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एयरबीएनबी CEO ब्रायन चेस्की की चेतावनी: AI युग में 'पीपल मैनेजर्स' की भूमिका खतरे में

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एयरबीएनबी CEO ब्रायन चेस्की की चेतावनी: AI युग में 'पीपल मैनेजर्स' की भूमिका खतरे में

सारांश

एयरबीएनबी CEO ब्रायन चेस्की ने साफ कहा — AI के दौर में सिर्फ लोगों को मैनेज करने वाले और नई तकनीक न सीखने वाले पेशेवर पिछड़ेंगे। उनका 'हाइब्रिड मैनेजर' फॉर्मूला कॉर्पोरेट जगत में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव की आहट है।

मुख्य बातें

एयरबीएनबी CEO ब्रायन चेस्की ने इन्वेस्ट लाइक द बेस्ट पॉडकास्ट में AI युग में प्रबंधन की बदलती भूमिका पर विचार साझा किए।
चेस्की के अनुसार, केवल 'पीपल मैनेजर्स' — जो सिर्फ लोगों को मैनेज करते हैं — AI के दौर में प्रासंगिकता खो सकते हैं।
उन्होंने 'हाइब्रिड पीपल मैनेजर' या 'मैनेजर आईसी' का नया मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें मैनेजर की भूमिका में व्यक्तिगत योगदान भी शामिल है।
नई तकनीक सीखने से बचने वाले पेशेवर भी AI के दौर में प्रतिस्पर्धा में पिछड़ने का जोखिम उठाते हैं।
चेस्की ने स्पष्ट किया कि AI अपनाने के लिए उच्च तकनीकी विशेषज्ञता की नहीं, बल्कि सीखने की इच्छाशक्ति की ज़रूरत है।

एयरबीएनबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रायन चेस्की ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेज़ी से बढ़ते प्रभाव के बीच दो श्रेणियों के पेशेवर सबसे अधिक जोखिम में हैं — वे जो केवल लोगों को मैनेज करने तक सीमित हैं, और वे जो नई तकनीक अपनाने से कतराते हैं। इन्वेस्ट लाइक द बेस्ट पॉडकास्ट में दिए गए एक विस्तृत साक्षात्कार में चेस्की ने यह विचार साझा किए, जो तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।

क्या कहा ब्रायन चेस्की ने

चेस्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मुझे नहीं लगता कि भविष्य में 'पीपल मैनेजर्स' की कोई अहमियत होगी।' उनके अनुसार, ऐसे मैनेजर जिनका एकमात्र कार्य टीम के सदस्यों को निर्देश देना, मीटिंग्स शेड्यूल करना या भावनात्मक सहयोग प्रदान करना है — वे आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता खो सकते हैं। उन्होंने जोड़ा कि AI के दौर में केवल प्रबंधकीय ढाँचे में बने रहना पर्याप्त नहीं होगा।

नई भूमिका: 'हाइब्रिड पीपल मैनेजर'

चेस्की ने एक नई अवधारणा सामने रखी, जिसे उन्होंने 'हाइब्रिड पीपल मैनेजर' या 'मैनेजर आईसी' (Manager-Individual Contributor) का नाम दिया। इस मॉडल में मैनेजर केवल नेतृत्व तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह सीधे तौर पर काम में भी व्यक्तिगत योगदान देता है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर की कंपनियाँ अपनी प्रबंधन परतें घटाने पर विचार कर रही हैं।

उनका तर्क है कि मैनेजर की भूमिका में दोहरी दक्षता अनिवार्य हो जाएगी — एक तरफ टीम के साथ गहरे संबंध बनाना, और दूसरी तरफ परिणाम-उन्मुख कार्य में सक्रिय भागीदारी।

रिश्ते अहम, लेकिन योगदान अनिवार्य

चेस्की के मुताबिक, कर्मचारियों के साथ विश्वास और मज़बूत संबंध बनाए रखना आगे भी महत्त्वपूर्ण रहेगा। नियमित बातचीत, टीम के साथ समय बिताना — जैसे साथ में डिनर करना — ये सब विश्वास की नींव हैं। लेकिन, यदि प्रबंधक कार्य में प्रत्यक्ष योगदान नहीं दे पाते या कर्मचारियों के प्रदर्शन में सुधार लाने में असमर्थ रहते हैं, तो ये मानवीय गतिविधियाँ अकेले पर्याप्त नहीं होंगी।

