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ओडिशा में रामेश्वर-पारादीप तटीय राजमार्ग को कैबिनेट की मंजूरी, ₹8,300.79 करोड़ की लागत से बनेगा 160 किमी हाईवे

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ओडिशा में रामेश्वर-पारादीप तटीय राजमार्ग को कैबिनेट की मंजूरी, ₹8,300.79 करोड़ की लागत से बनेगा 160 किमी हाईवे

सारांश

मोदी कैबिनेट ने ओडिशा के तटीय गलियारे को बड़ी रफ़्तार दी है। ₹8,300.79 करोड़ की लागत से रामेश्वर से पारादीप तक 160.18 किमी का नया हाईवे चार ज़िलों से गुज़रेगा, यात्रा समय 2.5 घंटे घटाएगा और पारादीप बंदरगाह को NH-16 के स्वर्णिम चतुर्भुज से जोड़ेगा। यह पीएम गतिशक्ति की लॉजिस्टिक रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

CCEA ने रामेश्वर-पारादीप तटीय राजमार्ग को ₹8,300.79 करोड़ की लागत पर मंज़ूरी दी।
कुल लंबाई 160.18 किमी ; HAM मॉडल के तहत दो पैकेज में निर्माण।
पैकेज-1: रामेश्वर-कोणार्क 4 लेन ; पैकेज-2: कोणार्क-पारादीप 2 लेन पक्की शोल्डर।
यात्रा समय में 2 घंटे 30 मिनट की कमी; निर्धारित गति 100 किमी/घंटा ।
मार्ग खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर ज़िलों से गुज़रेगा।
NH-16 (स्वर्णिम चतुर्भुज) और NH-316 से कनेक्टिविटी; 9 इकोनॉमिक व 5 लॉजिस्टिक नोड जुड़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने बुधवार को ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक नए तटीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत दो पैकेज में बनने वाली इस परियोजना की कुल लंबाई 160.18 किलोमीटर और कुल लागत ₹8,300.79 करोड़ होगी।

परियोजना का स्वरूप और दो पैकेज

सरकारी बयान के अनुसार, पहले पैकेज में रामेश्वर से कोणार्क तक 4 लेन का निर्माण होगा, जबकि दूसरे पैकेज में कोणार्क से पारादीप तक पक्की शोल्डर वाली 2 लेन सड़क बनाई जाएगी। यह तटीय गलियारा ओडिशा के खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर ज़िलों से होकर गुज़रेगा और इस पर 100 किमी/घंटा की निर्धारित गति सुनिश्चित की जाएगी।

यात्रा समय और कनेक्टिविटी पर असर

नए मार्ग से रामेश्वर और पारादीप के बीच यात्रा का समय 2 घंटे 30 मिनट तक कम होने की उम्मीद है। यह राजमार्ग मौजूदा NH-16 से जुड़ेगा, जो स्वर्णिम चतुर्भुज नेटवर्क का हिस्सा है और पहले से ही 6 लेन का है तथा खुर्दा, भुवनेश्वर और कटक जैसे प्रमुख शहरों से गुज़रता है। साथ ही यह NH-316 से भी कनेक्ट होगा, जो भुवनेश्वर-पुरी को जोड़ते हुए सतपाड़ा और कोणार्क तक जाता है।

आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

परियोजना से यात्री और माल ढुलाई दोनों के लिए तेज़ और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। बयान में यह भी कहा गया है कि इससे ईंधन उपभोग, कार्बन उत्सर्जन और वाहन परिचालन लागत (VOC) में उल्लेखनीय कमी आएगी। तटीय इलाक़ों में बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्रीय आवागमन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई गई है।

पीएम गतिशक्ति से जुड़ाव

सरकार के अनुसार, ये परियोजनाएँ प्रधानमंत्री गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप हैं और 9 इकोनॉमिक नोड तथा 5 लॉजिस्टिक नोड को आपस में जोड़ेंगी। इससे देश के लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। गौरतलब है कि ओडिशा का पारादीप बंदरगाह देश के सबसे व्यस्त प्रमुख बंदरगाहों में से एक है, और इस गलियारे से बंदरगाह-आधारित माल ढुलाई की दक्षता में बढ़ोतरी की संभावना है।

आगे क्या

परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और निविदा प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी आने वाले हफ्तों में सामने आने की उम्मीद है। HAM मॉडल के तहत निर्माण लागत का एक हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि शेष निजी डेवलपर द्वारा निवेश किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ कई परियोजनाएँ भूमि अधिग्रहण और निजी डेवलपर की वित्तीय सेहत के कारण देरी की शिकार रही हैं। यदि क्रियान्वयन समय पर हुआ, तो यह गलियारा पारादीप बंदरगाह को NH-16 की मुख्यधारा से जोड़कर पूर्वी तट की माल-ढुलाई अर्थव्यवस्था को नया आयाम दे सकता है। हालाँकि, तटीय क्षेत्र में पर्यावरणीय मंज़ूरियाँ और चक्रवात-जोखिम वाले इलाक़ों में सड़क की दीर्घायु पर अलग से कड़ी निगरानी ज़रूरी होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामेश्वर-पारादीप तटीय राजमार्ग परियोजना क्या है?
यह ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक बनने वाला 160.18 किमी लंबा नया तटीय राजमार्ग है, जिसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत दो पैकेज में बनाया जाएगा। इसकी कुल लागत ₹8,300.79 करोड़ है।
इस परियोजना को कब और किसने मंज़ूरी दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने बुधवार, 3 जून को इस परियोजना को मंज़ूरी दी। निर्माण दो पैकेज — रामेश्वर-कोणार्क और कोणार्क-पारादीप — में होगा।
इस हाईवे से यात्रा समय में कितनी कमी आएगी?
सरकार के अनुसार, रामेश्वर और पारादीप के बीच यात्रा का समय लगभग 2 घंटे 30 मिनट कम होने की उम्मीद है। हाईवे पर निर्धारित गति 100 किमी/घंटा होगी।
यह राजमार्ग ओडिशा के किन ज़िलों से होकर गुज़रेगा?
यह तटीय गलियारा खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर ज़िलों से होकर गुज़रेगा। यह मौजूदा NH-16 (स्वर्णिम चतुर्भुज का हिस्सा) और NH-316 से भी जुड़ेगा।
पीएम गतिशक्ति से इस परियोजना का क्या संबंध है?
सरकारी बयान के अनुसार यह परियोजना पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप है और 9 इकोनॉमिक नोड तथा 5 लॉजिस्टिक नोड को आपस में जोड़ेगी। इससे देश के लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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