उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 8-9 अगस्त को अंडमान-निकोबार दौरे पर, सेलुलर जेल और 'हर घर तिरंगा' कार्यक्रम में होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 8 अगस्त 2026 से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे, जिसमें वे ऐतिहासिक सेलुलर जेल राष्ट्रीय स्मारक का दौरा करेंगे और 'हर घर तिरंगा अभियान' सहित कई राजकीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह दौरा राष्ट्रीय स्मृति और देशभक्ति की भावना को रेखांकित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले दिन का कार्यक्रम: सेलुलर जेल और शहीदों को श्रद्धांजलि
एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान के अनुसार, यात्रा के पहले दिन 8 अगस्त को उपराष्ट्रपति विजयपुरम स्थित सेलुलर जेल राष्ट्रीय स्मारक पहुँचेंगे। वहाँ वे शहीद स्तंभ पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, स्वतंत्रता ज्योति पर सम्मान व्यक्त करेंगे और वीर सावरकर की ऐतिहासिक कोठरी का दौरा करेंगे।
इसके पश्चात वे उस प्रकाश एवं ध्वनि शो में सम्मिलित होंगे जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गाथा और बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। गौरतलब है कि यह सेलुलर जेल वह स्थान है जहाँ अंग्रेज़ी शासन के दौरान सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों को कैद रखा गया था।
9 अगस्त: 'हर घर तिरंगा' और वंदे मातरम संगीत कार्यक्रम
दौरे के दूसरे दिन 9 अगस्त को उपराष्ट्रपति विजयपुरम के फ्लैग पॉइंट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर 'हर घर तिरंगा अभियान' में आधिकारिक रूप से भाग लेंगे। यह अभियान केंद्र सरकार द्वारा प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने के लिए चलाया जाता है।
बयान के अनुसार, डॉ. बीआर अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (DBRAIT) के सभागार में आयोजित राजकीय समारोह 'वंदे मातरम पर तिरंगा संगीत कार्यक्रम' में भी उपराष्ट्रपति की उपस्थिति रहेगी।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा
दोपहर में उपराष्ट्रपति ऐतिहासिक नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का भ्रमण करेंगे। यह द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा हुआ है और देश की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है।
पिछले महीने की गतिविधियाँ
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में समाज सुधारक एवं स्वतंत्रता सेनानी मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया था और मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन किया था। यह कार्यक्रम दिल्ली स्थित नायर सर्विस सोसाइटी द्वारा आयोजित किया गया था।
उस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा था कि मन्नथु पद्मनाभन 'आधुनिक भारत के महानतम समाज सुधारकों और राष्ट्र निर्माताओं में से एक' थे। उन्होंने यह भी कहा था कि 'उनका मानना था कि प्रत्येक मनुष्य समान गरिमा और समान अवसर का हकदार है। उनके जीवन भर के कार्यों से हमें यह सीख मिलती है कि वास्तविक सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब न्याय, करुणा और समावेशिता समाज के मार्गदर्शक सिद्धांत बन जाएं।'
आगे क्या
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त से ठीक एक सप्ताह पहले हो रहा यह दौरा देश के उपराष्ट्रपति की ओर से द्वीप समूह के निवासियों और सुरक्षा बलों के साथ राष्ट्रीय भावना साझा करने का प्रतीकात्मक संदेश देता है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की रणनीतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए यह यात्रा विशेष रूप से सार्थक मानी जा रही है।