डिजीहाट ने 'स्वदेशी' मार्केटप्लेस लॉन्च किया, 2,000 कारीगर और 1,100 किसान समूह जुड़े
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 12 मई 2026। सरकार-समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डिजीहाट ने मंगलवार को 'स्वदेशी' नाम का एक समर्पित मार्केटप्लेस लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य भारत में निर्मित उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाना और स्थानीय उत्पादन पारिस्थितिकी को सशक्त करना है। यह पहल ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के ढाँचे के अंतर्गत संचालित होगी और आत्मनिर्भर भारत के विजन को प्रतिबिंबित करती है।
मार्केटप्लेस की विशेषताएँ
'स्वदेशी' डिजीहाट ऐप के भीतर कार्य करेगा, जहाँ ग्राहक कारीगरों, किसान समूहों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), एनजीओ और भारतीय ब्रांड्स से सीधे खरीदारी कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर अनाज, बीज उत्पाद, कपड़े, हस्तशिल्प, होम डेकोर, बैग और दैनिक आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध होंगी। गौरतलब है कि लॉन्च के समय ही 2,000 से अधिक कारीगर और 1,100 से अधिक किसान समूह इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।
डिजीहाट की कार्यनीति
डिजीहाट के मुख्य परिचालन अधिकारी राहुल विज ने कहा कि यह पहल भारतीय उत्पादकों को अंतिम ग्राहकों से सीधा जोड़कर आर्थिक मूल्य श्रृंखला को स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ करने का प्रयास है। उन्होंने जोड़ा कि प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रत्येक लेनदेन स्थानीय कारोबार को समर्थन देगा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता को कम करेगा और आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय उद्देश्य को आगे बढ़ाएगा।
डिजीहाट का विस्तार क्रम
यह घोषणा डिजीहाट के विविधीकरण प्रयासों का एक हिस्सा है। अप्रैल 2026 में, कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी। उसी महीने प्लेटफॉर्म ने 20 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार किया और विभिन्न चैनलों पर 30,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं का नेटवर्क स्थापित किया।
संचालन और पार्टनरशिप
डिजीहाट खाद्य वितरण, ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग सेवाएँ भी प्रदान करता है, जिसके लिए भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे भागीदार नेटवर्क के साथ सहयोग करता है। कंपनी ONDC पारिस्थितिकी के तहत एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो 'निर्मित भारत' नामक गैर-लाभकारी संस्था के अंतर्गत संचालित होती है।
राष्ट्रीय संदर्भ
'स्वदेशी' प्लेटफॉर्म 'भारत से, भारत तक' की दृष्टि पर आधारित एक राष्ट्रीय डिजिटल बाज़ार बनने की दिशा में काम करेगा। यह पहल उस समय आई है जब सरकार स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी निर्भरता को कम करने पर ज़ोर दे रही है। डिजीहाट जैसे ONDC-आधारित प्लेटफॉर्म इस राष्ट्रीय उद्देश्य के कार्यान्वयन का एक महत्वपूर्ण अंग माने जा रहे हैं।