येदियुरप्पा ने SIR विवाद में निर्दोष अधिकारियों पर कार्रवाई की निंदा की, NDA कल राज्यपाल से मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को कलबुर्गी में स्पष्ट शब्दों में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद में जिन अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं रही, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश सर्वथा निंदनीय है। उन्होंने साथ ही मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर राज्य चुनाव आयोग के समक्ष धरना देकर सरकारी अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया।
येदियुरप्पा का मुख्य बयान
येदियुरप्पा ने कहा, 'हम कई दिनों से कह रहे हैं कि अगर कोई गलती हुई है तो कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन जिन्होंने कोई गलती नहीं की है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश निंदनीय है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि SIR में हुई वास्तविक अनियमितताओं को सुधारने में उनकी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है और सभी पक्षों को मिलकर समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी वास्तव में नियम-उल्लंघन के दोषी पाए जाएँ, उन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए — परंतु निर्दोषों को दंडित करना न्यायसंगत नहीं है।
मुख्यमंत्री के धरने पर तीखी आपत्ति
येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस विरोध प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की, जो राज्य चुनाव आयोग के सामने आयोजित हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया, 'मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य चुनाव आयोग के सामने धरना और विरोध प्रदर्शन करके सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की है। उन्होंने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने की कोशिश की है।'
येदियुरप्पा ने विशेष रूप से रात के समय हुए विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह का रात्रिकालीन धरना अधिकारियों को डराने-धमकाने की नीयत से दिया गया प्रतीत होता है, जो पहले कभी नहीं देखा गया।
NDA का राज्यपाल से मिलने का फैसला
बेंगलुरु में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विपक्ष के नेता आर. अशोक ने घोषणा की कि NDA का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को राज्यपाल से मुलाकात करेगा और एक ज्ञापन सौंपेगा।
अशोक ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेकुलर) [JD(S)] के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर घंटों पुलिस थाने में बिठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक के सभी पुलिस स्टेशनों को कांग्रेस के दफ्तरों में बदल दिया गया है।' इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और अन्य NDA नेता भी शामिल रहेंगे। अशोक ने राज्यपाल से मौजूदा राज्य सरकार को बर्खास्त करने की माँग करने का भी संकेत दिया।
SIR विवाद की पृष्ठभूमि
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी NDA दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले चुनावों की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में जारी हैं और मतदाता सूची की शुद्धता एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
आगे क्या होगा
NDA प्रतिनिधिमंडल का मंगलवार को राज्यपाल से मिलना और ज्ञापन सौंपना तय है, जिससे इस विवाद में राजभवन की भूमिका केंद्र में आ सकती है। गौरतलब है कि इस मामले में येदियुरप्पा ने 'सामूहिक सुधार' का रास्ता सुझाया है, जबकि अशोक का स्वर अधिक आक्रामक है — जो NDA के भीतर रणनीतिक दृष्टिकोण की भिन्नता को दर्शाता है।