एयर इंडिया का नया सीईओ: टेवोल्डे गेब्रेमारियम संभालेंगे कमान, कैंपबेल विल्सन की जगह
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया ने 5 अगस्त 2026 को शीर्ष नेतृत्व में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए टेवोल्डे गेब्रेमारियम को कंपनी का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया। वे कैंपबेल विल्सन का स्थान लेंगे, जिन्होंने इस वर्ष अप्रैल में शीर्ष पद से इस्तीफा दिया था। एयर इंडिया ने इस नियुक्ति को कंपनी के वैश्विक विस्तार और परिवर्तन की यात्रा में एक निर्णायक मोड़ बताया है।
नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब एयर इंडिया खुद को एक विश्वस्तरीय वैश्विक एयरलाइन के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। कैंपबेल विल्सन के कार्यकाल में कंपनी ने संगठनात्मक स्थिरीकरण, विभिन्न इकाइयों के एकीकरण और विमान बेड़े के विस्तार जैसे शुरुआती महत्वपूर्ण चरण पूरे किए। अब एयर इंडिया तेज़ क्रियान्वयन और विस्तार के नए दौर में प्रवेश कर रही है।
चंद्रशेखरन ने किया स्वागत
टाटा संस और एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने गेब्रेमारियम का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने 'दुनिया के सबसे कुशल और लाभदायक एयरलाइन समूहों में से एक के निर्माण का सफल अनुभव हासिल किया है।' चंद्रशेखरन ने विश्वास जताया कि गेब्रेमारियम का परिचालन कौशल, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और वैश्विक हब विकसित करने की दूरदृष्टि एयर इंडिया को विश्व की अग्रणी एयरलाइनों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नए सीईओ का नज़रिया
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने कहा कि 'एयर इंडिया जैसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित संस्थान का नेतृत्व करना अत्यंत सम्मान और गर्व की बात है।' उन्होंने कहा कि भारत की तेज़ी से बढ़ती आर्थिक क्षमता के अनुरूप विश्वस्तरीय एयरलाइन का निर्माण करना एक रोमांचक अवसर है। गेब्रेमारियम ने अध्यक्ष, निदेशक मंडल, कर्मचारियों, सरकार और विमानन उद्योग से जुड़े सभी साझेदारों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
विल्सन की विरासत और आगे की राह
कंपनी के निदेशक मंडल ने निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में एयर इंडिया ने पुनरुद्धार के महत्वपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पार किया और संगठनात्मक बदलाव, बेड़े के विस्तार तथा परिचालन सुधार जैसे कई अहम क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की। एयर इंडिया ने कहा कि यह नेतृत्व परिवर्तन भारत की नागर विमानन महत्वाकांक्षाओं और व्यापक आर्थिक दृष्टि के अनुरूप है, और कंपनी भारत को वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में मज़बूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।