एयर इंडिया का नया सीईओ: टेवोल्डे गेब्रेमारियम संभालेंगे कमान, कैंपबेल विल्सन की जगह
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया ने 6 अगस्त 2025 को अपने शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा करते हुए टेवोल्डे गेब्रेमारियम को कंपनी का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया है। गेब्रेमारियम, कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे, जिन्होंने इस वर्ष अप्रैल में शीर्ष पद से इस्तीफा दिया था। एयर इंडिया ने इस नियुक्ति को वैश्विक विमानन में अपनी महत्वाकांक्षाओं को नई गति देने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है।
नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब एयर इंडिया अपने पुनरुद्धार के शुरुआती चरण को पार कर चुकी है। कैंपबेल विल्सन के कार्यकाल में कंपनी ने संगठनात्मक एकीकरण, विमान बेड़े के विस्तार और परिचालन स्थिरीकरण जैसे अहम लक्ष्य हासिल किए। निदेशक मंडल ने विल्सन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा रखी गई मजबूत नींव पर ही अब नया नेतृत्व आगे बढ़ेगा।
चंद्रशेखरन ने जताया भरोसा
टाटा संस और एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने गेब्रेमारियम का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया के सबसे कुशल और लाभदायक एयरलाइन समूहों में से एक के निर्माण का सफल अनुभव हासिल किया है। चंद्रशेखरन के अनुसार, गेब्रेमारियम का परिचालन कौशल, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और वैश्विक हब विकसित करने की दूरदृष्टि एयर इंडिया को विश्व की अग्रणी एयरलाइनों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नए सीईओ की प्राथमिकताएँ
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने कहा कि एयर इंडिया जैसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित संस्थान का नेतृत्व करना उनके लिए अत्यंत सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती आर्थिक क्षमता के अनुरूप विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाना एक रोमांचक अवसर है। गेब्रेमारियम ने स्पष्ट किया कि वह अध्यक्ष, निदेशक मंडल, कर्मचारियों, सरकार और विमानन उद्योग के सभी साझेदारों के साथ मिलकर परिचालन उत्कृष्टता, भारतीय आतिथ्य और दीर्घकालिक सतत विकास को नए आयाम देने के लिए काम करेंगे।
भारत की विमानन महत्वाकांक्षाएँ
एयर इंडिया ने कहा कि यह नेतृत्व परिवर्तन भारत की नागर विमानन महत्वाकांक्षाओं और देश की व्यापक आर्थिक दृष्टि के अनुरूप है। कंपनी विमानन नियामकों और संबंधित प्राधिकरणों के साथ मिलकर भारत को वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में मजबूत बनाने, अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने तथा सुरक्षा और नियामकीय मानकों को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि टाटा समूह ने 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण करने के बाद से इसे एक प्रमुख वैश्विक एयरलाइन बनाने की दिशा में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया जारी रखी है, और यह नियुक्ति उसी रणनीति की अगली कड़ी है।