10 अगस्त 2026
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भारतीय रेल की उन्नत यात्री आरक्षण प्रणाली में ट्रेनों का स्थानांतरण अगस्त से शुरू होगा: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

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भारतीय रेल की उन्नत यात्री आरक्षण प्रणाली में ट्रेनों का स्थानांतरण अगस्त से शुरू होगा: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

सारांश

40 साल पुरानी आरक्षण प्रणाली की विदाई तय हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अगस्त 2026 से उन्नत यात्री आरक्षण प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरण का ऐलान किया। रेलवन ऐप के 3.5 करोड़ डाउनलोड और 88% ऑनलाइन बुकिंग के साथ, भारतीय रेल का डिजिटल कायाकल्प अब निर्णायक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 मई 2026 को घोषणा की कि उन्नत यात्री आरक्षण प्रणाली में स्थानांतरण अगस्त 2026 से शुरू होगा।
मौजूदा प्रणाली 1986 में शुरू हुई थी और अब 40 वर्षों बाद पूरी तरह बदली जा रही है।
वर्तमान में 88 प्रतिशत टिकट बुकिंग ऑनलाइन हो रही है; प्रतिदिन लगभग 9.29 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं।
रेलवन मोबाइल ऐप को अब तक 3.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
AI-आधारित वेटिंग लिस्ट पूर्वानुमान प्रणाली की सटीकता 53% से बढ़कर 94% हो गई है।
वर्ष 2024-25 में यात्री सब्सिडी पर ₹60,239 करोड़ खर्च हुए, जिससे यात्रियों को औसतन 43% किराया छूट मिली।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 मई 2026 को घोषणा की कि ट्रेनों को उन्नत यात्री आरक्षण प्रणाली में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अगस्त 2026 से शुरू होगी। नई दिल्ली स्थित रेल भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह परिवर्तन यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा पहुँचाए बिना सुचारु रूप से संपन्न किया जाए।

40 साल पुरानी प्रणाली की जगह लेगा नया प्लेटफॉर्म

भारतीय रेल की मौजूदा आरक्षण प्रणाली की शुरुआत वर्ष 1986 में हुई थी। पिछले चार दशकों में इसमें कई छोटे-छोटे बदलाव किए गए, परंतु अब इसे पूरी तरह से आधुनिक रूप दिया जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती करोड़ों यात्रियों के लिए निर्बाध परिवर्तन सुनिश्चित करना है — विशेषकर उन लोगों के लिए जो डिजिटल साक्षरता में पिछड़े हैं। 88% ऑनलाइन बुकिंग का आँकड़ा प्रभावशाली है, परंतु शेष 12% — जो मुख्यतः ग्रामीण और वरिष्ठ नागरिक हैं — के लिए काउंटर सेवाओं की निरंतरता पर स्पष्ट रोडमैप अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। रेलवन ऐप की सफलता उत्साहजनक है, लेकिन सर्वर क्षमता और साइबर सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञ पहले भी सवाल उठा चुके हैं। यह परिवर्तन तभी ऐतिहासिक साबित होगा जब इसका लाभ सबसे अंतिम यात्री तक पहुँचे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेल की उन्नत यात्री आरक्षण प्रणाली क्या है?
यह 1986 में शुरू हुई पुरानी आरक्षण प्रणाली का आधुनिक और तकनीक-आधारित उन्नत संस्करण है, जिसे अगस्त 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। नई प्रणाली में AI-आधारित वेटिंग लिस्ट पूर्वानुमान, रियल-टाइम ट्रेन ट्रैकिंग और एकीकृत सेवाएं शामिल हैं।
रेलवन ऐप क्या है और इसकी खासियत क्या है?
रेलवन मोबाइल ऐप जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था और अब तक 3.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड हो चुका है। यह टिकट बुकिंग, रद्दीकरण, धनवापसी, लाइव ट्रेन ट्रैकिंग, सीट तक भोजन डिलीवरी और रेल मदद शिकायत निवारण जैसी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर देता है।
AI-आधारित वेटिंग लिस्ट पूर्वानुमान प्रणाली कितनी सटीक है?
इस वर्ष की शुरुआत में लॉन्च हुई इस सुविधा की सटीकता 53% से बढ़कर 94% तक पहुँच गई है। यह प्रणाली वेटिंग लिस्ट वाले टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का पूर्वानुमान लगाती है, जिससे यात्रियों को यात्रा योजना बनाने में मदद मिलती है।
भारतीय रेल यात्री सब्सिडी पर कितना खर्च करती है?
वर्ष 2024-25 में भारतीय रेल ने यात्री सब्सिडी पर ₹60,239 करोड़ खर्च किए, जिससे यात्रियों को औसतन 43% किराया छूट मिली। सरकार ने दोहराया है कि भारतीय रेल करोड़ों लोगों की जीवनरेखा बनी हुई है।
नई आरक्षण प्रणाली में बदलाव से यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यह परिवर्तन यात्रियों को किसी असुविधा के बिना सुचारु रूप से किया जाए। वर्तमान में प्रतिदिन 9.29 लाख टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं और नई प्रणाली से यह क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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