डिजीहाट ने 'स्वदेशी' मार्केटप्लेस लॉन्च किया, 2,000+ कारीगरों और 1,100 किसान समूहों को जोड़ा

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डिजीहाट ने 'स्वदेशी' मार्केटप्लेस लॉन्च किया, 2,000+ कारीगरों और 1,100 किसान समूहों को जोड़ा

सारांश

डिजीहाट का नया 'स्वदेशी' मार्केटप्लेस भारतीय कारीगरों और किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ता है। 2,000 से अधिक कारीगर और 1,100 किसान समूह पहले ही जुड़े हैं, जिससे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को एक व्यावहारिक डिजिटल प्ररूप मिला है।

मुख्य बातें

डिजीहाट ने 12 मई को ' स्वदेशी ' मार्केटप्लेस लॉन्च किया।
प्लेटफॉर्म पर 2,000 से अधिक कारीगर और 1,100 किसान समूह पहले ही पंजीकृत हैं।
' स्वदेशी ' अनाज, बीज, कपड़े, हस्तशिल्प, होम डेकोर और दैनिक आवश्यक वस्तुएँ बेचेगा।
ओएनडीसी इकोसिस्टम के तहत संचालित, ' निर्मित भारत ' गैर-लाभकारी संस्था द्वारा पर्यवेक्षित।
अप्रैल में डिजीहाट ने 20 लाख डाउनलोड पार किए और मेट्रो टिकट सेवा शुरू की।

नई दिल्ली, 12 मई। सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डिजीहाट ने मंगलवार को 'स्वदेशी' नाम का एक विशेष मार्केटप्लेस लॉन्च किया, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रामाणिक भारत-निर्मित उत्पादों को प्रचारित करना और देश की स्थानीय उत्पादन व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। यह पहल ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के स्वामित्व में संचालित होगा और आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि को मूर्त रूप देने का प्रयास है।

मार्केटप्लेस की संरचना और उपलब्ध उत्पाद

'स्वदेशी' मार्केटप्लेस डिजीहाट ऐप के अंदर एकीकृत होगा, जहाँ ग्राहक कारीगरों, किसान समूहों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), गैर-सरकारी संस्थाओं और भारतीय ब्रांड्स से सीधे खरीदारी कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर अनाज, बीज उत्पाद, कपड़े, हस्तशिल्प, होम डेकोर, बैग और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध होंगी। यह व्यवस्था उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच मध्यस्थों को हटाकर सीधा संबंध स्थापित करती है।

प्रारंभिक भागीदारी और पहुँच

लॉन्च के समय तक, देशभर से 2,000 से अधिक कारीगर और 1,100 से ज़्यादा किसान समूह इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। यह संख्या दर्शाती है कि स्थानीय उत्पादकों में इस पहल के प्रति पर्याप्त रुचि है। डिजीहाट के मुख्य परिचालन अधिकारी राहुल विज ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मूल उद्देश्य भारतीय उत्पादकों को सीधे ग्राहकों से जोड़कर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

आर्थिक प्रभाव और आत्मनिर्भरता

विज के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर की गई प्रत्येक खरीदारी स्थानीय कारोबार को सीधा समर्थन प्रदान करेगी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता को कम करेगी और आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी। 'स्वदेशी' को "भारत से, भारत तक" की विचारधारा पर आधारित एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धिता को मजबूत करने का भी लक्ष्य रखता है।

डिजीहाट की विस्तारित सेवाएँ

यह सेवा लॉन्च डिजीहाट के क्रमिक विस्तार का हिस्सा है। अप्रैल में, प्लेटफॉर्म ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगरों में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी, जिससे इसे एक एकीकृत डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म में परिवर्तित किया जा रहा है। उसी महीने, डिजीहाट ने 20 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार किया और विभिन्न चैनलों पर 30,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं का नेटवर्क बनाया। प्लेटफॉर्म पहले से ही खाद्य वितरण, ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग जैसी सेवाएँ प्रदान कर रहा है, और इसके लिए भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे साझेदार नेटवर्क के साथ काम कर रहा है।

संगठनात्मक ढाँचा

डिजीहाट ओएनडीसी इकोसिस्टम के अंतर्गत एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो 'निर्मित भारत' नामक गैर-लाभकारी संस्था के अंतर्गत संचालित होती है। यह संरचना सुनिश्चित करती है कि प्लेटफॉर्म सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सफलता केवल संख्याओं पर निर्भर नहीं है। 2,000 कारीगरों और 1,100 किसान समूहों की भागीदारी प्रारंभिक रुचि दर्शाती है, परंतु वास्तविक प्रभाव तब दिखेगा जब ये उत्पादक लाभजनक आय अर्जित करने लगें। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों का इतिहास बताता है कि बड़े खिलाड़ियों के मुकाबले छोटे विक्रेताओं के लिए जीवित रहना कठिन है। डिजीहाट को यह सुनिश्चित करना होगा कि 'स्वदेशी' केवल एक ब्रांडिंग अभ्यास न बनकर वास्तविक आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बने। साथ ही, ओएनडीसी इकोसिस्टम की पारदर्शिता और विकेंद्रीकृत प्रकृति यदि सुरक्षित रहे, तो यह मॉडल अन्य राष्ट्रीय ई-कॉमर्स पहलों के लिए एक खाका बन सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्वदेशी' मार्केटप्लेस क्या है और यह कैसे काम करता है?
'स्वदेशी' डिजीहाट ऐप के अंदर एक विशेष मार्केटप्लेस है जो कारीगरों, किसान समूहों, एसएचजी, एनजीओ और भारतीय ब्रांड्स को सीधे ग्राहकों से जोड़ता है। ग्राहक इन प्लेटफॉर्मों से अनाज, कपड़े, हस्तशिल्प और अन्य भारत-निर्मित उत्पाद खरीद सकते हैं।
'स्वदेशी' पर कितने कारीगर और किसान समूह पंजीकृत हैं?
लॉन्च के समय, 2,000 से अधिक कारीगर और 1,100 किसान समूह 'स्वदेशी' से जुड़ चुके हैं। ये संख्याएँ भविष्य में बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि प्लेटफॉर्म विस्तार पाता है।
'स्वदेशी' पर कौन-से उत्पाद उपलब्ध होंगे?
'स्वदेशी' मार्केटप्लेस अनाज, बीज उत्पाद, कपड़े, हस्तशिल्प, होम डेकोर, बैग और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करेगा। सभी उत्पाद भारत में निर्मित होंगे।
डिजीहाट कौन है और यह किसके द्वारा संचालित होता है?
डिजीहाट ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) इकोसिस्टम के तहत एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो 'निर्मित भारत' नामक गैर-लाभकारी संस्था के अंतर्गत संचालित होती है। यह एक सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।
'स्वदेशी' लॉन्च से पहले डिजीहाट ने क्या किया था?
अप्रैल में, डिजीहाट ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा शुरू की। उसी महीने, प्लेटफॉर्म ने 20 लाख डाउनलोड पार किए और 30,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं का नेटवर्क बनाया।
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