सेंसेक्स 508 अंक टूटा, 74,267 पर बंद; अमेरिका-ईरान अनिश्चितता और FII बिकवाली से बाजार दबाव में
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स सोमवार, 1 जून 2026 को 508.40 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,267.34 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 165.15 अंक यानी 0.70 प्रतिशत फिसलकर 23,382.60 पर आ गया। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ने मिलकर बाजार की धारणा को कमज़ोर किया।
चौतरफा बिकवाली का असर
गिरावट केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही — निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 895.85 अंक यानी 1.45 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 60,827.95 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 159 अंक यानी 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,979.80 पर बंद हुआ। निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी इन्फ्रा सबसे अधिक दबाव में रहे।
हालाँकि, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल हरे निशान में बंद होकर बाजार में इकलौती राहत लेकर आए। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाटा स्टील बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, HUL, ITC, NTPC, M&M, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, L&T, मारुति सुजुकी और बजाज फिनसर्व प्रमुख घाटे में रहे।
गिरावट की वजह: अमेरिका-ईरान अनिश्चितता
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोमवार की गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता रही। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ होने वाली कोई भी डील केवल परमाणु मुद्दे पर होगी और वे इसे लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं। इस बयान ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता को बढ़ावा दिया और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर असर डाला।
FII की बिकवाली से बढ़ा दबाव
घरेलू बाजार पर दबाव और बढ़ाने का काम विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने किया। शुक्रवार को FII ने भारतीय बाजारों में ₹21,106 करोड़ के शेयर बेचे थे, जिसका असर सोमवार के कारोबार पर भी दिखा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते उभरते बाजारों से पूँजी निकासी की प्रवृत्ति देखी जा रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए तत्काल समर्थन स्तर 23,250–23,230 के आसपास है। उन्होंने आगाह किया कि यदि यहाँ से गिरावट जारी रही तो सूचकांक 23,100 तक भी जा सकता है। छोटी अवधि में रुकावट का स्तर 23,530–23,550 का ज़ोन है।
शाह ने बैंक निफ्टी के लिए सपोर्ट 53,200–53,100 और रुकावट 54,000–54,100 के बीच बताई। बाजार की अगली दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान वार्ता के घटनाक्रम और FII गतिविधि पर निर्भर करेगी।