डिजीहाट ने ONDC पर लॉन्च किया 'सहकार से समृद्धि' स्टोर, 8.5 लाख सहकारी समितियों को मिलेगा डिजिटल बाज़ार
सारांश
मुख्य बातें
डिजीहाट — ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) पर संचालित सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस — ने 29 जून 2026 को 'सहकार से समृद्धि' अभियान और उससे जुड़े एक समर्पित डिजिटल स्टोर की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य देश भर की सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं-सहायता समूहों के उत्पादों को एक ही मंच पर लाकर उन्हें राष्ट्रीय उपभोक्ता बाज़ार से सीधे जोड़ना है।
अभियान का स्वरूप और अवधि
यह अभियान 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक — यानी एक सप्ताह — चलेगा। इसे सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित किया गया है। अभियान के अंतर्गत सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्वयं-सहायता समूहों (SHG), कारीगर समूहों और उत्पादक-नेतृत्व वाले उद्यमों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएँगे।
सहकार से समृद्धि स्टोर: क्या है खास
डिजीहाट द्वारा शुरू किए गए 'सहकार से समृद्धि स्टोर' में किराना, जैविक खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, हथकरघा, व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद और घरेलू उपयोग की वस्तुएँ शामिल होंगी। भारत ऑर्गेनिक्स इस अभियान के प्रमुख ब्रांड पार्टनर के रूप में एक समर्पित स्टोरफ्रंट संभालेगा, जिसमें प्रमोशनल ऑफर और विशेष उत्पाद संग्रह उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही कहानी-सुनाने और जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जो भारत के सहकारी क्षेत्र के योगदान को रेखांकित करेंगे।
भारत का विशाल सहकारी इकोसिस्टम
आँकड़ों के अनुसार, भारत में 8.5 लाख से अधिक पंजीकृत सहकारी समितियाँ हैं, जिनसे लगभग 29 करोड़ सदस्य जुड़े हैं। ये सदस्य खेती, डेयरी, मत्स्य पालन, हथकरघा, ग्रामीण उद्योग और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। डिजीहाट के अनुसार, इस विशाल इकोसिस्टम के बावजूद अनेक उत्पादकों को मुख्यधारा के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुँच में अभी भी कठिनाइयाँ आ रही हैं।
विशेषज्ञ की राय
डिजीहाट के मार्केटिंग प्रमुख शुभो सेनगुप्ता ने कहा, 'भारत का सहकारी आंदोलन दुनिया के सबसे बड़े जन-नेतृत्व वाले आर्थिक इकोसिस्टम में से एक है। जब हम सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं, तो हमारा मानना है कि विकास के अगले चरण में सहकारी समितियों, किसान समूहों और सामुदायिक उद्यमों के लिए डिजिटल बाज़ार तक बेहतर पहुँच अनिवार्य है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यह अभियान उत्पादकों को राष्ट्रीय स्तर पर सीधे उपभोक्ताओं से जोड़कर इस अंतर को पाटने का प्रयास है।
आगे की राह
ONDC-संचालित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहकारी समितियों, FPO और SHG की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने की योजना है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब सरकार सहकारी क्षेत्र को डिजिटल मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज कर रही है — और ONDC को इस बदलाव की धुरी के रूप में स्थापित किया जा रहा है।