गूगल आई/ओ कनेक्ट इंडिया 2026: भारत के एआई इकोसिस्टम के लिए गूगल के नए टूल्स, पार्टनरशिप और ₹5.3 लाख करोड़ का राजस्व आँकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
गूगल ने 14 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में आयोजित 'गूगल आई/ओ कनेक्ट इंडिया 2026' सम्मेलन में भारत के डेवलपर्स, स्टार्टअप्स, एंटरप्राइजेज और शैक्षणिक संस्थानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी कई बड़ी पहलों की घोषणा की। इन घोषणाओं में एआई शिक्षा, हेल्थकेयर सहयोग, साइबर सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार शामिल हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि गूगल प्ले स्टोर और एंड्रॉइड इकोसिस्टम ने वर्ष 2025 में भारत में ऐप पब्लिशर्स और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित ₹5.3 लाख करोड़ (करीब 60 अरब डॉलर) का राजस्व उत्पन्न किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है।
मुख्य घोषणाएँ
गूगल डीपमाइंड ने 'एआई रिसर्च फाउंडेशन्स' नामक एक 56 घंटे का निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य शिक्षार्थियों को लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) तैयार करने और फाइन-ट्यून करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। यह कार्यक्रम नैसकॉम, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
गूगल ने अटल इनोवेशन मिशन के अंतर्गत शिक्षकों के लिए जेमिनी एआई पर आधारित 'एटीएल साथी' नामक एआई सहायक भी लॉन्च किया है। शुरुआती चरण में इसे देश के 100 स्कूलों में लागू किया जाएगा।
हेल्थकेयर में एआई का विस्तार
हेल्थकेयर क्षेत्र में गूगल ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के शोधकर्ता कंपनी के मेडजेमा ओपन एआई मॉडल का उपयोग कर कुष्ठ रोग और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े भारत-केंद्रित एआई टूल विकसित कर रहे हैं। इन परियोजनाओं से विकसित एआई मॉडल बाद में भारत के डेवलपर समुदाय के लिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को व्यापक आधार मिलेगा।
भाषाई समावेश और जेमिनी लाइव
गूगल ने घोषणा की कि जेमिनी लाइव अब 25 भारतीय भाषाओं और बोलियों का समर्थन करता है, जिनमें संस्कृत, भोजपुरी और मैथिली जैसी भाषाएँ भी शामिल हैं। यह कदम भारत के उन करोड़ों उपयोगकर्ताओं तक एआई की पहुँच सुनिश्चित करता है जो अंग्रेज़ी या प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं से परे अपनी मातृभाषा में तकनीक का उपयोग करना चाहते हैं।
सरकार और उद्योग की प्रतिक्रिया
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि गूगल ने सर्च, एंड्रॉइड, यूट्यूब, मैप्स और गूगल प्ले जैसे उत्पादों के माध्यम से भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, 'गूगल ने छात्रों के सीखने का तरीका, कारोबार के बढ़ने का तरीका, सरकारों की सेवा देने की प्रक्रिया और अरबों लोगों के ज्ञान तक पहुँचने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। यह एक असाधारण योगदान है।'
गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि भारत के डेवलपर्स दुनिया के अधिकांश देशों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से एआई का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे दुनिया एजेंटिक एआई के दौर में प्रवेश कर रही है, हमारा फोकस ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है, जिससे पूरा एआई इकोसिस्टम सुरक्षित तरीके से बड़े स्तर पर विकसित हो सके।'
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार भी राष्ट्रीय एआई मिशन के तहत देश में एआई अनुसंधान और बुनियादी ढाँचे को प्रोत्साहन दे रही है। गौरतलब है कि गूगल की ये पहलें भारत में एआई प्रतिभा के विकास और स्थानीय उपयोग के मामलों को केंद्र में रखती हैं, जो वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को और मज़बूत कर सकती हैं।