वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया सोसायटी की 27वीं वार्षिक बैठक: भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 27वीं वार्षिक बैठक आयोजित हुई।
- भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- वन्यजीव संरक्षण के लिए नई पहलों पर चर्चा हुई।
- चिंता के विषयों में चीता और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का संरक्षण शामिल है।
- भविष्य की योजनाओं के लिए पूर्व निदेशकों के साथ बैठकें प्रस्तावित की गईं।
देहरादून, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून में शनिवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) सोसायटी की 27वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित की गई।
इस बैठक में सोसायटी ने 26वीं वार्षिक आम बैठक के कार्यवृत्त को स्वीकृति दी और पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की कार्यवाही रिपोर्ट की समीक्षा की। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए डब्ल्यूआईआई की वार्षिक रिपोर्ट और लेखापरीक्षित खातों को अनुमोदन के लिए रखा गया।
बैठक के दौरान सोसायटी ने पिछले वर्ष के दौरान डब्ल्यूआईआई की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर चर्चा की। इनमें चीता संरक्षण कार्यक्रम, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के लिए प्रजनन पहल, तथा प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं पर वन्यजीव क्रॉसिंग की दीर्घकालिक निगरानी शामिल हैं।
संस्थान ने अनुसंधान और प्रलेखन प्रयासों को आगे बढ़ाया, जिससे नई प्रजातियों की खोज, वैज्ञानिक प्रकाशनों में वृद्धि और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने में मदद मिली। प्रौद्योगिकी के उपयोग और राष्ट्रीय नदी अनुसंधान केंद्र की स्थापना से संबंधित पहलों का भी उल्लेख किया गया।
बैठक में देहरादून-दिल्ली राजमार्ग (एनएच-72ए) में वन्यजीव अंडरपास की निगरानी, दुनिया के सबसे लंबे राजमार्ग पुल पर वन्यजीवों के उपयोग के पहले साक्ष्य का दस्तावेजीकरण, और पेंच टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले एनएच-44 पर वन्यजीव क्रॉसिंग संरचनाओं की दीर्घकालिक निगरानी (2019-2025) पर चर्चा की गई, जिसमें शमन संरचनाओं के बहु-प्रजाति उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि डब्ल्यूआईआई के लिए विजन प्लान को आकार देने के लिए डब्ल्यूआईआई के पूर्व निदेशकों के साथ परामर्श बैठकें आयोजित की जाएं।
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जो वन्यजीव संरक्षण से संबंधित मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों को वन्यजीव अनुसंधान, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सलाहकार सहायता प्रदान करता है।