भारत-न्यूजीलैंड व्यापार 2030 तक दोगुना करना संभव, एफटीए से मिलेगी रफ्तार: ग्राहम राउज
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड के व्यापार आयुक्त एवं भारत-दक्षिण एशिया के महावाणिज्यदूत ग्राहम राउज ने कहा है कि 2030 तक भारत-न्यूजीलैंड द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन पूरी तरह हासिल किया जा सकता है। मुंबई में राष्ट्र प्रेस को दिए एक्सक्लूसिव साक्षात्कार में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया न्यूजीलैंड यात्रा, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की संभावनाओं और मुंबई के तेज विकास पर विस्तार से बात की।
ऐतिहासिक यात्रा और रणनीतिक साझेदारी
राउज ने प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा को अपने देश के लिए 'बेहद विशेष अवसर' बताया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए न्यूजीलैंड में मौजूद रहना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी। 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी, इसलिए यह हमारे लिए एक बड़ा अवसर था।" इस दौरे के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य: कितना वास्तविक?
राउज ने इस लक्ष्य की व्यावहारिकता पर विश्वास जताते हुए कहा, "जब मैंने 2022-23 में भारत में काम शुरू किया था, तब से अब तक व्यापार पहले ही दोगुना हो चुका है। अब मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने वाला है, इसलिए 2030 तक व्यापार दोगुना करने की यह महत्वाकांक्षा काफी वास्तविक लगती है और इसे लेकर सभी उत्साहित हैं।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा है।
एफटीए से किन क्षेत्रों को होगा सबसे अधिक लाभ
राउज के अनुसार, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने के बाद न्यूजीलैंड में भारत से होने वाला पूरा निर्यात शुल्क मुक्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एफटीए से तीन प्रमुख क्षेत्रों को सर्वाधिक लाभ मिलने की उम्मीद है:
पहला, विनिर्माण क्षेत्र — जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, दवा उद्योग और मशीनरी शामिल हैं। दूसरा, श्रम आधारित उद्योग — जैसे परिधान, कपड़ा, जूते और चमड़ा क्षेत्र। तीसरा, सेवा एवं शिक्षा क्षेत्र — जिसमें स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा संस्थान, आईटी और अन्य सेवाएँ आती हैं। गौरतलब है कि ये वही क्षेत्र हैं जहाँ भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सबसे अधिक मानी जाती है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की संभावना
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की भारत यात्रा की संभावना पर राउज ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि वह वापस आएंगे। मुझे नहीं पता कि यह कब होगा। इस साल के अंत में न्यूजीलैंड में आम चुनाव होने हैं, इसलिए संभव है कि चुनाव से पहले यह न हो पाए। लेकिन मैं जानता हूं कि उनका भारत के प्रति विशेष लगाव है और वह यहां दोबारा आना पसंद करेंगे।"
मुंबई के विकास पर राउज की नज़र
मुंबई में तीन वर्षों से कार्यरत राउज ने शहर के बुनियादी ढाँचे में आए बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा, "मैंने कोस्टल रोड को खुलते देखा, अटल सेतु को शुरू होते देखा और अब नवी मुंबई एयरपोर्ट तथा पुणे टनल का निर्माण देख रहा हूं।" उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुंबई के विकास के इस दौर का नेतृत्व करने के लिए बधाई दी और कहा कि न्यूजीलैंड महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग के लिए उत्साहित है। द्विपक्षीय संबंधों की यह नई ऊर्जा आने वाले वर्षों में ठोस व्यापारिक परिणामों में बदलती है या नहीं, यह एफटीए के क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगा।