आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज: हर साल MP-राजस्थान के 200 नवजातों को मिल रहा नया जीवन
सारांश
मुख्य बातें
आगरा के सरोजनी नायडू (एसएन) मेडिकल कॉलेज की सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) अब केवल उत्तर प्रदेश के नवजातों की जान नहीं बचा रही, बल्कि हर वर्ष मध्य प्रदेश और राजस्थान के लगभग 200 बच्चों को भी नया जीवन दे रही है। योगी सरकार द्वारा प्रदेश में नवजात मृत्यु दर (आईएमआर) घटाने के लिए अपग्रेड की जा रही इन स्वास्थ्य इकाइयों का लाभ अब पड़ोसी राज्यों तक पहुँच रहा है।
किन राज्यों से आ रहे हैं बच्चे
एसएन मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू के नोडल अधिकारी प्रो. नीरज यादव के अनुसार, राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर तथा मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना समेत दोनों राज्यों के करीब एक दर्जन जिलों से बीमार नवजात यहाँ इलाज के लिए लाए जाते हैं। बाल रोग विभाग में सालाना लगभग 1,800 मरीज भर्ती होते हैं, जिनमें से लगभग 1 प्रतिशत यानी करीब 200 बच्चे दूसरे राज्यों के होते हैं।
एक माँ की कहानी: राजस्थान से आगरा तक की दौड़
राजस्थान के धौलपुर जिले की 27 वर्षीय सुमन ने बताया कि जन्म के छठे दिन उनके बच्चे की तबियत बिगड़ी तो वे सीधे आगरा भागीं, क्योंकि उन्हें पहले से पता था कि एसएन मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज मिलता है। 18 अप्रैल को बच्चे का इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे को संक्रमण था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसे सी-पैप सपोर्ट पर रखा गया और धीरे-धीरे वह स्वस्थ होकर घर लौट गया। सुमन ने कहा,