क्या मैसेजिंग ऐप अरट्टाई को यूपीआई की तरह ओपन बनाने की योजना है?

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क्या मैसेजिंग ऐप अरट्टाई को यूपीआई की तरह ओपन बनाने की योजना है?

सारांश

जोहो कॉर्पोरेशन के सीईओ श्रीधर वेम्बु ने अरट्टाई को यूपीआई और ईमेल की तरह इंटरऑपरेबल बनाने का ऐलान किया है। तेजी से बढ़ रहे डाउनलोड के चलते यह कदम महत्वपूर्ण है। जानिए इस ऐप की खासियतें और इसके भविष्य के बारे में।

मुख्य बातें

अरट्टाई ऐप की इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने की योजना है।
यूजर्स के डाउनलोड में 100 गुना वृद्धि हुई है।
यह ऐप प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है।
वॉइस और वीडियो कॉल की सुविधा उपलब्ध है।
इस ऐप का फ्यूचर बहुत उज्ज्वल नजर आ रहा है।

नई दिल्ली, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक और सीईओ श्रीधर वेम्बु ने मंगलवार को बताया कि मैसेजिंग ऐप अरट्टाई को यूपीआई और ईमेल की तरह इंटरऑपरेबल

जोहो कॉर्पोरेशन का मैसेजिंग ऐप अरट्टाई तेजी से यूजर्स द्वारा डाउनलोड किया जा रहा है। इस ऐप के डाउनलोड में हो रही इस वृद्धि को देखते हुए कंपनी इसे यूपीआई और ईमेल की तरह इंटरऑपरेबल बनाने की योजना बना रही है।

श्रीधर वेम्बु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हमने यूपीआई के लिए टेक्निकल काम करने वाले ग्रुप आईएसपीआईआरटी के शरद शर्मा से अरट्टाई पर मैसेजिंग प्रोटोकॉल को स्टैंडर्डाइज और पब्लिश करने के बारे में बातचीत शुरू की है। मैं यूपीआई का बहुत बड़ा फैन हूं और इस टीम के काम की इज्जत करता हूं। शरद मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और वे हमें इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेंगे।"

उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि यह सिस्टम यूपीआई और ईमेल की तरह इंटरऑपरेबल होना चाहिए, न कि वॉट्सऐप की तरह क्लोज्ड।

वेम्बु ने कहा, "हम कभी भी एकाधिकार नहीं चाहते। हम इस लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसे पूरा करने के लिए आईएसपीआईआरटी के साथ काम करेंगे।"

इससे पहले वेम्बु ने बताया था कि अरट्टाई ट्रैफिक 3 दिनों में 100 गुना बढ़ गया, जिसमें नए साइन-अप प्रतिदिन 3,000 से बढ़कर 3,50,000 हो गए हैं। हम अगले संभावित 100 गुना उछाल के लिए इमरजेंसी में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रहे हैं। यही एक्सपोनेंशियल ग्रोथ का तरीका है।

उन्होंने कहा था कि जैसे-जैसे हम इंफ्रास्ट्रक्चर जोड़ रहे हैं, हम समस्याओं को ठीक करने के लिए कोड को भी बेहतर बना रहे हैं और अपडेट कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम पूरी क्षमता से काम कर रही है।

जोहो के इस मैसेजिंग ऐप को 2021 में लॉन्च किया गया था। कंपनी का यह ऐप सभी भारतीय यूजर्स के डेटा को सुरक्षित रखते हुए उनकी प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है। ऐप में वॉइस और वीडियो कॉल के साथ पहले ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा है, जबकि स्टैंडर्ड मैसेजेस को नए अपडेट्स के साथ एन्क्रिप्शन मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम देखते हैं कि अरट्टाई का बढ़ता उपयोग और इंटरऑपरेबिलिटी की दिशा में कदम उठाना एक सकारात्मक संकेत है। यह न केवल प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा, बल्कि यूजर्स के लिए भी अधिक विकल्प प्रदान करेगा। जोहो की यह पहल भारतीय टेक उद्योग में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरट्टाई को कब लॉन्च किया गया था?
अरट्टाई को 2021 में लॉन्च किया गया था।
अरट्टाई में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
अरट्टाई में वॉइस और वीडियो कॉल, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुविधाएं हैं।
क्या अरट्टाई वॉट्सऐप को टक्कर दे सकता है?
हां, अगर यह इंटरऑपरेबिलिटी में सफल होता है तो यह वॉट्सऐप की प्रतिस्पर्धा कर सकता है।
यूजर्स की संख्या में तेजी से वृद्धि क्यों हो रही है?
यूजर्स की संख्या में वृद्धि का कारण अरट्टाई की प्राइवेसी और इंटरऑपरेबिलिटी को लेकर बढ़ती जागरूकता है।
राष्ट्र प्रेस
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