गेमिंग इंडस्ट्री में 2026 की बड़ी छंटनी: 3,700 से अधिक नौकरियाँ गईं, एपिक गेम्स सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक वीडियो गेम इंडस्ट्री में 2026 में छंटनी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 19 जून 2026 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक करीब 3,700 कर्मचारी अपनी नौकरी गँवा चुके हैं। यदि अपुष्ट कटौतियों और स्टूडियो बंद होने की घटनाओं को भी जोड़ा जाए, तो यह आँकड़ा 4,000 से अधिक हो जाता है।
मुख्य घटनाक्रम
ट्रेडिंगप्लेटफॉर्म की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका इन कटौतियों का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहाँ 2,153 नौकरियाँ समाप्त की गईं — जो वैश्विक कुल का लगभग 58.2 प्रतिशत है। इसी रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ कि जून तक पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर में छंटनी का आँकड़ा कम से कम 1,43,378 तक पहुँच गया।
'फोर्टनाइट' और 'अनरियल इंजन' जैसे बड़े नामों की निर्माता कंपनी एपिक गेम्स ने इस साल की सबसे बड़ी एकल कटौती की घोषणा की — लगभग 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया। यह गेमिंग सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी कटौतियों में से एक मानी जा रही है।
प्रमुख स्टूडियो और देशों पर असर
'हेलो' और 'डेस्टिनी' जैसे लोकप्रिय खेलों के निर्माता स्टूडियो बंजी ने भी लगभग 400 कर्मचारियों की छंटनी की योजना की घोषणा की। इसके अलावा कई अन्य स्थापित डेवलपर्स और पब्लिशर्स ने साल भर में छोटी-छोटी कटौतियाँ की हैं।
फ्रांस भी इस लहर से अछूता नहीं रहा। वहाँ चार गेम कंपनियों में सैकड़ों नौकरियाँ गईं। यूबीसॉफ्ट ने बड़े पैमाने पर पुनर्संरचना के तहत अपने कई स्टूडियो में लगभग 680 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की।
कनाडा में गेमिंग सेक्टर में कम से कम 257 नौकरियाँ गईं, जिनमें इडोस-मॉन्ट्रियल में 124 पद समाप्त हुए — एक बड़े एएए प्रोजेक्ट के रद्द होने के बाद। गौरतलब है कि 2026 में हुई कई कटौतियाँ केवल कर्मचारी संख्या घटाने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि इनके कारण कई स्टूडियो पूरी तरह बंद हो गए।
व्यापक टेक सेक्टर पर असर
गेमिंग की यह मार व्यापक तकनीकी उद्योग की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, क्लाउड और SaaS कंपनियों ने 2026 में लगभग 31,900 नौकरियाँ समाप्त कीं। ई-कॉमर्स कंपनियों ने लगभग 21,000 और आईटी सर्विस कंपनियों ने 16,700 से अधिक पद खत्म किए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रदाता और फिनटेक कंपनियों ने भी 10,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक गेमिंग बाज़ार में उपभोक्ता खर्च पर दबाव और उच्च विकास लागत के बीच बड़े स्टूडियो अपने पोर्टफोलियो को सुव्यवस्थित करने में जुटे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता नहीं आती और AAA खेलों की लागत पर नियंत्रण नहीं होता, तब तक इंडस्ट्री में रोज़गार का दबाव बना रह सकता है।