भारत कनेक्ट पर फॉरेक्स लेनदेन ₹13.89 करोड़ पार, चार महीनों में ₹11.19 करोड़ का कारोबार
सारांश
मुख्य बातें
एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड (NBBL) के भारत कनेक्ट प्लेटफॉर्म पर विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) लेनदेन ने नई ऊँचाई छुई है — अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच मात्र चार महीनों में ₹11.19 करोड़ के फॉरेक्स ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जिससे संचयी कुल ₹13.89 करोड़ तक पहुँच गया। कंपनी ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को जारी बयान में यह जानकारी दी।
मुख्य आँकड़े और वृद्धि की रफ्तार
भारत कनेक्ट पर फॉरेक्स सेवा ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में लॉन्च की गई थी। वित्त वर्ष 2025-26 में इस सेवा पर ₹2.706 करोड़ के ट्रांजैक्शन हुए थे। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों — अप्रैल से जुलाई — में यह आँकड़ा उछलकर ₹11.19 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले पूरे वित्त वर्ष की तुलना में चार गुना से अधिक है।
NBBL के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर बड़े मूल्य वाले ट्रांजैक्शन की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जो ग्राहकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है।
तकनीकी ढाँचा: CCIL का FX-रिटेल सिस्टम
यह सेवा NBBL के भारत कनेक्ट प्लेटफॉर्म को क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL) द्वारा विकसित FX-रिटेल प्रणाली से जोड़ती है। इसके ज़रिए ग्राहकों को रियल टाइम में पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी विदेशी मुद्रा विनिमय दरें उपलब्ध होती हैं।
परंपरागत व्यवस्था में ग्राहक सीमित जानकारी के साथ विशेष बैंकों या अधिकृत डीलरों पर निर्भर रहते थे और प्रक्रिया अक्सर खंडित या ऑफलाइन होती थी। भारत कनेक्ट ने एक इंटरऑपरेबल डिजिटल मार्केटप्लेस के ज़रिए यह बाधा दूर की है, जहाँ ग्राहक विभिन्न अधिकृत प्रदाताओं की दरों की तुलना कर सकते हैं।
इकोसिस्टम में भागीदार बैंक और प्लेटफॉर्म
फॉरेक्स सेवा उपलब्ध कराने वाले भागीदार बैंकों में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, फेडरल बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और यस बैंक शामिल हैं।
ग्राहकों तक सेवाएँ पहुँचाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म में भीम, CRED, MobiKwik, बैंक ऑफ बड़ौदा, फेडरल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और SBI के ऐप शामिल हैं।
RBI का मार्गदर्शन और नीतिगत संदर्भ
NBBL के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मार्गदर्शन और CCIL के FX-रिटेल प्लेटफॉर्म के सहयोग से विकसित की गई है। यह विदेशी मुद्रा बाज़ार में खुले, पारदर्शी और बाज़ार-आधारित मूल्य निर्धारण को बढ़ावा देने की व्यापक नीतिगत दिशा के अनुरूप है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल भुगतान का विस्तार तेज़ी से हो रहा है और सरकार विदेशी मुद्रा सेवाओं को आम नागरिकों तक सुलभ बनाने पर ज़ोर दे रही है। आने वाले महीनों में और अधिक बैंकों तथा प्लेटफॉर्म के इस इकोसिस्टम से जुड़ने की संभावना है।