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कापू टिप्पणी विवाद: वाईएसआरसीपी ने उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से माफी की मांग की

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कापू टिप्पणी विवाद: वाईएसआरसीपी ने उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से माफी की मांग की

सारांश

वाईएसआरसीपी ने उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण पर कापू नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की। साथ ही कापू आरक्षण और नेस्थम जैसे अधूरे वादों पर भी घेरा। जन सेना ने तीखा पलटवार किया।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी ने 22 जून को काकीनाडा में प्रेस वार्ता कर उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से कापू समुदाय पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की।
पूर्व मंत्री कुरासला कन्नाबाबू , दादिसेट्टी राजा और पूर्व सांसद वांगा गीता ने आरोप लगाया कि पवन कल्याण को राज्य के गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
वाईएसआरसीपी ने कापू आरक्षण , कापू नेस्थम और कापू निगम को वार्षिक आवंटन जैसे अधूरे वादों पर पवन कल्याण की चुप्पी पर सवाल उठाए।
रमेश बाबू ने चेतावनी दी कि कापू समुदाय का नाम घसीटने पर जनता वाईएसआरसीपी को राजनीतिक जवाब देगी।
वाईएसआरसीपी ने कहा कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर व्यक्तिगत हमले जारी रहे तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

आंध्र प्रदेश में राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने राज्य के उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण से कापू समुदाय के विरुद्ध की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों के लिए तत्काल सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। 22 जून को काकीनाडा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज़ उठाई।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

कापू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले वाईएसआरसीपी नेताओं — पूर्व मंत्री कुरासला कन्नाबाबू और दादिसेट्टी राजा, पूर्व सांसद वांगा गीता तथा काकीनाडा संसदीय क्षेत्र के विधानसभा समन्वयकों — ने आरोप लगाया कि पवन कल्याण ने समुदाय के नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि बोत्सा सत्यनारायण, मुद्रगदा पद्मनाभम, थोता त्रिमूर्ति और वंगा गीता जैसे नेताओं का अपमान पूरे कापू समुदाय का अपमान है।

सरकार पर विफलता के आरोप

वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के पास हिरासत में हुई मौतों, लापता शवों, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और पुलिस सुरक्षा आयोग (डीएससी) की कथित अनियमितताओं पर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं है। नेताओं का कहना है कि इन्हीं गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पवन कल्याण का इस्तेमाल 'मोहरे' के रूप में किया जा रहा है।

कापू आरक्षण के अधूरे वादों पर सवाल

नेताओं ने पवन कल्याण पर कापू समुदाय से किए गए वादों — जिनमें कापू आरक्षण, कापू नेस्थम योजना और कापू निगम को वार्षिक आवंटन शामिल हैं — पर चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया। उनका तर्क है कि जो नेता अपने ही समुदाय के हितों की अनदेखी कर रहा हो, उसे समुदाय के नाम पर राजनीति करने का अधिकार नहीं।

जन सेना की पलटवार

जन सेना पार्टी ने वाईएसआरसीपी के आरोपों को खारिज करते हुए तीखा जवाब दिया। पार्टी विधायक पी. रमेश बाबू ने चेतावनी दी कि यदि वाईएसआरसीपी नेताओं ने पवन कल्याण पर हमला करते हुए कापू समुदाय का नाम घसीटा, तो जनता उन्हें राजनीतिक रूप से करारा जवाब देगी।

आगे क्या होगा

वाईएसआरसीपी ने स्पष्ट किया है कि यदि वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर व्यक्तिगत हमले जारी रहे तो पार्टी मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी। पार्टी ने संकल्प लिया है कि वह आंध्र प्रदेश में कापू समुदाय और सभी हाशिए पर खड़े वर्गों को न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी जड़ें आंध्र प्रदेश की जातीय-राजनीतिक गणनाओं में गहरी हैं — जहाँ कापू वोट बैंक को साधना हर दल की प्राथमिकता रही है। वाईएसआरसीपी का यह कदम विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा है जो गठबंधन सरकार को हिरासत मौतों और डीएससी अनियमितताओं जैसे ठोस प्रशासनिक सवालों पर घेरना चाहती है। दूसरी तरफ, जन सेना का पलटवार बताता है कि पवन कल्याण को 'कापू पुत्र' की छवि की राजनीतिक कीमत का पूरा अहसास है। असली परीक्षा यह है कि क्या कापू आरक्षण और नेस्थम जैसे वादे विधानसभा में ठोस कानून की शक्ल लेते हैं — या सिर्फ चुनावी मंचों की शोभा बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाईएसआरसीपी ने पवन कल्याण से माफी क्यों मांगी?
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कापू समुदाय और उसके नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। पार्टी का कहना है कि बोत्सा सत्यनारायण, मुद्रगदा पद्मनाभम जैसे नेताओं का अपमान पूरे कापू समुदाय का अपमान है।
कापू समुदाय के लिए पवन कल्याण के कौन से वादे अधूरे बताए गए हैं?
वाईएसआरसीपी ने कापू आरक्षण, कापू नेस्थम योजना और कापू निगम को वार्षिक आवंटन जैसे वादों पर पवन कल्याण की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। नेताओं का आरोप है कि सत्ता में आने के बाद इन वादों को भुला दिया गया।
जन सेना पार्टी ने वाईएसआरसीपी के आरोपों पर क्या कहा?
जन सेना विधायक पी. रमेश बाबू ने चेतावनी दी कि यदि वाईएसआरसीपी नेताओं ने पवन कल्याण पर हमला करते हुए कापू समुदाय का नाम घसीटा, तो जनता उन्हें राजनीतिक रूप से करारा जवाब देगी।
वाईएसआरसीपी ने चंद्रबाबू नायडू पर क्या आरोप लगाए?
वाईएसआरसीपी का आरोप है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू हिरासत में मौतों, लापता शवों, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और डीएससी अनियमितताओं जैसे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पवन कल्याण का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस विवाद का आंध्र प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
कापू समुदाय आंध्र प्रदेश में एक बड़ा वोट बैंक है और इस विवाद से गठबंधन सरकार व विपक्ष दोनों के लिए समुदाय को साधने की चुनौती बढ़ सकती है। वाईएसआरसीपी ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को आगे भी जीवित रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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