क्या अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है?
सारांश
Key Takeaways
- भारत का समुद्री खाद्य निर्यात 62,408 करोड़ रुपए तक पहुंचा।
- मछली उत्पादन में 106 प्रतिशत की वृद्धि।
- अमेरिका में झींगा निर्यात पर 58.26 प्रतिशत शुल्क।
- भारत 130 देशों को समुद्री खाद्य उत्पाद निर्यात करता है।
- पिछले 5 वर्षों में मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्यात 56 प्रतिशत बढ़ा।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात मूल्य के मामले में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इस अवधि में निर्यात 62,408 करोड़ रुपए तक बढ़ गया, जो कि 2023-24 में दर्ज 60,523.89 करोड़ रुपए की तुलना में 3.11 प्रतिशत अधिक है। सरकार के अनुसार, अमेरिका द्वारा भारी शुल्क लगाए जाने के बावजूद चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भी निर्यात में वृद्धि जारी है।
इस बीच, मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2024-25 में मछली उत्पादन 197.75 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि वर्ष 2013-14 में यह केवल 95.79 लाख टन था, जिससे 106 प्रतिशत की आश्चर्यजनक वृद्धि हुई है।
अप्रैल 2025 से अमेरिका ने भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों पर शुल्क को काफी बढ़ा दिया है, विशेष रूप से झींगा निर्यात पर 58.26 प्रतिशत तक पहुँच गया है। अमेरिका को भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में झींगों की हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत है।
इन चुनौतियों के बावजूद, भारत के समुद्री खाद्य क्षेत्र ने दृढ़ता और बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन किया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अप्रैल से अक्टूबर 2024 (टैरिफ लागू होने से पहले) और अप्रैल से अक्टूबर 2025 (टैरिफ लागू होने के बाद) की तुलना में निर्यात में वृद्धि हुई है। इस दौरान समुद्री खाद्य निर्यात मूल्य में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 35,107.6 करोड़ रुपए से बढ़कर 42,322.3 करोड़ रुपए हो गया। मात्रा के मामले में भी निर्यात में 12 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने कहा कि पिछले दशक में लागू की गई योजनाओं और सफल नीतियों के कारण मत्स्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं।
वर्ष 2014-15 से मत्स्य पालन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत 74.66 लाख लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
वर्तमान में, भारत 130 देशों को 350 से अधिक प्रकार के समुद्री खाद्य उत्पाद निर्यात करता है, जिसमें मत्स्य पालन का निर्यात मूल्य का 62 प्रतिशत योगदान है।
मंत्रालय के अनुसार, मूल्यवर्धित उत्पादों का योगदान भारत के कुल निर्यात में लगभग 11 प्रतिशत है। पिछले 5 वर्षों में इन उत्पादों का निर्यात 56 प्रतिशत बढ़कर 7,589.93 करोड़ रुपए हो गया है।
केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ाया है, जिसमें 38,572 करोड़ रुपए के निवेश को विभिन्न योजनाओं के तहत मंजूरी दी गई है।