9 अगस्त 2026
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सेल्युलर जेल में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दी श्रद्धांजलि, वीर सावरकर की कोठरी का किया दौरा

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सेल्युलर जेल में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दी श्रद्धांजलि, वीर सावरकर की कोठरी का किया दौरा

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल पहुँचे — वीर सावरकर की कोठरी में श्रद्धांजलि दी और कहा कि ब्रिटिश शासन का मनोबल टूटा, सावरकर का नहीं। यह यात्रा 'हर घर तिरंगा' अभियान और नेताजी द्वीप दौरे के साथ दो दिवसीय आधिकारिक प्रवास का हिस्सा है।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 8 अगस्त 2026 को पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल का दौरा कर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने वीर सावरकर की कोठरी, शहीद स्तंभ , फाँसीघर और संग्रहालय गैलरी का भ्रमण किया।
राधाकृष्णन ने सावरकर को 'अद्वितीय और निर्भीक क्रांतिकारी' बताया और कहा कि अंततः ब्रिटिश शासन का मनोबल टूटा , सावरकर का नहीं।
उपराज्यपाल एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी (सेवानिवृत्त) ने आईएनएस उत्क्रोश पर उनका स्वागत किया।
दो दिवसीय दौरे में 'हर घर तिरंगा' अभियान शुभारंभ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप की यात्रा भी शामिल है।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 8 अगस्त 2026 को पोर्ट ब्लेयर स्थित ऐतिहासिक सेल्युलर जेल का दौरा कर उन स्वतंत्रता सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अंडमान की इस कालापानी जेल में अकल्पनीय यातनाएँ सहीं। यह दौरा उनके अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के दो दिवसीय आधिकारिक प्रवास का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

उपराष्ट्रपति ने शहीद स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित किया और वीर सावरकर की कोठरी में जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्वतंत्र ज्योति, केंद्रीय टावर, फाँसीघर (गैलोज़) तथा संग्रहालय एवं प्रदर्शनी गैलरी का भ्रमण किया। स्वतंत्रता संग्राम की वीरगाथा को जीवंत करने वाले लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन भी उन्होंने किया।

वीर सावरकर पर उपराष्ट्रपति के उद्गार

राधाकृष्णन ने वीर सावरकर को एक अद्वितीय और निर्भीक क्रांतिकारी बताया और कहा कि उनकी प्रखर देशभक्ति ने युवाओं की कई पीढ़ियों को प्रेरणा दी है। सेल्युलर जेल में सावरकर के कारावास और कठोर व्यवहार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'स्वतंत्रता सेनानियों को जेल भेजने का उद्देश्य उनका मनोबल तोड़ना था, लेकिन वीर सावरकर कभी हतोत्साहित नहीं हुए। अंततः ब्रिटिश शासन का ही मनोबल टूट गया।'

उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध सावरकर का जीवन भर का संघर्ष एक ऐसी वीरतापूर्ण लड़ाई है जिसे इतिहास में कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। राधाकृष्णन के अनुसार, 'वीर सावरकर का महान बलिदान हमेशा हमें राह दिखाने वाली एक महान ज्योति के रूप में काम करेगा।' उन्होंने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध सावरकर के योगदान का भी विशेष उल्लेख किया।

राष्ट्रीय संप्रभुता पर संदेश

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर एक व्यापक संदेश देते हुए कहा कि भारत का अधिक शक्तिशाली बनने का प्रयास किसी अन्य देश पर अपनी शर्तें थोपने के लिए नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि दुनिया में कोई भी देश भारत पर अपनी शर्तें न थोप सके। उन्होंने कहा कि यही वास्तविक स्वतंत्रता है।

आगमन और स्वागत

उपराष्ट्रपति के आईएनएस उत्क्रोश (श्री विजया पुरम) पहुँचने पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी (सेवानिवृत्त) तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

आगे का कार्यक्रम

अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन 'हर घर तिरंगा' अभियान के शुभारंभ सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा भी करेंगे। यह यात्रा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के उन वीरों को राष्ट्रीय स्मरण का अवसर प्रदान करती है, जिनकी शहादत ने भारत की आज़ादी की नींव रखी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस यात्रा के ज़रिए उन्हें 'अद्वितीय क्रांतिकारी' के रूप में स्थापित करने का प्रयास स्पष्ट है। 'हर घर तिरंगा' अभियान के साथ इस दौरे का संयोजन बताता है कि अंडमान को एक प्रतीकात्मक राष्ट्रवादी धरातल के रूप में उभारा जा रहा है। असली सवाल यह है कि क्या इस प्रतीकात्मकता के साथ द्वीप समूह के विकास और स्थानीय आबादी की ज़रूरतों पर भी उतनी ही राजनीतिक ऊर्जा खर्च होती है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सेल्युलर जेल में क्या किया?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 8 अगस्त 2026 को पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल में शहीद स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित किया और वीर सावरकर की कोठरी में श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्र ज्योति, केंद्रीय टावर, फाँसीघर और संग्रहालय गैलरी का भ्रमण करने के साथ लाइट एंड साउंड शो भी देखा।
वीर सावरकर के बारे में उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने वीर सावरकर को 'अद्वितीय और निर्भीक क्रांतिकारी' बताया। उन्होंने कहा कि सेल्युलर जेल में अकल्पनीय कष्ट सहने के बावजूद सावरकर का मनोबल कभी नहीं टूटा और अंततः ब्रिटिश शासन का ही मनोबल टूट गया।
उपराष्ट्रपति का अंडमान दौरा कितने दिनों का है और इसमें क्या शामिल है?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दो दिवसीय दौरे पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में हैं। इस दौरान वे 'हर घर तिरंगा' अभियान का शुभारंभ करेंगे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का भी दौरा करेंगे।
सेल्युलर जेल का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
पोर्ट ब्लेयर स्थित सेल्युलर जेल, जिसे 'कालापानी' भी कहा जाता है, ब्रिटिश शासन में भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को कैद रखने का प्रमुख केंद्र था। वीर सावरकर सहित सैकड़ों क्रांतिकारियों ने यहाँ अमानवीय यातनाएँ सहीं, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम की सबसे कठोर अध्यायों में से एक है।
उपराष्ट्रपति के स्वागत में कौन उपस्थित थे?
आईएनएस उत्क्रोश (श्री विजया पुरम) पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का स्वागत अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी (सेवानिवृत्त) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों व गणमान्य व्यक्तियों ने किया। उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
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