अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ₹3,050 करोड़ में इंटेलीस्मार्ट का अधिग्रहण करेगी, स्मार्ट मीटर पोर्टफोलियो 4.7 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने 9 जून 2026 को स्मार्ट मीटरिंग कंपनी इंटेलीस्मार्ट में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए सिक्योरिटी परचेस एंड सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट (SPSA) पर हस्ताक्षर किए, जिसकी कुल लेनदेन वैल्यू ₹3,050 करोड़ है। इस सौदे के पूरा होने के बाद AESL का संयुक्त स्मार्ट मीटर पोर्टफोलियो 4.7 करोड़ मीटर्स से अधिक हो जाएगा, जो इसे भारत के सबसे बड़े स्मार्ट मीटरिंग ऑपरेटरों में से एक बना देगा।
डील की संरचना और शर्तें
AESL के अनुसार, इस अधिग्रहण में इंटेलीस्मार्ट की पूरी इक्विटी शेयर कैपिटल की खरीद और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के पास मौजूद ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर (OCD) का रिडेम्पशन शामिल है। यह सौदा संबंधित नियामक मंजूरियों और क्लोजिंग से जुड़ी सामान्य शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करता है।
गौरतलब है कि इंटेलीस्मार्ट, NIIF और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के बीच एक प्रमुख संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) है, जो फिलहाल उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम में 2.2 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का स्वामित्व और संचालन करता है।
कंपनी प्रबंधन की प्रतिक्रिया
AESL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंदर्प पटेल ने कहा, 'इंटेलीस्मार्ट के अधिग्रहण से हमारा दायरा और काम करने की क्षमता बढ़ती है, जिससे हम टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों के ज़रिए भारत के बिजली वितरण के आधुनिकीकरण में मदद कर सकते हैं।'
इंटेलीस्मार्ट के प्रबंध निदेशक और सीईओ अनिल रावल ने इस सौदे को कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव बताया और कहा कि इससे भारत के बिजली वितरण क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन में तेजी आने की उम्मीद है।
NIIF के मैनेजिंग पार्टनर विनोद गिरी ने कहा कि इंटेलीस्मार्ट का विकास उभरते क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवसाय खड़ा करने की फंड की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने इसे NIIF की इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश रणनीति का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
EESL के सीईओ अखिलेश दीक्षित ने कहा कि यह सौदा बड़े पैमाने पर बिजली वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं को सेवा देने की इंटेलीस्मार्ट की क्षमता को और सुदृढ़ करेगा।
रणनीतिक महत्व और परिचालन तालमेल
AESL का कहना है कि यह अधिग्रहण उसकी ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों माध्यमों से वैल्यू-वर्धित विकास हासिल करने की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप है। कंपनी को उम्मीद है कि इस सौदे से बड़े पैमाने पर परिचालन के फायदे, ऑपरेशन और मेंटेनेंस लागत में सुधार और अपने व्यापक एनर्जी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण के ज़रिए परिचालन तालमेल स्थापित होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार की स्मार्ट मीटर नेशनल प्रोग्राम (SMNP) के तहत देशभर में 25 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और अधिग्रहण की गतिविधियाँ तेज़ हुई हैं।
आगे क्या होगा
सौदे के पूरा होने की समयसीमा नियामक अनुमोदन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। कंपनी के अनुसार, तेज़ी से बढ़ रहे उपभोक्ता बाज़ारों में इंटेलीस्मार्ट की मौजूदगी से भविष्य में और विस्तार के लिए एक मजबूत मंच तैयार होने की संभावना है। यह अधिग्रहण भारत के बिजली क्षेत्र के डिजिटल रूपांतरण में AESL की केंद्रीय भूमिका को और पुख्ता करता है।