सिंधु नदी भारत की सभ्यतागत विरासत का प्रतीक: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का लद्दाख दौरा
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 20 जून 2026 को लद्दाख की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन लेह स्थित हॉल ऑफ फेम युद्ध स्मारक, पवित्र सिंधु घाट, उपशी स्थित पश्मीना बकरी फार्म और सिंधु नदी पर निर्मित पहले रॉक चेक डैम का दौरा किया। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना इस पूरी यात्रा में उनके साथ रहे।
हॉल ऑफ फेम: वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि
लेह स्थित हॉल ऑफ फेम युद्ध स्मारक में उपराष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सशस्त्र बलों के 'राष्ट्र सर्वोपरि: हमेशा और हर समय' के सिद्धांत को प्रत्येक नागरिक के लिए देशभक्ति और कृतज्ञता की प्रेरणा का स्रोत बताया। राधाकृष्णन ने भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन युद्धों के अभियानों को दर्शाने वाली दीर्घाओं का भी अवलोकन किया और इन्हें सशस्त्र बलों की वीरता के चिरस्थायी प्रमाण बताया।
सिंधु घाट: सभ्यतागत विरासत का संदेश
उपराष्ट्रपति ने लेह के निकट स्थित पवित्र सिंधु घाट पर पहुँचकर नदी के तट पर प्रार्थना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सिंधु नदी भारत की सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत प्रतीक है, जो अपनी अमर धरोहर के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी को प्रेरित करती आई है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सिंधु जल संधि को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है।
पश्मीना बकरी फार्म: महिला सशक्तिकरण और विरासत संरक्षण
उपशी स्थित पश्मीना बकरी फार्म के दौरे में उपराष्ट्रपति ने लद्दाख की अनूठी पश्मीना विरासत के संरक्षण के प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चांगथांगी बकरियाँ और उनसे उत्पादित विश्व प्रसिद्ध पश्मीना लद्दाख के लोगों की समृद्ध परंपराओं और प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करती हैं। राधाकृष्णन ने विशेष रूप से पश्मीना उत्पादन में लगी महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में फार्म की भूमिका की सराहना की।
सिंधु नदी पर पहला रॉक चेक डैम: जल सुरक्षा की नई पहल
उपशी में उपराष्ट्रपति ने सिंधु जल समृद्धि अभियान के अंतर्गत निर्मित सिंधु नदी पर बने पहले पत्थर के बाँध का निरीक्षण किया। उन्होंने इस पर्यावरण अनुकूल और किफायती परियोजना को लद्दाख की जल समस्याओं का अभिनव और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल समाधान बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना नदी के उथले हिस्सों में जलस्तर बढ़ाकर किसानों को बुवाई के मौसम में सिंचाई में सहायता देती है। इस पहल की परिकल्पना के लिए उन्होंने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की दूरदर्शिता की विशेष प्रशंसा की।
आईटीबीपी जवानों से मुलाकात और आगे का कार्यक्रम
दिन के अंतिम पड़ाव में उपराष्ट्रपति ने लद्दाख में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की पाँचवीं बटालियन के जवानों से मुलाकात की और कठिनतम परिस्थितियों में सीमा सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। राधाकृष्णन 19 से 21 जून 2026 तक लद्दाख के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं और 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे।