सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई 5.54% पर पहुँची, प्याज 108% महंगा; आलू-टमाटर हुए सस्ते
सारांश
मुख्य बातें
भारत में सितंबर 2026 की खुदरा महंगाई (CPI) सालाना आधार पर बढ़कर 5.54 प्रतिशत (अनंतिम) हो गई है, जो अगस्त 2026 के अंतिम आँकड़े 4.83 प्रतिशत से काफी ऊपर है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 12 अक्टूबर 2026 को ये आँकड़े जारी किए। खाद्य कीमतों में उछाल — विशेष रूप से प्याज और मसालों में — इस वृद्धि का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
ग्रामीण बनाम शहरी महंगाई
आँकड़ों के अनुसार, ग्रामीण भारत में खुदरा महंगाई 6.08 प्रतिशत रही, जबकि शहरी इलाकों में यह 4.88 प्रतिशत दर्ज की गई। यह अंतर दर्शाता है कि ग्रामीण परिवारों पर मूल्य वृद्धि का बोझ शहरी उपभोक्ताओं की तुलना में अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की असमान वापसी से कुछ राज्यों में आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
खाद्य महंगाई की स्थिति
सितंबर में खाद्य महंगाई दर सालाना आधार पर 7.74 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 8.06 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 7.18 प्रतिशत रही। गौरतलब है कि खाद्य वस्तुएँ CPI की सबसे बड़ी श्रेणी हैं और इनका महंगाई के कुल आँकड़े पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है।
सर्वाधिक महंगे और सस्ते उत्पाद
सितंबर में प्याज की कीमत में सालाना आधार पर +108.09 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा चाँदी की ज्वेलरी (+87.80 प्रतिशत), अदरक (+62.85 प्रतिशत), लहसुन (+54.62 प्रतिशत) और नींबू (+36.41 प्रतिशत) सबसे अधिक महंगे होने वाले शीर्ष पाँच उत्पादों में शामिल रहे।
दूसरी ओर, राहत देने वाले उत्पादों में आलू (-11.50 प्रतिशत), टमाटर (-8.62 प्रतिशत), मोटर कार एंड जीव (-4.51 प्रतिशत), भिंडी (-4.48 प्रतिशत) और नारियल (-3.99 प्रतिशत) प्रमुख रहे। पिछले वर्ष की तुलना में आलू और टमाटर में आई गिरावट आम रसोई के लिए कुछ राहत लेकर आई है।
राज्यवार स्थिति
सितंबर में सर्वाधिक खुदरा महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष पाँच राज्य रहे — तमिलनाडु (6.81 प्रतिशत), ओडिशा (6.70 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (6.68 प्रतिशत), तेलंगाना (6.64 प्रतिशत) और आंध्र प्रदेश (6.29 प्रतिशत)। इन राज्यों में महंगाई राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर रही।
आगे क्या
मंत्रालय ने बताया कि कीमतें देशभर के 1,407 शहरी बाजारों (जिनमें ऑनलाइन बाजार भी शामिल हैं) और 1,465 गाँवों से एकत्र की गईं, और दोनों बाजारों में प्रतिक्रिया दर 100 प्रतिशत रही। अक्टूबर 2026 के खुदरा महंगाई आँकड़े 12 नवंबर 2026 को जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही, सितंबर के थोक महंगाई (WPI) आँकड़े मंगलवार, 13 अक्टूबर को जारी होंगे। विशेषज्ञों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) इस बढ़ी हुई महंगाई को देखते हुए आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में अपने रुख पर पुनर्विचार करता है।