मध्य पूर्व संघर्ष के बीच डब्ल्यूएचओ की परमाणु घटना की चेतावनी

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मध्य पूर्व संघर्ष के बीच डब्ल्यूएचओ की परमाणु घटना की चेतावनी

सारांश

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते परमाणु आपदा की संभावनाओं पर चिंता जताई है। हनान बाल्खी ने बताया कि विकिरण जोखिम से निपटने के लिए प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है। क्या यह वास्तव में एक गंभीर खतरा है?

मुख्य बातें

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने परमाणु घटना की चेतावनी दी है।
विकिरण जोखिम से निपटने के लिए प्रोटोकॉल की समीक्षा चल रही है।
परमाणु घटना का प्रभाव दशकों तक जारी रह सकता है।
डब्ल्यूएचओ की चेतावनी यूएस-इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच आई है।
अमेरिका ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की निदेशक (ईएमआरओ) हनान बाल्खी ने बताया कि संगठन मध्य पूर्व में परमाणु आपदा की संभावनाओं के प्रति सजग है। यूएस-इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते विकिरण जोखिम से निपटने के लिए प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।

पोलिटिको की एक रिपोर्ट में शीर्ष अधिकारी के बयान का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में “सबसे बुरा कुछ हो सकता है और वह एक परमाणु घटना है,” और यही चिंता का विषय है।

रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारी पूर्व में हुई न्यूक्लियर आपदाओं से अनुभव लेते हुए विकिरण जोखिम, बड़े पैमाने पर मृत्यु दर और पर्यावरणीय विध्वंस से निपटने के लिए प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रहे हैं।

बाल्खी ने चेतावनी दी कि न्यूक्लियर घटना का प्रभाव सीमित नहीं होगा, बल्कि यह दशकों तक जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, "हम जितनी भी तैयारी कर लें, यदि ऐसा होता है, तो इसके परिणाम दशकों तक रहेंगे। इससे न केवल संघर्षरत क्षेत्र में, बल्कि पूरे विश्व में तबाही मचेगी।"

डब्ल्यूएचओ की यह चेतावनी इस क्षेत्र में बढ़ते हमलों के बीच महत्वपूर्ण है, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सुविधाओं पर हमले शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि भले ही न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल न किया जाए, फिर भी एक “रेडियोलॉजिकल घटना” हो सकती है।

इस बीच, अमेरिका में, 'न्यूक्लियर डिटरेंस एंड केमिकल एंड बायोलॉजिकल डिफेंस' के सहायक रक्षा सचिव, रॉबर्ट कैडलेक, ने कहा कि अमेरिका की रणनीति “एक महत्वपूर्ण मोड़” पर खड़ी है।

वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने सांसदों को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक ही समय में दो परमाणु संपन्न देशों को रोकने की “अनोखी चुनौती” का सामना कर रहा है। सैन्य नेताओं ने चीन और रूस से बढ़ते खतरों के बारे में चेतावनी दी है।

कैडलक ने थिएटर-रेंज न्यूक्लियर ऑप्शन पर जोर देते हुए कहा, “एसएलसीएम-एन इसका एक उदाहरण है। यह अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ लड़ाई को प्रबंधित करने के लिए आवश्यक और महत्वपूर्ण उपकरण है।”

—राष्ट्र प्रेस

केआर/

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संघर्षों के बीच, एक संभावित परमाणु घटना की आशंका विश्व भर के लिए चिंता का विषय है। हमें इस खतरे के प्रति सजग रहना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डब्ल्यूएचओ ने परमाणु घटना की चेतावनी क्यों दी?
डब्ल्यूएचओ ने यूएस-इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते परमाणु अनहोनी की संभावना के चलते चेतावनी दी है।
क्या विकिरण जोखिम से निपटने के लिए प्रोटोकॉल में बदलाव हो रहे हैं?
हाँ, डब्ल्यूएचओ विकिरण जोखिम से निपटने के लिए प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रहा है।
परमाणु घटना का प्रभाव कैसे होगा?
परमाणु घटना का प्रभाव सीमित क्षेत्र तक नहीं रहेगा, बल्कि यह दशकों तक जारी रहेगा।
क्या अमेरिका इस स्थिति को लेकर चिंतित है?
हाँ, अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने भी इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
परमाणु हथियारों का उपयोग न होने पर भी क्या खतरा है?
हां, न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल न करने पर भी एक रेडियोलॉजिकल घटना हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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