भारत में नौकरियों का माहौल: अप्रैल-जून में हायरिंग आउटलुक 68 प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर
सारांश
Key Takeaways
- नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक: 68 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर।
- फाइनेंस और इंश्योरेंस: भर्ती का सबसे मजबूत क्षेत्र।
- कुशल प्रतिभा की कमी: 82 प्रतिशत कंपनियों को योग्य कर्मचारी मिलना मुश्किल।
- एआई का उपयोग: 87 प्रतिशत कंपनियों में भर्ती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल।
- उत्तरी क्षेत्र: भर्ती का सबसे मजबूत आउटलुक 70 प्रतिशत।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में कंपनियों द्वारा भर्ती की योजनाएं 2026 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए बेहद मजबूत नजर आ रही हैं। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (एनईओ) 68 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है।
मैनपावरग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा पिछली तिमाही की तुलना में 17 प्रतिशत अंक अधिक है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्शाता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जीएसटी के तहत कर सुधार और 2026 के लिए मजबूत आर्थिक विकास की उम्मीदों से कंपनियों को लाभ मिल रहा है, जिससे भर्ती की योजनाओं में वृद्धि हो रही है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंस और इंश्योरेंस क्षेत्र में भर्ती का आउटलुक सबसे मजबूत है, जो 71 प्रतिशत तक पहुँच गया है। यह पिछले तिमाही की तुलना में 8 अंक अधिक और वार्षिक आधार पर 26 अंक की वृद्धि दर्शाता है।
इस बीच, यूटिलिटीज और नेचुरल रिसोर्सेज क्षेत्र में तिमाही आधार पर सबसे बड़ी वृद्धि देखी गई है। इस सेक्टर का आउटलुक 22 अंक बढ़कर चार साल के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है, जो 2021 की चौथी तिमाही के बाद से सबसे अधिक है।
हालांकि, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भर्ती का आउटलुक सबसे कम 31 प्रतिशत रहा, जो दर्शाता है कि इस क्षेत्र में कंपनियां भर्ती के मामले में अधिक सतर्क हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, नई नौकरियों में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि होने की संभावना है, इसके बाद आईटी और आईटी सर्विसेज क्षेत्र का स्थान है।
मैनपावरग्रुप इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गुलाटी ने कहा कि 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़े एक दोहरी स्थिति को दर्शाते हैं। एक ओर कंपनियों का भर्ती में विश्वास मजबूत है, वहीं दूसरी ओर कुशल प्रतिभा की कमी भी बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि लगभग 82 प्रतिशत कंपनियों को आवश्यकतानुसार योग्य कर्मचारी ढूंढने में कठिनाई हो रही है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत के उत्तरी क्षेत्र में भर्ती का आउटलुक सबसे मजबूत है, जहां एनईओ 70 प्रतिशत तक पहुँच गया है। यह तिमाही आधार पर 12 अंक और वार्षिक आधार पर 26 अंक की वृद्धि को दर्शाता है।
पूर्वी क्षेत्र में तिमाही आधार पर सबसे तेज सुधार देखा गया है, जहां उम्मीदें 20 अंक बढ़ गईं। इस क्षेत्र का आउटलुक 2012 की तीसरी तिमाही के बाद सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है।
कंपनी के आकार के अनुसार भी सभी श्रेणियों में कंपनियां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए आशावादी हैं। विशेष रूप से 250 से 999 कर्मचारियों वाली बड़ी कंपनियों में सबसे अधिक उत्साह देखा गया, जहां एनईओ 71 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही से 15 अंक अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 87 प्रतिशत कंपनियां कर्मचारियों की भर्ती, ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण में पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही हैं।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एआई अपनाने की दर 80 प्रतिशत है। इस मामले में चीन 95 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर है।