डिजीहाट का 'स्वदेशी' मार्केटप्लेस लॉन्च, 2,000 कारीगरों और 1,100 किसान समूहों को जोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डिजीहाट ने 12 मई को 'स्वदेशी' नाम का एक समर्पित मार्केटप्लेस लॉन्च किया है, जो भारत में निर्मित उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के स्वामित्व में यह पहल आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करने और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास है।
मार्केटप्लेस की संरचना और उत्पाद श्रेणियाँ
'स्वदेशी' डिजीहाट ऐप के भीतर एकीकृत होगा और कारीगरों, किसान समूहों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), एनजीओ और भारतीय ब्रांड्स को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ेगा। प्लेटफॉर्म पर अनाज, बीज उत्पाद, कपड़े, हस्तशिल्प, होम डेकोर, बैग और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध होंगी। गौरतलब है कि लॉन्च के समय पहले से ही देशभर के 2,000 से अधिक कारीगर और 1,100 से अधिक किसान समूह इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो चुके हैं।
डिजीहाट की रणनीतिक दृष्टि
डिजीहाट के मुख्य परिचालन अधिकारी राहुल विज ने कहा कि यह पहल भारतीय उत्पादकों को बिचौलियों को दरकिनार करके अंतिम उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने जोर दिया कि प्लेटफॉर्म पर की गई प्रत्येक खरीद स्थानीय व्यवसायों को प्रत्यक्ष समर्थन प्रदान करेगी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता को कम करेगी और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी। कंपनी ने इसे 'भारत से, भारत तक' की दार्शनिकता के तहत एक सर्वभारतीय प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया है।
डिजीहाट का विस्तारित पारिस्थितिकी तंत्र
यह घोषणा डिजीहाट के क्रमिक विस्तार का हिस्सा है। अप्रैल 2026 में कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगरों में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी। उसी महीने प्लेटफॉर्म ने 20 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार किया और विभिन्न चैनलों पर 30,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं का नेटवर्क बनाया। डिजीहाट खाद्य वितरण, ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग जैसी सेवाएँ भी प्रदान करता है, जिसके लिए वह भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे साझेदार नेटवर्क के साथ काम करता है।
संगठनात्मक संरचना
डिजीहाट ONDC पारिस्थितिकी तंत्र के तहत संचालित एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और 'निर्मित भारत' नामक गैर-लाभकारी संस्था के अंतर्गत काम करती है। यह संरचना सुनिश्चित करती है कि प्लेटफॉर्म के माध्यम से आर्थिक लाभ भारतीय उत्पादकों और कारीगरों तक पहुँचे।
व्यापक डिजिटल वाणिज्य का भविष्य
यह पहल एक व्यापक दृष्टिकोण का संकेत है जहाँ डिजीहाट एक एकीकृत डिजिटल वाणिज्य प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 'स्वदेशी' मार्केटप्लेस का विस्तार आने वाले महीनों में अन्य क्षेत्रों और उत्पाद श्रेणियों तक होने की उम्मीद है।