20 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट: भाजपा बोली — आप और वामपंथी दलों का 'युवाओं को भड़काने का मौका' छिना

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सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट: भाजपा बोली — आप और वामपंथी दलों का 'युवाओं को भड़काने का मौका' छिना

सारांश

सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरण के बाद दिल्ली BJP ने AAP और वामपंथी दलों पर निशाना साधा। BJP प्रवक्ता कपूर का आरोप — विपक्ष युवाओं को भड़काने का मौका चूका; हाई कोर्ट ने वांगचुक की याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार किया।

मुख्य बातें

सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित किया गया।
दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने AAP और कम्युनिस्ट दलों पर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश का आरोप लगाया।
कपूर के अनुसार जंतर-मंतर पर दोनों दलों के 1,200 से 1,500 कार्यकर्ता तैनात थे।
दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने वांगचुक को विपक्ष का 'राजनीतिक मोहरा' बताया; सांसद कपिल सिब्बल व विवेक तन्खा ने उच्च न्यायालय में पैरवी की।
हाई कोर्ट ने वांगचुक की याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार किया।
नीट पुनर्परीक्षा 21 जून को संपन्न होने के बाद 28 जून को वांगचुक विपक्ष-प्रायोजित भूख हड़ताल में शामिल हुए — BJP का आरोप।

नई दिल्ली में सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित किए जाने के बाद दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली BJP के मीडिया प्रमुख एवं प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने रविवार, 19 जुलाई को कहा कि इस स्थानांतरण से AAP और कम्युनिस्ट दलों के नेता स्पष्ट रूप से बेचैन हो गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

कपूर ने कहा कि वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर अस्पताल भेजा गया, परंतु AAP और कम्युनिस्ट दल इसे एक ऐसे घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं जिसने उनसे युवाओं को भड़काने और गुमराह करने का अवसर छीन लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शनिवार को वांगचुक के जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद से दोनों दलों ने मिलकर अपने लगभग 1,200 से 1,500 कार्यकर्ताओं को वहाँ तैनात किया था।

कपूर के अनुसार, यदि कोई जंतर-मंतर का दौरा करे तो उसे या तो जेएनयू छात्रावासों से आए 500 से 700 मध्यम आयु वर्ग के लोग मिलेंगे या 250 से 300 कम पढ़े-लिखे युवा, जिनका नीट या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा से कोई संबंध नहीं है।

मीडिया के साथ दुर्व्यवहार पर आरोप

कपूर ने कहा कि शनिवार से जंतर-मंतर पर AAP और कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा प्रायोजित सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने मुख्यधारा के मीडियाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। उनके अनुसार यह व्यवहार इस आंदोलन की विफलता से उपजे असंतोष का स्पष्ट प्रमाण है।

दिल्ली BJP अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

इससे पहले दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि वांगचुक मामले में अंतरिम राहत की माँग के लिए सांसद कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा जैसे वरिष्ठ एवं उच्च शुल्क लेने वाले वकीलों का उच्च न्यायालय में पेश होना यह सिद्ध करता है कि वांगचुक कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष का एक राजनीतिक मोहरा हैं।

मल्होत्रा ने यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाना हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाई कोर्ट ने वांगचुक की ओर से दायर याचिका पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

नीट विवाद और वांगचुक की भूख हड़ताल

मल्होत्रा ने नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि 28 जून को AAP, कम्युनिस्ट पार्टियों और कांग्रेस द्वारा प्रायोजित प्रदर्शन में वांगचुक भूख हड़ताल में शामिल हुए, जबकि नीट की पुनर्परीक्षा 21 जून को संतोषजनक ढंग से संपन्न हो चुकी थी। BJP के अनुसार, यह तथ्य इस आंदोलन के राजनीतिक चरित्र को उजागर करता है।

आगे क्या

वांगचुक के सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरण के बाद राजनीतिक तनाव बना हुआ है। हाई कोर्ट द्वारा अंतरिम राहत न दिए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। विपक्षी दल अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि हाई कोर्ट का अंतरिम राहत से इनकार और पुनर्परीक्षा का 21 जून को संपन्न होना — ये दोनों तथ्य BJP की कथा को कुछ ठोस आधार देते हैं। दूसरी ओर, वरिष्ठ वकीलों की उपस्थिति को 'राजनीतिक मोहरे' का प्रमाण बताना अतिसरलीकरण है — कानूनी प्रतिनिधित्व किसी के राजनीतिक चरित्र का निर्धारण नहीं करता। असली सवाल यह है कि नीट सुधारों की माँग वैध है या नहीं — और वह बहस इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दब जाने का खतरा है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल क्यों शिफ्ट किया गया?
दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित किया। हाई कोर्ट ने वांगचुक की ओर से दायर याचिका पर कोई अंतरिम राहत देने से भी इनकार कर दिया।
दिल्ली BJP ने AAP और वामपंथी दलों पर क्या आरोप लगाए?
दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आरोप लगाया कि AAP और कम्युनिस्ट दल वांगचुक के अस्पताल शिफ्ट होने से बेचैन हैं क्योंकि उनसे युवाओं को भड़काने और गुमराह करने का मौका छिन गया। कपूर ने यह भी कहा कि दोनों दलों ने जंतर-मंतर पर 1,200 से 1,500 कार्यकर्ता तैनात किए थे।
BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने वांगचुक को 'राजनीतिक मोहरा' क्यों कहा?
दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि वांगचुक के मामले में सांसद कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा जैसे वरिष्ठ व उच्च शुल्क लेने वाले वकीलों का उच्च न्यायालय में पेश होना यह दर्शाता है कि वे पूरे विपक्ष के राजनीतिक मोहरे हैं, साधारण कार्यकर्ता नहीं।
नीट पुनर्परीक्षा और वांगचुक की भूख हड़ताल में क्या संबंध है?
BJP के अनुसार, नीट पुनर्परीक्षा 21 जून को संतोषजनक ढंग से संपन्न हो चुकी थी, फिर भी वांगचुक 28 जून को AAP, कम्युनिस्ट पार्टियों और कांग्रेस द्वारा प्रायोजित प्रदर्शन में भूख हड़ताल में शामिल हुए। BJP इसे आंदोलन के राजनीतिक चरित्र का प्रमाण मानती है।
जंतर-मंतर पर मीडियाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार का क्या मामला है?
दिल्ली BJP प्रवक्ता कपूर ने आरोप लगाया कि शनिवार से जंतर-मंतर पर AAP और कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा प्रायोजित सभा में कार्यकर्ताओं ने मुख्यधारा के मीडियाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। उनके अनुसार यह आंदोलन की विफलता से उपजे असंतोष का स्पष्ट संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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