योगी आदित्यनाथ का राहुल गांधी पर हमला: 'कांग्रेस युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम 'प्रेरणा विमर्श-2026' के समापन समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें 'कांग्रेस का युवराज' संबोधित करते हुए कहा कि उनका आचरण 'झूठ की गूंज' में नारी शक्ति का खुला अपमान है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश को ऐसे 'पथभ्रष्ट' लोगों से उम्मीद रखना बंद कर देना चाहिए।
हामिद अंसारी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया वक्तव्य को 'दुर्भाग्यपूर्ण और डरावना' करार दिया। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जाती है। योगी ने कहा, 'काश वह भारत की समदृष्टि को समझ पाते, तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि को कभी नहीं कोसते।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय पहचान और अल्पसंख्यक मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज़ है। गौरतलब है कि अंसारी के वक्तव्य ने पहले से ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की थी।
महिला सशक्तीकरण के आँकड़े गिनाए
मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तीकरण को केवल भाषण नहीं, बल्कि ज़मीनी बदलाव बताते हुए कई उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने कहा कि देशभर में तीन करोड़ परिवारों को 'घरौनी' के ज़रिए मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं को है। इसके अलावा 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और उतने ही घरों में शौचालय की सुविधा दी गई।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 54 हज़ार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखियाँ गाँवों में बैंकिंग सेवाएँ प्रदान कर रही हैं। महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36-37 प्रतिशत हो गई है।
झाँसी के बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में पाँच महिलाओं से शुरू हुए इस समूह से आज 62 हज़ार महिलाएँ जुड़ी हैं। इसका सालाना टर्नओवर ₹115 करोड़ है और प्रत्येक महिला ₹8,000 से ₹10,000 मासिक कमा रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी ऐसे मिल्क प्रोड्यूसर समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब चार लाख महिलाएँ जुड़ी हैं।
पुलिस भर्ती में भी उन्होंने बड़ा बदलाव गिनाया — 2017 में यूपी पुलिस में केवल 10 हज़ार महिलाएँ थीं, जो अब 44 हज़ार हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अगले तीन-चार महीनों में यह संख्या 50 हज़ार से अधिक हो जाएगी।
यूपी की अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए दावे
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी 'बीमारू राज्य' कहलाने वाला उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और भारत का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है। उनके अनुसार प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। 96 लाख MSME इकाइयों में सवा तीन करोड़ युवा कार्यरत हैं। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से ₹15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश ज़मीन पर उतरा और 65 लाख से अधिक युवाओं को रोज़गार मिला।
स्टार्टअप के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जो अब बढ़कर 24 हज़ार से अधिक हो गए हैं — जिनमें से करीब आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं।
राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा का आह्वान
मुख्यमंत्री ने युवाओं को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 'राष्ट्र प्रथम' है और जब देश सुरक्षित होगा, तभी धर्म, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित रहेंगे।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने महर्षि अरविंद को उद्धृत करते हुए कहा कि जो समाज अपने इतिहास का गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपने समझता है, वही उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होता है। संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने बताया कि 'प्रेरणा विमर्श-2026' का विषय 'उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान' है और यह आयोजन 2020 से कृपा शंकर के मार्गदर्शन में हर वर्ष होता आ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी के इस भाषण ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक तेवर और तीखे होंगे — नारी शक्ति और युवा स्वावलंबन के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध और गहराने की संभावना है।