अमेरिका-ईरान तनाव से MCX पर सोना ₹1,543 और चांदी ₹3,897 टूटी, निवेशकों में बेचैनी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 14 अगस्त को कीमती धातुओं में तीखी बिकवाली देखी गई — अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की ईरान के खिलाफ कड़े आर्थिक कदमों की चेतावनी के बाद निवेशकों की धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना वायदा इंट्रा-डे में ₹1,543 यानी 1 प्रतिशत गिरकर ₹1,51,923 प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुँचा, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹3,897 यानी 1.65 प्रतिशत लुढ़ककर ₹2,31,550 प्रति किलोग्राम तक आ गई।
मुख्य घटनाक्रम
सोने का वायदा भाव पिछले बंद स्तर ₹1,53,466 से गिरकर दिन के निचले स्तर ₹1,51,923 प्रति 10 ग्राम तक पहुँचा। बाद में आंशिक रिकवरी हुई और खबर लिखे जाने तक यह 0.64 प्रतिशत यानी ₹866 की गिरावट के साथ ₹1,52,480 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने ₹1,53,200 का इंट्रा-डे उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव हावी रहा।
चांदी की स्थिति भी कमज़ोर रही। सत्र के दौरान चांदी ने ₹2,33,982 का उच्च स्तर छुआ, परंतु अंततः ₹2,31,550 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक फिसल गई। खबर लिखे जाने तक चांदी 0.83 प्रतिशत यानी ₹1,951 की गिरावट के साथ ट्रेड कर रही थी।
भू-राजनीतिक दबाव की पृष्ठभूमि
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, यह कमज़ोरी उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ आर्थिक अलगाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी जैसी रणनीतियों का सहारा ले सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में पहले से ही अनिश्चितता का माहौल है।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है और इस क्षेत्र में किसी भी तनाव का असर कमोडिटी बाज़ारों पर सीधे पड़ता है। ऐसे भू-राजनीतिक संकटों में आमतौर पर सोना 'सेफ हेवन' के रूप में मज़बूत होता है, लेकिन इस बार डॉलर की मज़बूती और निवेशकों की जोखिम-परिहार प्रवृत्ति ने उलटी प्रतिक्रिया दिखाई।
तकनीकी विश्लेषण: सोने के स्तर
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि MCX सोना हाल के उच्च स्तर ₹1,55,500 के आसपास से दबाव में आया है। फ़िलहाल ₹1,53,000 से ₹1,53,500 का दायरा तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के रूप में काम कर सकता है। यदि सोना इस स्तर के ऊपर मज़बूती से निकलता है, तो अगला लक्ष्य ₹1,54,000 से ₹1,54,500 हो सकता है।
नीचे की ओर, तत्काल सपोर्ट ₹1,52,000 से ₹1,51,500 के बीच माना जा रहा है, जबकि ₹1,51,000 का स्तर मज़बूत सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक सोना अभी भी प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर कारोबार कर रहा है, लेकिन MACD संकेतक तेज़ी की रफ़्तार कमज़ोर पड़ने का संकेत दे रहा है और RSI भी ओवरबॉट ज़ोन से नीचे आ चुका है।
चांदी के तकनीकी संकेत
चांदी के संबंध में विश्लेषकों का कहना है कि ₹2,32,000 के आसपास महत्वपूर्ण सपोर्ट मौजूद है। इसके नीचे ₹2,31,500 से ₹2,31,000 का क्षेत्र अगला मज़बूत सपोर्ट हो सकता है। चांदी 20-दिवसीय EMA के नीचे फिसल चुकी है और MACD भी तेज़ी की कमज़ोर होती गति का संकेत दे रहा है। RSI में नरमी भी निकट अवधि में दबाव बढ़ने की ओर इशारा कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चांदी ₹2,32,000 के स्तर से नीचे टिकती है, तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है।
आगे क्या होगा
फ़िलहाल वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। अमेरिका-ईरान वार्ता की स्थिति और किसी भी नए प्रतिबंध की घोषणा अगले सप्ताह के कारोबार के लिए निर्णायक रहेगी।