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उच्च शिक्षा नामांकन 4.50 करोड़ के पार, एक दशक में 31.5% उछाल; छात्राओं की भागीदारी पुरुषों से आगे

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उच्च शिक्षा नामांकन 4.50 करोड़ के पार, एक दशक में 31.5% उछाल; छात्राओं की भागीदारी पुरुषों से आगे

सारांश

एक दशक में भारत के उच्च शिक्षा नामांकन में 31.5% की छलांग — 3.42 करोड़ से 4.50 करोड़। सबसे बड़ी कहानी छात्राओं की है: GPI 0.92 से 1.08 तक, यानी महिलाएँ अब कई श्रेणियों में पुरुषों से आगे। लेकिन NEP 2020 का 2035 तक 50% GER का लक्ष्य अभी भी दूर है।

मुख्य बातें

उच्च शिक्षा नामांकन 2014-15 के 3.42 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 4.50 करोड़ — 31.5% की वृद्धि।
सकल नामांकन अनुपात ( GER ) 23.7% से बढ़कर 30% ; NEP 2020 का 2035 तक 50% का लक्ष्य।
छात्राओं का नामांकन 42.2% बढ़कर 2.24 करोड़ ; लैंगिक समानता सूचकांक ( GPI ) 0.92 से 1.08 ।
OBC नामांकन हिस्सेदारी 32.8% से 40.1% ; SC 13.44% से 15.5% ; ST 4.8% से 6.4% ।
विश्वविद्यालयों की संख्या 760 से 1,289 ( 69.6% वृद्धि); कॉलेज 38,498 से 48,246 ।
STEM नामांकन 91.5 लाख से 1.02 करोड़ — 11.5% की वृद्धि।

भारत में उच्च शिक्षा का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, 2014-15 में उच्च शिक्षा संस्थानों में नामांकित छात्रों की संख्या 3.42 करोड़ थी, जो 2023-24 में बढ़कर 4.50 करोड़ हो गई — यानी एक दशक में 31.5 प्रतिशत की वृद्धि। यह आँकड़ा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में भारत की महत्त्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित करता है।

सकल नामांकन अनुपात में सुधार

उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) 2014-15 के 23.7 प्रतिशत से बढ़कर 2022-23 में 29.5 प्रतिशत और 2023-24 में 30 प्रतिशत तक पहुँच गया है। गौरतलब है कि NEP 2020 ने 2035 तक GER को 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। मौजूदा गति को देखते हुए यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण तो है, लेकिन दिशा सकारात्मक बनी हुई है।

संस्थानों का तेज़ विस्तार

अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट के अनुसार, देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 2014-15 के 760 से बढ़कर 2023-24 में 1,289 हो गई — 69.6 प्रतिशत की वृद्धि। इसी अवधि में कॉलेजों की संख्या 38,498 से 48,246 (25.3 प्रतिशत वृद्धि) और स्वतंत्र संस्थानों की संख्या 12,276 से 15,221 (24 प्रतिशत वृद्धि) हो गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

छात्राओं की भागीदारी में ऐतिहासिक उछाल

उच्च शिक्षा में महिला नामांकन के आँकड़े विशेष रूप से उत्साहजनक हैं। पिछले दस वर्षों में छात्राओं का नामांकन 42.2 प्रतिशत बढ़कर 1.57 करोड़ से 2.24 करोड़ हो गया — जो कुल नामांकन वृद्धि दर (31.5 प्रतिशत) से कहीं अधिक है। लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) 2014-15 के 0.92 से बढ़कर 2023-24 में 1.08 हो गया, जिसका अर्थ है कि उच्च शिक्षा में महिलाएँ अब कई श्रेणियों में पुरुषों से आगे निकल चुकी हैं।

वंचित वर्गों की बढ़ती पहुँच

सामाजिक समावेश के मोर्चे पर भी सुधार दिखा है। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की नामांकन हिस्सेदारी 13.44 प्रतिशत से बढ़कर 15.5 प्रतिशत हो गई। अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की भागीदारी 4.8 प्रतिशत से 6.4 प्रतिशत तक पहुँची। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का नामांकन हिस्सा 32.8 प्रतिशत से बढ़कर 40.1 प्रतिशत हो गया — सभी सामाजिक वर्गों में सबसे बड़ी वृद्धि।

STEM में बढ़ती रुचि

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों में नामांकन 91.5 लाख से बढ़कर 1.02 करोड़ हो गया है, जो 11.5 प्रतिशत की वृद्धि है। आँकड़ों के अनुसार यह वृद्धि भारत की तकनीकी और नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मज़बूती दे सकती है। आगे की राह इस बात पर निर्भर करेगी कि नामांकन की यह गति गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोज़गार परिणामों में भी परिवर्तित हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह विस्तार गुणवत्ता के साथ कदम मिला रहा है। संस्थानों की संख्या में 69.6% की वृद्धि के बावजूद वैश्विक रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की उपस्थिति सीमित है। OBC नामांकन में सबसे बड़ी उछाल सामाजिक समावेश की दिशा में सकारात्मक संकेत है, लेकिन नामांकन के बाद ड्रॉपआउट दर और रोज़गार परिणामों के आँकड़े इस तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे। NEP 2020 का 2035 तक 50% GER का लक्ष्य मौजूदा गति से भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है — मात्र संख्या बढ़ाने से नहीं, बल्कि शिक्षा की प्रासंगिकता सुनिश्चित करने से यह लक्ष्य हासिल होगा।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में उच्च शिक्षा नामांकन 2023-24 में कितना है?
शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, 2023-24 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन 4.50 करोड़ है, जो 2014-15 के 3.42 करोड़ की तुलना में 31.5 प्रतिशत अधिक है।
भारत में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (GER) क्या है?
2023-24 में भारत का उच्च शिक्षा GER 30 प्रतिशत है, जो 2014-15 के 23.7 प्रतिशत से बढ़ा है। NEP 2020 का लक्ष्य 2035 तक इसे 50 प्रतिशत तक पहुँचाना है।
उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी कितनी बढ़ी है?
पिछले दस वर्षों में छात्राओं का नामांकन 42.2 प्रतिशत बढ़कर 1.57 करोड़ से 2.24 करोड़ हो गया है। लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) 0.92 से बढ़कर 1.08 हो गया, जिसका अर्थ है कि कई श्रेणियों में महिला नामांकन पुरुषों से अधिक है।
SC, ST और OBC वर्गों की उच्च शिक्षा में भागीदारी कितनी है?
2023-24 में OBC नामांकन हिस्सेदारी 40.1 प्रतिशत, SC की 15.5 प्रतिशत और ST की 6.4 प्रतिशत है। ये सभी आँकड़े 2014-15 की तुलना में बढ़े हैं, जिसमें OBC की वृद्धि सबसे अधिक रही।
भारत में STEM विषयों में नामांकन की स्थिति क्या है?
STEM विषयों में नामांकन 91.5 लाख से बढ़कर 1.02 करोड़ हो गया है, जो 11.5 प्रतिशत की वृद्धि है। यह वृद्धि भारत की तकनीकी और नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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