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कोयला क्षेत्र में बड़ा सुधार: PBG की जगह बीमा शुरिटी बॉन्ड को मंजूरी, खनन निवेश को मिलेगा बढ़ावा

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कोयला क्षेत्र में बड़ा सुधार: PBG की जगह बीमा शुरिटी बॉन्ड को मंजूरी, खनन निवेश को मिलेगा बढ़ावा

सारांश

केंद्र सरकार ने कोयला ब्लॉक आवंटियों को PBG की जगह बीमा शुरिटी बॉन्ड चुनने की छूट दी है — यह सुधार वित्तीय बोझ घटाकर खनन निवेश को गति देने की दिशा में एक ठोस कदम है, जो मौजूदा आवंटियों पर भी लागू होगा।

मुख्य बातें

कोयला मंत्रालय ने 2 जुलाई 2026 को कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत बीमा शुरिटी बॉन्ड (ISB) को मंजूरी दी।
आवंटी अब PBG या ISB में से कोई एक विकल्प चुन सकते हैं; यह सुविधा वर्तमान आवंटियों पर भी लागू होगी।
पहले चरण में यह सुविधा MMDR अधिनियम, 1957 के तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए उपलब्ध होगी।
कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत ब्लॉकों के लिए भी ISB विस्तार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस कदम से पूंजीगत संसाधनों की उपलब्धता बढ़ेगी और खदान विकास में दक्षता आएगी, जबकि सरकारी हित सुरक्षित रहेंगे।

केंद्र सरकार ने 2 जुलाई 2026 को कोयला क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नियामक सुधार को मंजूरी दी, जिसके तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए निष्पादन बैंक गारंटी (PBG) के स्थान पर बीमा शुरिटी बॉन्ड (ISB) के उपयोग की अनुमति प्रदान की गई है। कोयला मंत्रालय ने यह बदलाव कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम, 2026 के माध्यम से खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत लागू किया है। इस कदम का उद्देश्य कोयला ब्लॉक आवंटियों को अधिक वित्तीय लचीलापन देना और देश में वाणिज्यिक कोयला खनन को प्रोत्साहित करना है।

नई व्यवस्था में क्या बदला

संशोधित नियमों के अनुसार, कोयला ब्लॉक आवंटियों को अब अपनी निष्पादन सुरक्षा संबंधी बाध्यता पूरी करने के लिए PBG या ISB — दोनों में से किसी एक विकल्प को चुनने की छूट दी गई है। यह सुविधा केवल नए आवंटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान आवंटी भी निर्धारित शर्तों के अनुसार पहले से जमा कराई गई निष्पादन बैंक गारंटी को बीमा शुरिटी बॉन्ड से प्रतिस्थापित कर सकेंगे।

वित्तीय बोझ में कमी का लक्ष्य

कोयला मंत्रालय के अनुसार, इस सुधार से पारंपरिक बैंक गारंटी व्यवस्था से जुड़े वित्तीय दबाव में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। आवंटी अपने पूंजीगत संसाधनों का उपयोग अब खदान विकास और परिचालन गतिविधियों में अधिक दक्षता से कर सकेंगे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार के हित उपयुक्त निष्पादन सुरक्षा तंत्र के माध्यम से पूर्णतः सुरक्षित रहेंगे।

विस्तार की योजना

फिलहाल बीमा शुरिटी बॉन्ड की सुविधा MMDR अधिनियम के तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए लागू होगी। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए भी इस प्रावधान का विस्तार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार वाणिज्यिक कोयला खनन में निजी निवेश को बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

व्यापक नीतिगत संदर्भ

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में कोयला क्षेत्र में कई नियामक सुधार किए हैं — जिनमें वाणिज्यिक खनन की अनुमति और राजस्व-साझेदारी मॉडल की शुरुआत शामिल है। ISB का विकल्प इसी सुधार श्रृंखला की अगली कड़ी है, जो निवेशकों के लिए प्रवेश की वित्तीय बाधाओं को कम करने पर केंद्रित है। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से एक अधिक पारदर्शी, कुशल और निवेशक-अनुकूल इकोसिस्टम का निर्माण होगा। आने वाले महीनों में इस नीति के क्रियान्वयन की दिशा और गति से ही इसकी वास्तविक सफलता का आकलन संभव होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ISB जारी करने वाली बीमा कंपनियों की साख और दावा-निपटान क्षमता की होगी — जो भारत में अभी भी एक अपरिपक्व बाज़ार है। यदि बीमाकर्ता चूक की स्थिति में भुगतान में देरी करते हैं, तो सरकार के हित उतने सुरक्षित नहीं रहेंगे जितना दावा किया जा रहा है। साथ ही, MMDR और कोयला खदान विशेष प्रावधान अधिनियम के बीच दो-चरणीय क्रियान्वयन से नीतिगत असमानता का जोखिम है जो छोटे आवंटियों को असुविधा में डाल सकता है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीमा शुरिटी बॉन्ड (ISB) क्या है और यह PBG से कैसे अलग है?
बीमा शुरिटी बॉन्ड एक बीमा उत्पाद है जो निष्पादन बैंक गारंटी (PBG) की तरह ही अनुबंध पूर्ति की सुरक्षा देता है, लेकिन इसे बैंक के बजाय बीमा कंपनी जारी करती है। इससे आवंटियों की बैंक क्रेडिट लाइन पर निर्भरता कम होती है और पूंजी खदान विकास में लगाई जा सकती है।
क्या मौजूदा कोयला ब्लॉक आवंटी भी ISB का लाभ उठा सकते हैं?
हाँ, संशोधित नियमों के अनुसार वर्तमान आवंटी भी निर्धारित शर्तों के अनुसार पहले से जमा कराई गई PBG को ISB से प्रतिस्थापित कर सकते हैं। यह सुविधा केवल नए आवंटनों तक सीमित नहीं है।
यह सुधार किन कोयला ब्लॉकों पर लागू होगा?
पहले चरण में यह सुविधा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR) के तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए लागू होगी। कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत आने वाले ब्लॉकों के लिए विस्तार की प्रक्रिया अलग से शुरू की जाएगी।
इस बदलाव से कोयला खनन क्षेत्र को क्या फायदा होगा?
इस सुधार से आवंटियों के पूंजीगत संसाधनों पर दबाव कम होगा, जिससे वे अधिक धन खदान विकास और परिचालन में लगा सकेंगे। मंत्रालय के अनुसार इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और कोयला ब्लॉकों का समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित होगा।
क्या ISB के उपयोग से सरकार के हित प्रभावित होंगे?
कोयला मंत्रालय के अनुसार, उपयुक्त निष्पादन सुरक्षा तंत्र के माध्यम से सरकार के हित पूर्णतः सुरक्षित रहेंगे। ISB भी PBG की तरह कानूनी रूप से बाध्यकारी वित्तीय सुरक्षा उपकरण है।
राष्ट्र प्रेस
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