मध्य पूर्व में तनाव के बीच केंद्र ने नया एलपीजी आवंटन फॉर्मूला लागू किया; फार्मा, फूड और कृषि को मिलेगी सहायता

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मध्य पूर्व में तनाव के बीच केंद्र ने नया एलपीजी आवंटन फॉर्मूला लागू किया; फार्मा, फूड और कृषि को मिलेगी सहायता

सारांश

केंद्र सरकार ने नए एलपीजी आवंटन फॉर्मूले की घोषणा की है, जिसका लाभ फार्मा, फूड और कृषि क्षेत्रों को मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों को आवश्यक राहत प्रदान की जाएगी।

Key Takeaways

  • एलपीजी आवंटन का नया फॉर्मूला लागू किया गया है।
  • फार्मा, फूड और कृषि को राहत मिलेगी।
  • मार्च 2026 से पहले 70 प्रतिशत एलपीजी मिलेगी।
  • गैस का उपयोग नहीं करने वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • राज्यों को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केन्द्र सरकार ने बुधवार को एलपीजी आवंटन का एक नया फॉर्मूला लागू किया है, जिसके अंतर्गत फार्मा, फूड और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को राहत प्रदान की जाएगी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, अब फार्मा, फूड, पॉलीमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, यूरेनियम, हैवी वाटर, स्टील, बीज, मेट, सिरेमिक, फाउंड्री, फोर्जिंग, ग्लास और एयरोसोल जैसे क्षेत्रों को बल्क एलपीजी प्राप्त होगी।

इन उद्योगों को मार्च 2026 से पहले होने वाली उनकी खपत का 70 प्रतिशत एलपीजी मिलेगी, हालांकि पूरे सेक्टर के लिए कुल सीमा 0.2 टीएमटी (थाउजेंड मीट्रिक टन) प्रति दिन निर्धारित की गई है।

सरकार के अनुसार, जिन कारखानों में एलपीजी का स्थान प्राकृतिक गैस नहीं ले सकती, उन्हें पहले एलपीजी दी जाएगी।

इसके अलावा, उद्योगों को तेल वितरक कंपनियों (ओएमसी) से पंजीकरण करना होगा और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के पास आवेदन करना होगा।

हालांकि, जहां एलपीजी निर्माण प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है और उसकी जगह गैस का उपयोग नहीं किया जा सकता, वहां पीएनजी आवेदन की शर्त में छूट दी गई है।

सरकार ने राज्यों को पहले ही पैक्ड नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी का 70 प्रतिशत आवंटन कर दिया है। इसमें 10 प्रतिशत का अतिरिक्त कोटा उन राज्यों को मिलेगा जो पीएनजी से जुड़े सुधारों को लागू करेंगे।

सरकार के अनुसार, राज्यों को तीन महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए कहा गया है, जिसमें पहला- नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पादों का वितरण आदेश 2026 को सभी संबंधित विभागों में पहुँचाना, दूसरा- 10 प्रतिशत रिफॉर्म-लिंक्ड एलपीजी आवंटन का लाभ यथाशीघ्र उठाना और तीसरा- कंप्रेस्ड बायो गैस से संबंधित राज्य नीति को शीघ्र अधिसूचित करना शामिल है।

इससे पहले, मंगलवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 23 मार्च से अब तक लगभग 7.8 लाख 5-किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। सोमवार को देशभर में 1.06 लाख से अधिक 5-किलो के सिलेंडर बिके, जबकि फरवरी में प्रतिदिन औसतन 7,7000 सिलेंडर बिके थे।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पिछले चार दिनों में 5-किलो सिलेंडरों के लिए लगभग 1,300 जागरूकता शिविर भी आयोजित किए, जिनमें 10,000 से अधिक सिलेंडर बिके।

Point of View

जो विशेष रूप से फार्मा, फूड और कृषि क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेगा। यह नीति निश्चित रूप से उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

एलपीजी आवंटन का नया फॉर्मूला क्या है?
केन्द्र सरकार ने नए फॉर्मूले के तहत फार्मा, फूड और कृषि क्षेत्रों को 70 प्रतिशत एलपीजी आवंटित करने का निर्णय लिया है।
क्या सभी उद्योगों को समान मात्रा में एलपीजी मिलेगी?
नहीं, प्रत्येक सेक्टर के लिए कुल सीमा 0.2 टीएमटी प्रति दिन निर्धारित की गई है।
क्या उद्योगों को पंजीकरण करना होगा?
जी हां, उद्योगों को तेल वितरक कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा।
क्या प्राकृतिक गैस का उपयोग नहीं करने वाले उद्योगों को प्राथमिकता मिलेगी?
हां, जिन फैक्ट्रियों में प्राकृतिक गैस का उपयोग नहीं किया जा सकता, उन्हें पहले एलपीजी दी जाएगी।
सरकार ने राज्यों को किन सुधारों के लिए कहा है?
राज्यों को प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण आदेश को लागू करने, रिफॉर्म-लिंक्ड एलपीजी का लाभ उठाने, और कंप्रेस्ड बायो गैस नीति को अधिसूचित करने के लिए कहा गया है।
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