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भारत ने न्यूजीलैंड को भेजा पहला वैल्यू-एडेड मिलेट्स शिपमेंट, APEDA की पहल से मिली सफलता

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भारत ने न्यूजीलैंड को भेजा पहला वैल्यू-एडेड मिलेट्स शिपमेंट, APEDA की पहल से मिली सफलता

सारांश

भारत ने पहली बार न्यूजीलैंड को वैल्यू-एडेड मिलेट्स उत्पादों का शिपमेंट भेजा — APEDA की व्यापार प्रोत्साहन पहलों का यह ठोस परिणाम है। बेंगलुरु की इन्फिनी एग्रोटेक द्वारा भेजी गई 1 मीट्रिक टन की यह खेप भारत के पारंपरिक अनाजों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक नया कदम है।

मुख्य बातें

भारत ने 4 जून 2026 को न्यूजीलैंड को पहला वैल्यू-एडेड मिलेट्स शिपमेंट भेजा।
बेंगलुरु स्थित इन्फिनी एग्रोटेक एलएलपी ने 1 मीट्रिक टन रेडी-टू-कुक बाजरा-आधारित उत्पाद निर्यात किए।
APEDA अध्यक्ष अभिषेक देव ने वर्चुअल माध्यम से शिपमेंट को हरी झंडी दिखाई।
यह ऑर्डर 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025' , 'इंडस फूड 2025' और 'गल्फूड 2026' में भागीदारी के बाद मिला।
यह शिपमेंट भारत के वैल्यू-एडेड कृषि निर्यात विस्तार की बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करता है।

भारत ने 4 जून 2026 को न्यूजीलैंड को पहली बार वैल्यू-एडेड मिलेट्स उत्पादों का शिपमेंट भेजकर एक नया निर्यात मील का पत्थर स्थापित किया। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से भेजी गई यह खेप देश से न्यूजीलैंड के लिए पहला रेडी-टू-कुक मिलेट्स निर्यात है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी गुरुवार को साझा की गई।

शिपमेंट का विवरण

बेंगलुरु स्थित निर्यातक कंपनी इन्फिनी एग्रोटेक एलएलपी ने 1 मीट्रिक टन वैल्यू-एडेड बाजरा-आधारित उत्पादों की यह खेप बुधवार को रवाना की। इन उत्पादों में भारत के पारंपरिक अनाजों से तैयार इनोवेटिव रेडी-टू-कुक सामग्री शामिल है, जो वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य-सचेत उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती माँग को दर्शाती है।

APEDA की भूमिका और व्यापार प्रोत्साहन

इन्फिनी एग्रोटेक ने APEDA द्वारा समर्थित प्रमुख व्यापार प्रदर्शनियों — 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025', 'इंडस फूड 2025' और 'गल्फूड 2026' — में सक्रिय रूप से भाग लिया था। इन मंचों ने कंपनी को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़ने और अपने वैश्विक ग्राहक आधार का विस्तार करने का अवसर दिया। न्यूजीलैंड से प्राप्त यह निर्यात ऑर्डर उन्हीं निरंतर नेटवर्किंग प्रयासों का परिणाम बताया जा रहा है।

APEDA अध्यक्ष ने दी हरी झंडी

APEDA के अध्यक्ष अभिषेक देव ने वर्चुअल माध्यम से शिपमेंट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इन्फिनी एग्रोटेक को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए बाजरा-आधारित इनोवेटिव उत्पादों के विकास और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। देव ने निर्यातक को APEDA की प्रोत्साहन पहलों का निरंतर लाभ उठाने और आगामी व्यापार मेलों में भागीदारी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

वैश्विक मिलेट्स बाज़ार में भारत की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज वर्ष (2023) के बाद भी मिलेट्स को वैश्विक खाद्य पटल पर स्थापित करने की कोशिश में लगा है। गौरतलब है कि वैल्यू-एडेड कृषि उत्पादों का निर्यात कच्चे अनाज की तुलना में अधिक मूल्य और रोज़गार सृजन की क्षमता रखता है। यह शिपमेंट भारत के वैल्यू-एडेड कृषि निर्यात को नई दिशा देने की क्षमता का संकेत है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, APEDA निर्यातकों को बाज़ार पहुँच बढ़ाने और नए व्यावसायिक अवसरों की तलाश के लिए व्यापार प्रदर्शनियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मात्रा और निरंतरता की होगी — 1 मीट्रिक टन की एकल खेप अभी तक एक व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि एक पायलट संकेत है। भारत ने 2023 के अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज वर्ष के बाद मिलेट्स को वैश्विक ब्रांड बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था, परंतु कच्चे अनाज से वैल्यू-एडेड उत्पादों की ओर संक्रमण अभी भी धीमा है। APEDA की व्यापार प्रदर्शनी-केंद्रित रणनीति सही दिशा में है, किंतु छोटे और मध्यम निर्यातकों को दीर्घकालिक बाज़ार पहुँच के लिए केवल प्रदर्शनियों से आगे जाकर नियामक और लॉजिस्टिक्स बाधाओं को दूर करना होगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने न्यूजीलैंड को कौन-से मिलेट्स उत्पाद निर्यात किए?
भारत ने न्यूजीलैंड को 1 मीट्रिक टन वैल्यू-एडेड, रेडी-टू-कुक बाजरा-आधारित उत्पाद निर्यात किए, जो भारत के पारंपरिक अनाजों से तैयार किए गए हैं। यह देश की ओर से न्यूजीलैंड को भेजा गया इस श्रेणी का पहला शिपमेंट है।
इस शिपमेंट में APEDA की क्या भूमिका रही?
APEDA ने व्यापार प्रोत्साहन कार्यक्रमों — 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025', 'इंडस फूड 2025' और 'गल्फूड 2026' — के माध्यम से निर्यातक को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ा। APEDA अध्यक्ष अभिषेक देव ने वर्चुअल माध्यम से शिपमेंट को हरी झंडी दिखाई।
यह शिपमेंट किस कंपनी ने भेजा और वह कहाँ स्थित है?
यह शिपमेंट बेंगलुरु स्थित इन्फिनी एग्रोटेक एलएलपी ने भेजा। कंपनी ने APEDA समर्थित अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों में भाग लेकर न्यूजीलैंड के खरीदारों से संपर्क स्थापित किया था।
भारत के मिलेट्स निर्यात का वैश्विक संदर्भ क्या है?
2023 के अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज वर्ष के बाद भारत वैश्विक स्तर पर मिलेट्स को बढ़ावा दे रहा है। वैल्यू-एडेड उत्पादों का निर्यात कच्चे अनाज की तुलना में अधिक आर्थिक मूल्य और रोज़गार सृजन की क्षमता रखता है, जिससे भारत के कृषि निर्यात को नई दिशा मिल सकती है।
क्या भविष्य में इस तरह के और शिपमेंट की योजना है?
आधिकारिक बयान के अनुसार, APEDA निर्यातकों को व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा ताकि बाज़ार पहुँच बढ़े और नए व्यावसायिक अवसर तलाशे जा सकें। विशिष्ट भावी शिपमेंट की संख्या या तिथि अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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