चंडीगढ़ में सिटी गैस नेटवर्क विस्तार पर PNGRB की हाई-लेवल बैठक, राजभवन में PNG सप्लाई का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 7 अगस्त को चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के साथ बैठक की। इस बैठक का केंद्र था — चंडीगढ़ में सिटी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क के विस्तार में आ रही बाधाओं को दूर करना और स्वच्छ प्राकृतिक गैस अपनाने की गति तेज़ करना। बैठक के तुरंत बाद राज्यपाल कटारिया ने राजभवन में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सप्लाई का औपचारिक उद्घाटन किया।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में CGD नेटवर्क की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई और परिचालन संबंधी अड़चनों को चिह्नित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरे केंद्र शासित प्रदेश में प्राकृतिक गैस की पहुँच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी एशिया में जारी संकट के कारण एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है और सरकार LPG पर निर्भरता घटाने की दिशा में सक्रिय है।
राजभवन में PNG उद्घाटन का महत्त्व
राजभवन में PNG सप्लाई की शुरुआत को प्रतीकात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पूरे केंद्र शासित प्रदेश में टिकाऊ ऊर्जा अपनाने के लिए एक मिसाल कायम करता है। गौरतलब है कि चंडीगढ़ पहले से ही देश के सबसे हरित शहरों में गिना जाता है, और PNG नेटवर्क का विस्तार इस दिशा में एक और कदम है।
देशभर में PNG कनेक्शन की रफ़्तार
राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 5 लाख नए PNG कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं, क्योंकि उपभोक्ता खाना पकाने के लिए LPG से प्राकृतिक गैस की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, मार्च 2026 से अब तक 5.1 लाख से अधिक अतिरिक्त ग्राहकों ने नए PNG कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। नागरिकों को PNG के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
PNGRB की नई टैरिफ नीति
PNGRB ने लंबी दूरी की पाइपलाइनों के लिए एक नई टैरिफ नीति का प्रस्ताव दिया है, जिसका उद्देश्य CNG और PNG बेचने वाली सिटी गैस कंपनियों पर ट्रांसमिशन शुल्क का बोझ कम करना है। नियामक प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के ट्रांसमिशन टैरिफ को इस प्रकार तय करता है कि निवेशित पूंजी पर 12 प्रतिशत का रिटर्न सुनिश्चित हो। पहले यह टैरिफ पाइपलाइन की लंबाई के अनुसार बढ़ता था, जिससे गैस स्रोत से दूर के उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करना पड़ता था।
इस दूरी-आधारित असमानता को दूर करने के लिए नवंबर 2020 में एकसमान टैरिफ का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे 1 अप्रैल 2023 से लागू किया जा चुका है। इस बदलाव से देश के दूरदराज़ के क्षेत्रों में भी प्राकृतिक गैस की कीमत अपेक्षाकृत समान रहती है।
आगे की राह
चंडीगढ़ में इस बैठक और उद्घाटन के बाद उम्मीद है कि CGD नेटवर्क विस्तार की रफ़्तार तेज़ होगी। सरकार का लक्ष्य अन्य शहरों में भी PNG कनेक्शन का दायरा बढ़ाना है, ताकि ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत किया जा सके और पर्यावरण पर LPG के प्रभाव को कम किया जा सके।