सेंसेक्स 607 अंक टूटा, 76,802 पर बंद; IT शेयरों में 3.65% की भारी बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स शुक्रवार, 19 जून को 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,802.90 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 24,013.10 पर आ गया। गिरावट की मुख्य वजह आईटी क्षेत्र में भारी बिकवाली रही, जिसे एक्सेंचर के कमज़ोर आउटलुक और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के अचानक रद्द होने ने हवा दी।
आईटी सेक्टर में सबसे बड़ी मार
निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ सभी सूचकांकों में सबसे बड़ा लूज़र रहा। इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा सेंसेक्स पैक में प्रमुख रूप से लाल निशान में बंद हुए। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सेंचर के कमज़ोर आउटलुक ने वैश्विक डिजिटल खर्च को लेकर निवेशकों की चिंताएँ बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा।
व्यापक बाज़ार का हाल
निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी कमोडिटीज भी गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंजम्पशन हरे निशान में बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में बढ़त
लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 138.05 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,517.30 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 78.85 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 18,784.45 पर बंद हुआ।
गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में इटरनल, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाइटन, आईटीसी, सन फार्मा, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और इंडिगो बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम, एचयूएल, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, एसबीआई, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट और बीईएल लाल निशान में रहे।
विशेषज्ञों का नज़रिया
बाज़ार जानकारों के अनुसार, हाल की तेज़ रैली के बाद इक्विटी बाज़ार में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के अचानक रद्द होने से निवेशकों का उत्साह ठंडा पड़ा। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति भी निवेशकों की नज़र में है। फिलहाल बाज़ार में सावधानी का माहौल है और निवेशक भू-राजनीतिक स्थिति में अधिक स्पष्टता का इंतज़ार कर रहे हैं।