24 सितंबर 2026
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युद्ध अभ्यास 2026: महाजन रेंज में पिनाका-हिमार्स की गर्जना, भारत-अमेरिका की संयुक्त मारक शक्ति का प्रदर्शन

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युद्ध अभ्यास 2026: महाजन रेंज में पिनाका-हिमार्स की गर्जना, भारत-अमेरिका की संयुक्त मारक शक्ति का प्रदर्शन

सारांश

राजस्थान के महाजन रेंज में भारत-अमेरिका के 'युद्ध अभ्यास 2026' ने रक्षा साझेदारी का नया आयाम दिखाया — पिनाका से हिमार्स तक, अपाचे से स्वाति रडार तक। अमेरिकी राजदूत की मौजूदगी ने इसे कूटनीतिक संदेश भी बना दिया।

मुख्य बातें

24 सितंबर 2026 को राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 'युद्ध अभ्यास 2026' के तहत भारत-अमेरिका संयुक्त फायरिंग प्रदर्शन हुआ।
भारतीय सेना ने पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर , एम777 हॉवित्जर , धनुष आर्टिलरी , अपाचे हेलीकॉप्टर और स्वाति रडार का प्रदर्शन किया।
अमेरिकी सेना ने हिमार्स (HIMARS) और एम-लिड्स (M-LIDS) प्रणालियों से अपनी क्षमता दिखाई।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे अभ्यास में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' महज़ दो दिन में शुरू होने वाला है।

राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 24 सितंबर 2026 को भारत और अमेरिका की सेनाओं ने संयुक्त 'युद्ध अभ्यास 2026' के तहत एक व्यापक फायरिंग प्रदर्शन किया, जिसमें तोपखाने, रॉकेट लॉन्चर, लड़ाकू हेलीकॉप्टर और वायु रक्षा प्रणालियों को एकीकृत रूप से संचालित दिखाया गया। इस अभ्यास में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और 10वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्य हथियार प्रणालियाँ और प्रदर्शन

भारतीय सेना की ओर से पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर और धनुष आर्टिलरी सिस्टम ने अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, एल70 वायु रक्षा गन और स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार भी इस संयुक्त कवायद का अभिन्न हिस्सा रहे।

अमेरिकी सेना ने अपनी ओर से हिमार्स (HIMARS) और एम-लिड्स (M-LIDS) प्रणालियों के साथ अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के चुनौतीपूर्ण मैदानी वातावरण को इस संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए उपयुक्त माना गया, क्योंकि यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ वास्तविक युद्धक्षेत्र के निकट हैं।

अभ्यास का सामरिक उद्देश्य

इस फायरिंग प्रदर्शन का उद्देश्य केवल हथियार प्रणालियों की क्षमता दिखाना नहीं था। दोनों सेनाओं ने जटिल सैन्य अभियानों की संयुक्त योजना बनाने, उन्हें समन्वित करने और प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने की दक्षता को भी परखा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के संयुक्त अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच संचालनात्मक तालमेल और पेशेवर विश्वास मज़बूत होता है।

गौरतलब है कि 'युद्ध अभ्यास' श्रृंखला भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की नींव में से एक है और इसके ज़रिए दोनों सेनाएं एक-दूसरे की प्रणालियों, प्रक्रियाओं और सामरिक तरीकों को आत्मसात करती हैं।

राजदूत की उपस्थिति और कूटनीतिक संदेश

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अभ्यास स्थल पर पहुँचकर कहा कि 'युद्ध अभ्यास 2026' भारत के सबसे बड़े द्विपक्षीय रक्षा अभ्यासों में शुमार है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारतीय और अमेरिकी सैनिकों को एक साथ प्रशिक्षण करते देख उत्साहित हैं। राजनयिक स्तर पर राजदूत की यह उपस्थिति भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

तरंग शक्ति 2026 का आगाज़ भी निकट

यह अभ्यास ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' शुरू होने में महज़ दो दिन शेष बचे हैं। इस प्रकार थल सेना और वायु सेना — दोनों स्तरों पर भारत की बहुआयामी रक्षा कूटनीति एक साथ सक्रिय दिख रही है।

आगे की राह

'युद्ध अभ्यास 2026' में भारतीय और अमेरिकी जवान अभी भी कई तरह के संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी रखेंगे। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ यह प्रदर्शन दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा एकीकरण की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है, और आने वाले समय में यह सहयोग और व्यापक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि संयुक्त प्रदर्शन और वास्तविक अंतर-संचालनीयता के बीच का अंतर अभी पूरी तरह पाटा नहीं गया है — सामग्री, लॉजिस्टिक्स और डेटा-शेयरिंग प्रोटोकॉल में एकरूपता अभी भी एक चुनौती है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

युद्ध अभ्यास 2026 क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
'युद्ध अभ्यास 2026' भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच एक द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जा रहा है। इसे भारत के सबसे बड़े द्विपक्षीय रक्षा अभ्यासों में गिना जाता है।
24 सितंबर के फायरिंग प्रदर्शन में कौन-कौन सी हथियार प्रणालियाँ शामिल थीं?
भारतीय सेना ने पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, धनुष आर्टिलरी, एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर, एल70 वायु रक्षा गन और स्वाति रडार का प्रदर्शन किया। अमेरिकी सेना ने हिमार्स और एम-लिड्स प्रणालियों से अपनी क्षमता दिखाई।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का महाजन दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
राजदूत सर्जियो गोर का सीधे फायरिंग रेंज पर पहुँचना भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को राजनयिक समर्थन का संकेत माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास भारत के सबसे बड़े द्विपक्षीय रक्षा अभ्यासों में से है और दोनों देशों के सैनिकों का साथ प्रशिक्षण लेना उत्साहजनक है।
तरंग शक्ति 2026 अभ्यास कब शुरू होगा?
भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' युद्ध अभ्यास के इस चरण के महज़ दो दिन बाद शुरू होने वाला है। यह एक अलग बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास है।
युद्ध अभ्यास 2026 से भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को क्या फायदा होता है?
इस तरह के नियमित संयुक्त अभ्यास से दोनों सेनाएं एक-दूसरे की हथियार प्रणालियों, प्रक्रियाओं और युद्धक तरीकों को समझती हैं। इससे संचालनात्मक तालमेल, पेशेवर भरोसा और जटिल युद्धक्षेत्र में साझा अभियान चलाने की क्षमता मज़बूत होती है।
राष्ट्र प्रेस
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