डिमोना में मिसाइल घटना के बाद विकिरण के खतरे का खंडन, परमाणु स्थलों के पास संयम की अपील

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डिमोना में मिसाइल घटना के बाद विकिरण के खतरे का खंडन, परमाणु स्थलों के पास संयम की अपील

सारांश

आईएईए ने डिमोना में मिसाइल घटना के बाद विकिरण के खतरे का खंडन किया। एजेंसी ने संयम बरतने की अपील की है, विशेष रूप से परमाणु स्थलों के आसपास। जानें इस घटना के संदर्भ में क्या कहा गया है।

Key Takeaways

  • आईएईए ने डिमोना में विकिरण के खतरे का खंडन किया।
  • कोई नुकसान या असामान्य विकिरण स्तर नहीं मिला।
  • क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है।
  • ईरान ने हमलों की कड़ी निंदा की है।
  • संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

वियना, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने स्पष्ट किया है कि वह डिमोना में मिसाइल की घटना की ख़बरों पर बारीकी से नज़र रख रही है। इज़रायल के महत्वपूर्ण परमाणु अनुसंधान केंद्र में कोई भी नुकसान नहीं पाया गया है।

एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बयान में कहा कि उसे शहर में मिसाइल के प्रभाव से जुड़ी रिपोर्टों की जानकारी है, लेकिन नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है। यह केंद्र इज़रायल के परमाणु कार्यक्रम से गहराई से जुड़ा हुआ माना जाता है।

आईएईए ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि क्षेत्रीय देशों से मिली रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद किसी भी असामान्य विकिरण स्तर का पता नहीं चला है। महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने “अधिकतम सैन्य संयम” की आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर परमाणु सुविधाओं के निकट, ताकि किसी भी संकट से बचा जा सके जो परमाणु सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

यह चेतावनी उस समय आई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान में परमाणु ढांचे पर नए हमलों की ख़बरें सामने आई हैं।

आईएईए ने पहले कहा था कि उसे ईरानी अधिकारियों द्वारा नतांज परमाणु सुविधा पर हमले की सूचना मिली है। एजेंसी ने पुष्टि की है कि वह स्थिति की जांच कर रही है और उसे बाहरी क्षेत्रों में विकिरण स्तर बढ़ने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

ग्रोसी ने संयम बरतने की अपील की और चेतावनी दी कि परमाणु स्थलों के पास जारी सैन्य कार्रवाइयों के गंभीर और संभावित रूप से अपरिवर्तनीय परिणाम हो सकते हैं।

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अनुसार, दिन में पहले नतांज यूरेनियम संवर्धन सुविधा पर हुए हमले के लिए अमेरिका और इज़रायल जिम्मेदार थे। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है और आसपास रहने वाले लोग सुरक्षित हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए कथित अमेरिका-इज़रायल संयुक्त अभियान के बाद से ईरान की परमाणु सुविधाओं को बार-बार निशाना बनाया गया है।

सप्ताह की शुरुआत में फारस की खाड़ी तट पर बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास भी हमलों की ख़बरें आई थीं। ईरानी अधिकारियों ने इसे परमाणु से जुड़े स्थलों पर तीसरी घटना कहा है; इससे पहले नतांज और इस्फहान पर भी हमले हो चुके हैं।

तेहरान ने आईएईए से इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करने का अनुरोध किया है और चेतावनी दी है कि परमाणु ढांचे के निकट लगातार हमले “बहुत गंभीर और चिंताजनक स्थिति” उत्पन्न कर सकते हैं, जिसके वैश्विक प्रभाव हो सकते हैं।

Point of View

आईएईए की रिपोर्ट में विकिरण के खतरे का कोई संकेत नहीं मिला है। यह एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव जारी है। संयम की आवश्यकता है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या डिमोना में विकिरण का खतरा है?
आईएईए ने पुष्टि की है कि डिमोना में विकिरण का कोई खतरा नहीं है।
आईएईए ने क्या कहा?
आईएईए ने घटना के बाद किसी असामान्य विकिरण स्तर का पता नहीं लगाने की बात कही है।
ईरान और इज़रायल के बीच तनाव क्यों है?
ईरान के परमाणु ढांचे पर हमलों के चलते दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है।
क्या ईरान में कोई रेडियोधर्मी रिसाव हुआ है?
ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि नतांज पर हमले के बाद कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है।
आईएईए की अपील क्या है?
आईएईए ने परमाणु स्थलों के आसपास संयम बरतने की अपील की है।
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