता को सरल और रोचक तरीके से समझाया गया।

चिड़ियाघर में सांपों की वर्तमान स्थिति

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में वर्तमान में सांपों की 6 प्रजातियों के 26 वयस्क और 3 नवजात सर्प मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में चिड़ियाघर के संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं — भारतीय कोबरा (Indian Cobra) के तीन शावकों का सफल जन्म हुआ है, जबकि रैट स्नेक के अंडों का वर्तमान में कृत्रिम ऊष्मायन (artificial incubation) किया जा रहा है।

बुनियादी ढाँचे में सुधार

पिछले एक वर्ष में चिड़ियाघर प्रशासन ने सरीसृप देखभाल को उन्नत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें UV लाइटिंग सिस्टम की स्थापना, तापमान और आर्द्रता निगरानी उपकरण, रेप्टाइल हाउस में पर्यावरणीय समृद्धि उपाय, कोको पीट बिछाना और वैज्ञानिक पद्धति से अंडों का कृत्रिम ऊष्मायन शामिल हैं।

चिड़ियाघर की आगामी आधुनिकीकरण योजना के तहत मौजूदा रेप्टाइल हाउस को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसमें उन्नत तापमान नियंत्रण, बेहतर पर्यावरण प्रबंधन और आगंतुकों के लिए आधुनिक व्याख्या सुविधाएँ शामिल होंगी। भविष्य में और अधिक सरीसृप प्रजातियों को शामिल करने, संरक्षण प्रजनन और अनुसंधान को प्राथमिकता देने की भी योजना है।

निदेशक का संदेश

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक ने इस अवसर पर कहा कि सांप प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं और कृंतकों की आबादी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सरीसृपों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा वैज्ञानिक पशु प्रबंधन को आगे बढ़ाने की चिड़ियाघर की प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत में सरीसृप संरक्षण को लेकर संस्थागत दृष्टिकोण अधिक वैज्ञानिक और समुदाय-केंद्रित होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती यह है कि रेप्टाइल हाउस का प्रस्तावित आधुनिकीकरण कागज़ों से निकलकर समयबद्ध क्रियान्वयन तक पहुँचे। भारत में सर्पदंश से हर साल हज़ारों मौतें होती हैं — ऐसे में सांपों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामुदायिक जागरूकता का यह प्रयास केवल पर्यावरण शिक्षा नहीं, एक सार्वजनिक स्वास्थ्य ज़रूरत भी है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व सर्प दिवस 2026 पर दिल्ली चिड़ियाघर में क्या हुआ?
16 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने विश्व सर्प दिवस पर विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रशिक्षण सत्र, बच्चों के लिए डूडल गतिविधि और क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की। इस कार्यक्रम में 900 से अधिक आगंतुकों सहित कुल 970 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
दिल्ली चिड़ियाघर में अभी कितनी सांप प्रजातियाँ हैं?
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में वर्तमान में सांपों की 6 प्रजातियों के 26 वयस्क और 3 नवजात सर्प मौजूद हैं। इनमें भारतीय कोबरा और रैट स्नेक शामिल हैं।
दिल्ली चिड़ियाघर में भारतीय कोबरा के शावक कब पैदा हुए?
पिछले एक वर्ष के दौरान राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में भारतीय कोबरा के तीन शावकों का सफल जन्म हुआ है। इसके अलावा रैट स्नेक के अंडों का वर्तमान में कृत्रिम ऊष्मायन किया जा रहा है।
वाइल्डलाइफ एसओएस का इस कार्यक्रम में क्या योगदान रहा?
वाइल्डलाइफ एसओएस, नई दिल्ली के सहयोग से चिड़ियाघर कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें सरीसृप देखभाल, पशु कल्याण और सुरक्षित प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
दिल्ली चिड़ियाघर के रेप्टाइल हाउस के आधुनिकीकरण की क्या योजना है?
आगामी आधुनिकीकरण योजना के तहत मौजूदा रेप्टाइल हाउस को उन्नत तापमान नियंत्रण, बेहतर पर्यावरण प्रबंधन और आधुनिक आगंतुक सूचना सुविधाओं से युक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में और अधिक सरीसृप प्रजातियों को शामिल करने तथा संरक्षण प्रजनन व अनुसंधान को प्राथमिकता देने की भी योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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