ग्रीनलाइन मोबिलिटी ने टाटा स्टील संग एलएनजी फ्लीट साझेदारी बढ़ाई, ओडिशा के मेरामांडाली प्लांट में तैनाती
सारांश
मुख्य बातें
ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने 22 मई 2026 को ओडिशा स्थित टाटा स्टील के मेरामांडाली प्लांट में एलएनजी-संचालित ट्रकों की नई खेप को हरी झंडी दिखाकर दोनों संगठनों के बीच दीर्घकालिक हरित लॉजिस्टिक्स साझेदारी को और मज़बूत किया। एस्सार ग्रुप की इस ग्रीन लॉजिस्टिक्स कंपनी का यह कदम भारत में लंबी दूरी की सड़क माल ढुलाई को कार्बन मुक्त करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
मुख्य घटनाक्रम
यह तैनाती भारत में कई परिचालन स्थलों पर जारी सहयोग का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ईंधन विकल्पों को बड़े पैमाने पर अपनाना और बड़े माल ढुलाई कार्यों से कार्बन उत्सर्जन घटाना है। ग्रीनलाइन वर्तमान में प्रमुख माल ढुलाई मार्गों पर 1,000 से अधिक एलएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) ट्रकों का संचालन करती है, जो इस्पात, सीमेंट, खनन, एफएमसीजी और रसायन जैसे क्षेत्रों को सेवाएँ देते हैं।
कंपनी का बढ़ता बेड़ा अब तक 9 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है, जिससे 24,000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। यह आँकड़ा भारत के हरित परिवहन क्षेत्र में किसी एकल लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर की उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड के सीईओ मधुर तनेजा ने कहा, 'इस तैनाती के माध्यम से टाटा स्टील के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने में हमें खुशी हो रही है। ईंधन पर निर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, भारत में लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स के लिए एलएनजी एक व्यावहारिक और व्यापक विकल्प के रूप में उभर रहा है।'
टाटा स्टील के सप्लाई चेन उपाध्यक्ष प्रभात कुमार ने कहा, 'यह सब अकेले संभव नहीं है। अगर टाटा स्टील अपने वाहनों और लॉजिस्टिक्स को हरित बनाने का फैसला करता है, तो यह ग्रीनलाइन जैसे हमारे साझेदारों के समर्थन और समन्वय के बिना संभव नहीं होगा।'
परिचालन क्षमता और पर्यावरणीय लाभ
परिचालन की दृष्टि से, ग्रीनलाइन के एलएनजी-चालित ट्रक एक बार ईंधन भरने पर 1,200 किमी तक और दोहरे टैंक के साथ 2,400 किमी तक की ड्राइविंग रेंज प्रदान करते हैं। पारंपरिक डीजल ट्रकों की तुलना में ये ट्रक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 40 प्रतिशत तक कम करते हैं, साथ ही सूक्ष्म कणों, SOx, NOx और अन्य कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाते हैं।
गौरतलब है कि यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब भारत सरकार परिवहन क्षेत्र में उत्सर्जन घटाने के लिए वैकल्पिक ईंधन नीतियों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।
विस्तार योजना और आगे की राह
स्वच्छ माल ढुलाई के अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के तहत, ग्रीनलाइन 10,000 से अधिक एलएनजी और ईवी ट्रक तैनात करने की योजना बना रही है। इन्हें 100 एलएनजी ईंधन भरने वाले स्टेशनों, ईवी चार्जिंग हब और बैटरी स्वैपिंग सुविधाओं के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क से समर्थन मिलेगा। कंपनी का लक्ष्य इस विस्तार के ज़रिये प्रति वर्ष 10 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम करना है। जैसे-जैसे अधिक उद्योग स्वच्छ परिवहन समाधानों को अपनाएँगे, भारत के ग्रीन लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बदलाव की गति और तेज़ होने की उम्मीद है।