11 अगस्त 2026
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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल सर्वे 2026: 84% केंद्रीय बैंक बढ़ाएंगे गोल्ड रिजर्व, डॉलर की हिस्सेदारी घटेगी

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल सर्वे 2026: 84% केंद्रीय बैंक बढ़ाएंगे गोल्ड रिजर्व, डॉलर की हिस्सेदारी घटेगी

सारांश

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के ताज़ा सर्वे में 84% केंद्रीय बैंकों ने अगले पाँच साल में गोल्ड रिजर्व बढ़ाने का संकेत दिया है। साथ ही 74% का मानना है कि वैश्विक रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी घटेगी — वैश्विक अस्थिरता के बीच सोने की बढ़ती साख का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने 16 जून 2026 को सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे 2026 जारी किया।
सर्वे में शामिल 84% केंद्रीय बैंकों का मानना है कि अगले पाँच वर्षों में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़ेगी — पिछले वर्ष यह आँकड़ा 76% था।
74% उत्तरदाताओं ने कहा कि वैश्विक रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी घटेगी , हालाँकि डॉलर प्रमुख रिजर्व मुद्रा बना रहेगा।
89% उत्तरदाताओं का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में वैश्विक केंद्रीय बैंक गोल्ड रिजर्व बढ़ाएंगे।
45% केंद्रीय बैंकों ने अगले 12 महीनों में खुद अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाने का इरादा जताया।
मई 2026 में केंद्रीय बैंकों ने 20 टन सोना खरीदा — अप्रैल के 16 टन से अधिक, लेकिन 12 महीने के औसत 27 टन से कम।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे 2026 के अनुसार, दुनिया के 84 प्रतिशत केंद्रीय बैंकों का मानना है कि अगले पाँच वर्षों में उनके कुल रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ेगी — जो पिछले वर्ष के 76 प्रतिशत से उल्लेखनीय वृद्धि है। यह सर्वेक्षण मंगलवार, 16 जून 2026 को जारी किया गया और इसमें 73 केंद्रीय बैंक शामिल थे।

सर्वेक्षण में क्या सामने आया

WGC के इस वार्षिक सर्वे में 17 विकसित और 56 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों की राय शामिल की गई। सर्वेक्षण के मुताबिक, 89 प्रतिशत उत्तरदाताओं का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में वैश्विक केंद्रीय बैंक सामूहिक रूप से अपने गोल्ड रिजर्व में वृद्धि करेंगे, जबकि शेष 11 प्रतिशत ने कोई बदलाव न होने की संभावना जताई।

जब उत्तरदाताओं से उनके अपने केंद्रीय बैंक की योजना के बारे में पूछा गया, तो 45 प्रतिशत ने अगले 12 महीनों में गोल्ड रिजर्व बढ़ाने का इरादा जताया। 54 प्रतिशत ने कहा कि उनके रिजर्व में कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि केवल 1 प्रतिशत ने गिरावट की संभावना व्यक्त की।

डॉलर की भूमिका पर केंद्रीय बैंकों का नज़रिया

सर्वे का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष डॉलर को लेकर बदलती धारणा है। 74 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में वैश्विक रिजर्व में अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी घटेगी। 15 प्रतिशत ने कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया, जबकि 11 प्रतिशत का मानना था कि डॉलर की हिस्सेदारी बढ़ेगी। गौरतलब है कि उत्तरदाताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि डॉलर वैश्विक स्तर पर प्रमुख रिजर्व मुद्रा बना रहेगा — केवल उसकी सापेक्ष हिस्सेदारी में कमी की संभावना है।

मई में केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद

WGC के पहले जारी आँकड़ों के अनुसार, मई 2026 में केंद्रीय बैंकों ने कुल 20 टन सोना खरीदा, जो अप्रैल के 16 टन से अधिक है। हालाँकि यह बीते 12 महीनों के औसत 27 टन से कम रहा। WGC ने इस खरीद की प्रमुख वजह वैश्विक आर्थिक अस्थिरता को बताया है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक लगातार सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

WGC के विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की चिंताएँ और डॉलर पर निर्भरता घटाने की प्रवृत्ति — ये तीनों कारक मिलकर सोने को केंद्रीय बैंकों के लिए एक आकर्षक रिजर्व परिसंपत्ति बना रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी बाज़ारों में अनिश्चितता और डॉलर-आधारित प्रतिबंधों के उपयोग ने कई देशों को विविधीकरण की ओर प्रेरित किया है।

आने वाले वर्षों में केंद्रीय बैंकों की सोने की माँग वैश्विक सोना बाज़ार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक मौद्रिक व्यवस्था में एक संरचनात्मक बदलाव के संकेत हैं। डॉलर को लेकर 74% केंद्रीय बैंकों की नकारात्मक दीर्घकालिक राय उस समय आई है जब अमेरिकी प्रतिबंधों के हथियार के रूप में उपयोग ने कई देशों को डॉलर-निर्भरता से बाहर निकलने पर मजबूर किया है। हालाँकि सर्वे में 'इरादा' और 'वास्तविक खरीद' के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है — मई में खरीद 12 महीने के औसत से कम रही, जो दर्शाता है कि घोषित प्रतिबद्धता और ज़मीनी क्रियान्वयन में अभी भी दूरी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये बैंक वास्तव में डॉलर परिसंपत्तियों को बेचकर सोना खरीदते हैं, या यह सर्वे केवल एक भावनात्मक झुकाव को दर्शाता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे 2026 क्या है?
यह WGC द्वारा जारी वार्षिक सर्वेक्षण है जिसमें दुनिया के 73 केंद्रीय बैंकों — 17 विकसित और 56 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से — की गोल्ड रिजर्व नीतियों और भविष्य की योजनाओं का आकलन किया जाता है। 2026 का सर्वे 16 जून को जारी हुआ।
कितने केंद्रीय बैंक अगले पाँच वर्षों में गोल्ड रिजर्व बढ़ाने की योजना रखते हैं?
सर्वे के अनुसार 84% केंद्रीय बैंकों का मानना है कि अगले पाँच वर्षों में उनके कुल रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ेगी। यह पिछले वर्ष के 76% से अधिक है।
क्या डॉलर वैश्विक रिजर्व मुद्रा के रूप में कमज़ोर पड़ रहा है?
सर्वे में 74% उत्तरदाताओं ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में वैश्विक रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी घटेगी। हालाँकि, उत्तरदाताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि डॉलर वैश्विक स्तर पर प्रमुख रिजर्व मुद्रा बना रहेगा।
मई 2026 में केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा?
WGC के आँकड़ों के अनुसार मई 2026 में केंद्रीय बैंकों ने 20 टन सोना खरीदा, जो अप्रैल के 16 टन से अधिक है। हालाँकि यह बीते 12 महीनों के औसत 27 टन से कम रहा।
केंद्रीय बैंक सोने में निवेश क्यों बढ़ा रहे हैं?
WGC के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर पर निर्भरता कम करने की प्रवृत्ति केंद्रीय बैंकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही है। सोना एक सुरक्षित और विविधीकृत रिजर्व परिसंपत्ति के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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