5 अक्टूबर 2026
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येदियुरप्पा ने SIR विवाद में निर्दोषों पर कार्रवाई की निंदा की, NDA प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राज्यपाल से मिलेगा

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येदियुरप्पा ने SIR विवाद में निर्दोषों पर कार्रवाई की निंदा की, NDA प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राज्यपाल से मिलेगा

सारांश

कर्नाटक में SIR विवाद राजनीतिक संकट बनता दिख रहा है। येदियुरप्पा ने निर्दोषों पर कार्रवाई को 'निंदनीय' बताया, CM शिवकुमार पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया, और NDA ने मंगलवार को राज्यपाल से मिलकर सरकार बर्खास्तगी की माँग करने का फैसला किया।

मुख्य बातें

बीएस येदियुरप्पा ने 5 अक्टूबर 2026 को कलबुर्गी में SIR विवाद में निर्दोष व्यक्तियों पर कार्रवाई की कोशिशों को 'निंदनीय' बताया।
उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर राज्य चुनाव आयोग के सामने धरना देकर सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
BJP और JD-S समेत NDA सहयोगी दलों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार, 6 अक्टूबर को राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा।
अशोक ने आरोप लगाया कि BJP-JD-S कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर घंटों थाने में बिठाया जा रहा है।
NDA प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी भी शामिल रहेंगे; राज्यपाल से वर्तमान सरकार की बर्खास्तगी की माँग की जाएगी।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने 5 अक्टूबर 2026 को कलबुर्गी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद में उन अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की कोशिशों की कड़ी निंदा की, जिन पर किसी गड़बड़ी का कोई आरोप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ वास्तविक नियम उल्लंघन हुआ हो, वहाँ कार्रवाई होनी चाहिए — लेकिन निर्दोषों को घेरना स्वीकार्य नहीं है।

येदियुरप्पा का स्पष्ट रुख

येदियुरप्पा ने कहा, 'हम कई दिनों से कह रहे हैं कि अगर कोई गलती हुई है तो कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन जिन्होंने कोई गलती नहीं की है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश निंदनीय है।' उन्होंने जोड़ा कि SIR में हुई वास्तविक अनियमितताओं को सामूहिक रूप से सुधारा जाना चाहिए और दोषियों की ही जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा, 'SIR में कुछ गड़बड़ियाँ हैं। आइए हम सब मिलकर उन्हें ठीक करें। हमें गलतियों को सुधारने में कोई आपत्ति नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब SIR को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण है।

शिवकुमार पर गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा राज्य चुनाव आयोग के सामने किए गए विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए येदियुरप्पा ने आरोप लगाया कि शिवकुमार ने सरकारी अधिकारियों पर अनुचित दबाव डालने और अपने पद का दुरुपयोग करने की कोशिश की है।

येदियुरप्पा के अनुसार, 'मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य चुनाव आयोग के सामने धरना और विरोध प्रदर्शन करके सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की है।' उन्होंने रात के समय विरोध प्रदर्शन के तरीके को भी असामान्य बताते हुए कहा कि अधिकारियों को डराने के उद्देश्य से पहले कभी इस तरह रात में धरना नहीं दिया गया था।

NDA का राज्यपाल से मिलने का फैसला

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) (JD-S) समेत NDA के सहयोगी दलों ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। बेंगलुरु में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बताया, 'हम मंगलवार को गवर्नर से मिलेंगे और उन्हें एक ज्ञापन सौंपेंगे।'

अशोक ने आरोप लगाया कि BJP और JD-S के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है और घंटों तक पुलिस थानों में बिठाकर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक के सभी पुलिस थानों को कांग्रेस के दफ्तरों में बदल दिया गया है।' उन्होंने राज्यपाल से मौजूदा सरकार को बर्खास्त करने की माँग करने की भी बात कही। इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और NDA के अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल रहेंगे।

SIR विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि SIR — यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण — एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसे चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन रखने के लिए संचालित करता है। कर्नाटक में इस प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP-JD-S के बीच तनाव तेज हो गया है।

यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब कर्नाटक में अगले स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और मतदाता सूचियों की शुद्धता को लेकर सभी दल सतर्क हैं। आने वाले दिनों में राज्यपाल की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का रुख इस विवाद की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि BJP ने खुद राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची शुद्धि अभियानों का समर्थन किया है — जो इस आलोचना में एक विरोधाभास उत्पन्न करता है। CM शिवकुमार का चुनाव आयोग के सामने रात में धरना देना प्रशासनिक दबाव की दृष्टि से असामान्य कदम है, जो विपक्ष को नैरेटिव निर्माण का अवसर देता है। राज्यपाल की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का अगला कदम ही तय करेगा कि यह विवाद प्रशासनिक सुधार की दिशा लेता है या विशुद्ध राजनीतिक टकराव बन जाता है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SIR विवाद क्या है और कर्नाटक में इसे लेकर विवाद क्यों है?
SIR यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित चुनाव आयोग प्रक्रिया है। कर्नाटक में इस प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP-JD-S के बीच तीव्र राजनीतिक टकराव उत्पन्न हो गया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं।
येदियुरप्पा ने किस बात की निंदा की?
बीएस येदियुरप्पा ने SIR में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की कोशिशों की निंदा की, जिन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की। उनका कहना है कि केवल वास्तविक नियम उल्लंघन के दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, निर्दोषों को नहीं घेरा जाना चाहिए।
NDA प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से क्या माँग करेगा?
विपक्ष के नेता आर. अशोक के अनुसार, NDA प्रतिनिधिमंडल मंगलवार 6 अक्टूबर को राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और कर्नाटक की वर्तमान कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की माँग करेगा। BJP-JD-S कार्यकर्ताओं की कथित गिरफ्तारियों का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
CM शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
येदियुरप्पा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य चुनाव आयोग के सामने रात में धरना देकर सरकारी अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने और अपने पद का दुरुपयोग करने की कोशिश की। उनके अनुसार, इस तरह का रात्रिकालीन विरोध अधिकारियों को डराने-धमकाने के उद्देश्य से किया गया।
इस प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे?
NDA के राज्यपाल मुलाकात प्रतिनिधिमंडल में विपक्ष के नेता आर. अशोक के नेतृत्व में BJP और JD-S के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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