हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2026: भारत 61 यूनिकॉर्न के साथ चौथे स्थान पर, बेंगलुरु देश की यूनिकॉर्न राजधानी
सारांश
मुख्य बातें
हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2026 में भारत ने 61 यूनिकॉर्न स्टार्टअप के साथ वैश्विक स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। इस सूची में उन्हीं स्टार्टअप को शामिल किया जाता है जिनका वैल्यूएशन $1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,300 करोड़) या उससे अधिक हो। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की लहर पर सवार होकर वैश्विक यूनिकॉर्न इकोसिस्टम ने इस वर्ष नई ऊँचाइयाँ छुई हैं।
वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति
हुरुन इंडेक्स के अनुसार, अमेरिका 806 यूनिकॉर्न के साथ शीर्ष पर है — जो दुनिया के कुल यूनिकॉर्न का करीब 50 प्रतिशत है। चीन 381 यूनिकॉर्न के साथ दूसरे और यूनाइटेड किंगडम (UK) 70 यूनिकॉर्न के साथ तीसरे स्थान पर है। भारत 61 यूनिकॉर्न के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में चौथे पायदान पर है।
भारत में यूनिकॉर्न हब: बेंगलुरु और मुंबई आगे
देश के भीतर, बेंगलुरु 25 यूनिकॉर्न के साथ भारत की यूनिकॉर्न राजधानी बना हुआ है। मुंबई 13 यूनिकॉर्न के साथ दूसरे स्थान पर है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में डीप-टेक और फिनटेक स्टार्टअप की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
AI बूम ने बदली यूनिकॉर्न की तस्वीर
हुरुन इंडेक्स 2026 के अनुसार, वैश्विक स्तर पर यूनिकॉर्न की कुल संख्या बढ़कर 1,603 हो गई है और इनकी संयुक्त वैल्यू $8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गई है। AI के प्रभाव से सभी यूनिकॉर्न की कुल वैल्यू में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। शीर्ष 10 यूनिकॉर्न की संयुक्त वैल्यू $3.9 ट्रिलियन डॉलर पर पहुँच गई है।
गौरतलब है कि AI यूनिकॉर्न की संख्या अब 215 है और वैश्विक यूनिकॉर्न की कुल वैल्यू में उनकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत है — जो फिनटेक के 216 यूनिकॉर्न की संख्या के लगभग बराबर है। यह AI की उभरती ताकत को रेखांकित करता है।
दुनिया के शीर्ष यूनिकॉर्न
हुरुन इंडेक्स के अनुसार, अमेरिकी AI स्टार्टअप Anthropic $965 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा यूनिकॉर्न है। OpenAI $852 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ दूसरे और चीन की कंपनी ByteDance $480 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ तीसरे स्थान पर है।
नए यूनिकॉर्न की गुणवत्ता में सुधार
इस वर्ष 308 स्टार्टअप नए यूनिकॉर्न बने, जो पिछले वर्ष के 203 से अधिक है। हालाँकि यह आँकड़ा 2021 के शिखर 700 से काफी कम है, लेकिन इस वर्ष की विशेषता यह है कि AI, रोबोटिक्स और नई ऊर्जा के कई स्टार्टअप पहले दिन से ही यूनिकॉर्न का दर्जा लेकर आए। आने वाले समय में AI-केंद्रित स्टार्टअप इकोसिस्टम और तेज़ी से विस्तार करने की उम्मीद है।