रियासी में महिला तस्कर से 58 ग्राम गांजा बरामद, तीसरा एनडीपीएस मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पुलिस ने 19 मई 2026 को वरुण चौक, कटरा पर नियमित जाँच के दौरान एक महिला को 58 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान अमृतसर निवासी संजना के रूप में हुई है, जो वर्तमान में रियासी के सरस्वती चौक में रह रही थी।
मुख्य घटनाक्रम
कटरा पुलिस स्टेशन की एक टीम ने 19 मई को वरुण चौक पर नाकाबंदी के दौरान संजना को रोका। तलाशी में उसके पास से 58 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 8/20 के तहत कटरा थाने में मामला दर्ज किया गया।
यह उसके खिलाफ दर्ज तीसरा एनडीपीएस मामला है। पुलिस के अनुसार, इससे पहले जनवरी 2026 और अप्रैल 2026 में भी उसके विरुद्ध इसी अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
नशा मुक्त अभियान की पृष्ठभूमि
यह गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर पुलिस के चल रहे '100 दिवसीय नशा मुक्त अभियान' के तहत हुई है, जिसे पूरे केंद्र शासित प्रदेश में आक्रामक तरीके से चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस न केवल तस्करों को पकड़ रही है, बल्कि अवैध खेती को भी नष्ट कर रही है।
गौरतलब है कि बारामूला जिले की पुलिस ने भी 20 मई को इसी अभियान के तहत अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने की जानकारी दी। यह दर्शाता है कि अभियान पूरे जम्मू-कश्मीर में एक साथ सक्रिय है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस अभियान को नार्को-आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई करार दिया है। उनके अनुसार, नशे की तस्करी केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
रियासी पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग से जुड़ी किसी भी जानकारी को पुलिस के साथ साझा करें, ताकि नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग मिल सके।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशे की लत युवाओं के बीच एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। अभियान का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को नशे की लत से बचाना बताया गया है। बार-बार गिरफ्तार होने वाले आरोपियों के मामले यह भी संकेत देते हैं कि जमानत मिलने के बाद तस्करी का सिलसिला जारी रहता है, जो कानूनी व्यवस्था के लिए एक चुनौती है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, मामले की आगे की जाँच जारी है। तीन बार एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के कारण आरोपी संजना को जमानत मिलना कानूनी रूप से कठिन हो सकता है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में और भी कार्रवाइयाँ अपेक्षित हैं।