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सेंसेक्स 508 अंक टूटा, 74,267 पर बंद; अमेरिका-ईरान अनिश्चितता और FII बिकवाली से बाजार दबाव में

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सेंसेक्स 508 अंक टूटा, 74,267 पर बंद; अमेरिका-ईरान अनिश्चितता और FII बिकवाली से बाजार दबाव में

सारांश

वैश्विक अनिश्चितता का असर — सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 पर आया। अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में ठहराव और FII की ₹21,106 करोड़ की बिकवाली ने मिलकर बाजार को चौतरफा दबाव में ला दिया। IT और मेटल को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स सोमवार को 508.40 अंक (0.68%) गिरकर 74,267.34 पर बंद हुआ।
NSE निफ्टी 50 165.15 अंक (0.70%) की गिरावट के साथ 23,382.60 पर बंद।
निफ्टी मिडकैप 100 895.85 अंक (1.45%) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 159 अंक (0.99%) टूटा।
FII ने शुक्रवार को भारतीय बाजारों में ₹21,106 करोड़ के शेयर बेचे।
अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर अनिश्चितता गिरावट का प्रमुख वैश्विक कारण।
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने निफ्टी का तत्काल सपोर्ट 23,250–23,230 और रुकावट 23,530–23,550 बताई।

BSE सेंसेक्स सोमवार, 1 जून 2026 को 508.40 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,267.34 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 165.15 अंक यानी 0.70 प्रतिशत फिसलकर 23,382.60 पर आ गया। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ने मिलकर बाजार की धारणा को कमज़ोर किया।

चौतरफा बिकवाली का असर

गिरावट केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही — निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 895.85 अंक यानी 1.45 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 60,827.95 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 159 अंक यानी 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,979.80 पर बंद हुआ। निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी इन्फ्रा सबसे अधिक दबाव में रहे।

हालाँकि, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल हरे निशान में बंद होकर बाजार में इकलौती राहत लेकर आए। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाटा स्टील बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, HUL, ITC, NTPC, M&M, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, L&T, मारुति सुजुकी और बजाज फिनसर्व प्रमुख घाटे में रहे।

गिरावट की वजह: अमेरिका-ईरान अनिश्चितता

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोमवार की गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता रही। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ होने वाली कोई भी डील केवल परमाणु मुद्दे पर होगी और वे इसे लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं। इस बयान ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता को बढ़ावा दिया और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर असर डाला।

FII की बिकवाली से बढ़ा दबाव

घरेलू बाजार पर दबाव और बढ़ाने का काम विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने किया। शुक्रवार को FII ने भारतीय बाजारों में ₹21,106 करोड़ के शेयर बेचे थे, जिसका असर सोमवार के कारोबार पर भी दिखा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते उभरते बाजारों से पूँजी निकासी की प्रवृत्ति देखी जा रही है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए तत्काल समर्थन स्तर 23,250–23,230 के आसपास है। उन्होंने आगाह किया कि यदि यहाँ से गिरावट जारी रही तो सूचकांक 23,100 तक भी जा सकता है। छोटी अवधि में रुकावट का स्तर 23,530–23,550 का ज़ोन है।

शाह ने बैंक निफ्टी के लिए सपोर्ट 53,200–53,100 और रुकावट 54,000–54,100 के बीच बताई। बाजार की अगली दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान वार्ता के घटनाक्रम और FII गतिविधि पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

106 करोड़ की एकल-दिवसीय बिकवाली यह दर्शाती है कि विदेशी पूँजी की निकासी अभी थमी नहीं है। चिंताजनक बात यह है कि FMCG, डिफेंस और PSU बैंक जैसे 'रक्षात्मक' सेक्टर भी दबाव में रहे, जो संकेत देता है कि बिकवाली चयनात्मक नहीं, बल्कि व्यापक है। जब तक अमेरिका-ईरान वार्ता में स्पष्टता नहीं आती और FII प्रवाह स्थिर नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमवार को सेंसेक्स कितना गिरा और क्यों?
सेंसेक्स 1 जून 2026 को 508.40 अंक यानी 0.68 प्रतिशत गिरकर 74,267.34 पर बंद हुआ। गिरावट के मुख्य कारण अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर अनिश्चितता और FII की भारी बिकवाली रहे।
FII ने कितने रुपये के शेयर बेचे?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को भारतीय बाजारों में ₹21,106 करोड़ के शेयर बेचे, जिसका दबाव सोमवार के कारोबार पर भी महसूस किया गया।
निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट और रुकावट का स्तर क्या है?
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,250–23,230 पर है और यदि गिरावट जारी रही तो 23,100 तक जा सकता है। रुकावट का स्तर 23,530–23,550 का ज़ोन है।
कौन से सेक्टर हरे निशान में बंद हुए?
निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल सोमवार को हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाटा स्टील प्रमुख गेनर्स रहे।
अमेरिका-ईरान वार्ता का बाजार पर क्या असर पड़ा?
रिपोर्टों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ डील केवल परमाणु मुद्दे पर होगी और वे जल्दबाजी में नहीं हैं। इस अनिश्चितता ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को अस्थिर किया और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता घटाई, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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