डॉ. जितेंद्र सिंह: 25-30 साल पुरानी कर्मचारी शिकायतें सुलझाई, डाक कर्मचारी संघ से हुई अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कहा कि केंद्र सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की नीति के कारण सरकारी कर्मचारियों की वे शिकायतें हल हुई हैं, जो 25 से 30 वर्षों से लंबित थीं। यह बयान उन्होंने भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध भारतीय डाक कर्मचारी संघ के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान दिया।
बैठक में क्या उठे मुद्दे
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष डाक कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मसले रखे। इनमें सेवा-संबंधी विवाद, कर्मचारी कल्याण, यूनियन मान्यता से जुड़ी समस्याएँ तथा वर्षों से अटके प्रशासनिक एवं कानूनी मामलों के त्वरित निपटारे की माँग प्रमुख रही। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अनुरोध किया कि जिन मामलों में अनेक मंत्रालयों की भागीदारी है, उनमें सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद कानूनसम्मत और स्थायी समाधान निकाला जाए।
मंत्री की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख
डॉ. सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से कहा, 'संवेदनशील प्रशासन, समय पर फैसले और लगातार किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों के कारण लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हमारी प्राथमिकता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ कर्मचारियों की माँग उचित होती है, वहाँ नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जाँच की जाती है। बहु-विभागीय मामलों में सभी पक्षों की राय लेकर पारदर्शी निर्णय लिया जाता है।
विभागीय तालमेल पर जोर
बैठक में ऐसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई जिनके समाधान के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। मंत्री ने कर्मचारी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रशासन और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव एवं प्रतिक्रिया लिखित रूप में सरकार को नियमित रूप से भेजते रहें।
प्रतिनिधिमंडल की सराहना
भारतीय डाक कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक सुधारों पर सरकार के निरंतर जोर की सराहना की। प्रतिनिधियों ने स्वीकार किया कि सेवा से जुड़े कई दीर्घकालीन मामलों और कर्मचारियों की पुरानी शिकायतों पर पिछले कुछ वर्षों में विशेष ध्यान दिया गया है। यह बैठक सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच नियमित संवाद की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसे मंत्रालय लगातार आगे बढ़ा रहा है।
आगे की राह
डॉ. सिंह ने संकेत दिया कि सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ रचनात्मक और नियमित संवाद जारी रखेगी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार लोक शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक डिजिटल और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में बहु-विभागीय मामलों के समन्वित निपटारे पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।