9 अगस्त 2026
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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा किया, 'हर घर तिरंगा' का उद्घाटन

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा किया, 'हर घर तिरंगा' का उद्घाटन

सारांश

अगस्त क्रांति दिवस पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उस ऐतिहासिक भूमि से 'हर घर तिरंगा अभियान' का उद्घाटन किया जहाँ नेताजी ने 1943 में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया था — इतिहास और वर्तमान का एक प्रतीकात्मक संगम।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 9 अगस्त 2026 को अगस्त क्रांति दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा किया।
श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर 'हर घर तिरंगा अभियान' का उद्घाटन किया गया।
उन्होंने उस ऐतिहासिक इमारत का भ्रमण किया जहाँ नेताजी दिसंबर 1943 में ठहरे थे, साथ ही स्मृतिका संग्रहालय और सेलुलर जेल से जुड़े स्थलों का दौरा किया।
उपराष्ट्रपति ने वीर विनायक दामोदर सावरकर और काला पानी के बंदियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
30 दिसंबर 1943 को नेताजी द्वारा इन्हीं द्वीपों पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया गया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 9 अगस्त 2026 को अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा किया और श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर 'हर घर तिरंगा अभियान' का औपचारिक उद्घाटन किया। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की स्मृति में मनाए जाने वाले इस दिन पर उपराष्ट्रपति की यह यात्रा राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को पुनर्जीवित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा रही।

ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण

राधाकृष्णन ने द्वीप पर उस ऐतिहासिक इमारत का दौरा किया जहाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस दिसंबर 1943 में अपनी ऐतिहासिक अंडमान यात्रा के दौरान ठहरे थे। इसके अलावा उन्होंने चर्च, सैनिकों की बैरक, गन पॉइंट क्षेत्र और स्मृतिका संग्रहालय का भी भ्रमण किया। संग्रहालय में उन्हें द्वीप के समृद्ध इतिहास और भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

राजकीय समारोह में संबोधन

डीबीआरएटी सभागार में आयोजित 'वंदे मातरम' राजकीय समारोह और तिरंगा संगीत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान के उद्घाटन के लिए इन ऐतिहासिक द्वीपों से अधिक उपयुक्त स्थान और कोई नहीं हो सकता, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम और तिरंगे के इतिहास से गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के अमर शब्दों को स्मरण करते हुए कहा कि भारती द्वारा मनाया जाने वाला 'मणि कोडी' उत्सव भारतीय भावना के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को दर्शाता है।

स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति ने काला पानी की यातनाएँ सहने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि बलिदानों की पवित्र भूमि है। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर और सेलुलर जेल में कष्ट सहने वाले अनगिनत देशभक्तों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका साहस, देशभक्ति और बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

तिरंगे का ऐतिहासिक संदर्भ

राधाकृष्णन ने 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के 'करो या मरो' के आह्वान का स्मरण कराया, जिसने लाखों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम में झोंक दिया था। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को इन्हीं द्वीपों पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था — जो स्वाधीनता संग्राम का एक अविस्मरणीय ऐतिहासिक क्षण था। गौरतलब है कि 'हर घर तिरंगा अभियान' राष्ट्रीय गौरव को जन-जन तक पहुँचाने की केंद्र सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सावरकर, काला पानी — को राष्ट्रीय एकता के आख्यान से जोड़ना सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो स्वतंत्रता संग्राम के विविध प्रतीकों को एक साथ समेटती है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि इन द्वीपों के विकास और आदिवासी समुदायों की स्थिति जैसे ज़मीनी मुद्दे इस प्रतीकात्मकता के बीच अक्सर हाशिये पर रह जाते हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा क्यों किया?
उपराष्ट्रपति ने 9 अगस्त 2026 को अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर 'हर घर तिरंगा अभियान' का उद्घाटन करने के लिए यह दौरा किया। यह द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा है क्योंकि नेताजी ने यहाँ 30 दिसंबर 1943 को पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
'हर घर तिरंगा अभियान' क्या है और इसका उद्घाटन कहाँ हुआ?
'हर घर तिरंगा अभियान' केंद्र सरकार की वह पहल है जो हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ने का लक्ष्य रखती है। इसका उद्घाटन 9 अगस्त 2026 को श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
यह द्वीप वह स्थान है जहाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने दिसंबर 1943 में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था — आज़ादी से पहले भारतीय भूमि पर तिरंगा फहराने का यह ऐतिहासिक क्षण था। उपराष्ट्रपति ने वह इमारत भी देखी जहाँ नेताजी अपनी यात्रा के दौरान ठहरे थे।
उपराष्ट्रपति ने अंडमान दौरे में कौन-कौन से स्थलों का भ्रमण किया?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नेताजी के ठहरने की ऐतिहासिक इमारत, चर्च, सैनिकों की बैरक, गन पॉइंट क्षेत्र और स्मृतिका संग्रहालय का दौरा किया। संग्रहालय में उन्हें द्वीप के इतिहास और भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी दी गई।
अगस्त क्रांति दिवस का क्या महत्व है?
अगस्त क्रांति दिवस प्रतिवर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। यह 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी द्वारा दिए गए 'करो या मरो' के आह्वान की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने भारत छोड़ो आंदोलन को निर्णायक गति प्रदान की थी।
राष्ट्र प्रेस
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