तकनीक से दूरी बनाना भी बड़ा जोखिम

चेस्की ने उन पेशेवरों के लिए भी सचेत किया जो नई तकनीक सीखने से बचते हैं। उनका मानना है कि जैसे-जैसे AI रोज़मर्रा के कार्यों में घुलता जा रहा है, नए टूल्स आज़माने से कतराने वाले कर्मचारी खुद को प्रतिस्पर्धा में पिछड़ा पाएँगे। गौरतलब है कि चेस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि AI के साथ ढलने के लिए उच्च-स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता की ज़रूरत नहीं है — सीखने की इच्छाशक्ति, प्रयोग करने का जज़्बा और नए कौशल विकसित करने की तैयारी ही काफी है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

चेस्की की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर कंपनियाँ AI को अपनाने की होड़ में हैं और श्रम बाज़ार में संरचनात्मक बदलाव तेज़ होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-प्रबंधन स्तर पर यह बदलाव सबसे पहले और सबसे गहरा असर करेगा। आने वाले वर्षों में 'काम की परिभाषा' फिर से लिखी जाएगी — और जो इस पुनर्लेखन में भागीदार बनेंगे, वे ही प्रासंगिक बने रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई में यह उस व्यापक संरचनात्मक बदलाव की स्वीकृति है जिसे कॉर्पोरेट जगत अभी सार्वजनिक रूप से कहने से बचता है। मध्य-प्रबंधन — जो दशकों से कॉर्पोरेट पिरामिड की रीढ़ रहा है — AI के दौर में सबसे कमज़ोर कड़ी बनता जा रहा है, और इसका असर भारत जैसे देशों पर गहरा होगा जहाँ लाखों 'मैनेजर' पदों पर नियुक्त हैं। विडंबना यह है कि जो कंपनियाँ AI को अपनाने में सबसे आगे हैं, वही मध्य-प्रबंधन में सबसे तेज़ कटौती कर रही हैं। मुख्यधारा की कवरेज इसे 'भविष्य की बात' बताकर टाल देती है, जबकि यह प्रक्रिया अभी, इसी वक्त शुरू हो चुकी है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रायन चेस्की ने 'पीपल मैनेजर्स' के बारे में क्या कहा?
एयरबीएनबी के CEO ब्रायन चेस्की ने कहा कि AI के दौर में ऐसे मैनेजर जो केवल लोगों को मैनेज करते हैं और खुद सीधे काम में योगदान नहीं देते, उनकी भूमिका अप्रासंगिक हो सकती है। उन्होंने यह बात इन्वेस्ट लाइक द बेस्ट पॉडकास्ट में कही।
'हाइब्रिड पीपल मैनेजर' या 'मैनेजर आईसी' क्या है?
यह चेस्की द्वारा प्रस्तावित एक नई प्रबंधन भूमिका है जिसमें मैनेजर टीम का नेतृत्व करने के साथ-साथ खुद भी सीधे काम में व्यक्तिगत योगदान देता है। इसमें केवल टीम संचालन पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष कार्य-प्रदर्शन भी अनिवार्य माना गया है।
AI के दौर में कौन से कर्मचारी सबसे अधिक जोखिम में हैं?
चेस्की के अनुसार दो श्रेणियाँ सबसे अधिक जोखिम में हैं — पहली, जो केवल लोगों को मैनेज करते हैं और प्रत्यक्ष कार्य से दूर हैं; दूसरी, जो नई तकनीक और AI टूल्स सीखने से कतराते हैं। इन दोनों के लिए AI का बढ़ता प्रभाव करियर में बड़ी चुनौती बन सकता है।
क्या AI अपनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता ज़रूरी है?
नहीं। चेस्की ने स्पष्ट किया कि AI के साथ ढलने के लिए उच्च-स्तरीय तकनीकी ज्ञान अनिवार्य नहीं है। सीखने की इच्छाशक्ति, नए टूल्स आज़माने की तैयारी और लगातार नए कौशल विकसित करने का जज़्बा ही पर्याप्त है।
क्या AI के दौर में कर्मचारियों के साथ संबंध बनाना बेकार हो जाएगा?
नहीं, चेस्की के अनुसार टीम के साथ मज़बूत संबंध और विश्वास आगे भी ज़रूरी रहेंगे। लेकिन अकेले रिश्ते पर्याप्त नहीं होंगे — उन्हें प्रत्यक्ष कार्य-योगदान के साथ जोड़ना भी उतना ही ज़रूरी होगा।
राष्ट्र प्रेस
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