सेंसेक्स 719 अंक टूटा, निफ्टी 23,123 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव से बाजार में बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 8 जून 2026 को 719.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,524.26 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 243.70 अंक (1.04 प्रतिशत) लुढ़ककर 23,123 पर आ गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव — विशेष रूप से ईरान द्वारा इज़रायल पर मिसाइल दागे जाने की खबरों के बाद — निवेशकों की धारणा कमज़ोर पड़ी और हफ्ते के पहले कारोबारी दिन व्यापक बिकवाली देखी गई।
मुख्य घटनाक्रम
व्यापक बाजार में गिरावट प्रमुख बेंचमार्कों से भी अधिक रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.92 प्रतिशत गिरा। निफ्टी 50 के 50 शेयरों में से केवल 9 हरे निशान में बंद हुए, जबकि शेष सभी लाल निशान में रहे।
सर्वाधिक बढ़त पाने वाले शेयरों में मैक्स हेल्थ, पावरग्रिड, भारती एयरटेल, बीईएल, नेस्ले इंडिया और टेक महिंद्रा शामिल रहे। दूसरी ओर, विप्रो के शेयर 8.4 प्रतिशत तक गिरे — जो निफ्टी 50 में सबसे बड़ी एकल-दिवसीय गिरावट रही। जियो फाइनेंस, इटरनल, हिंडाल्को और श्री राम फाइनेंस के शेयरों में भी 3.6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार असर
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी (2.56 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (2.33 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (1.85 प्रतिशत) सर्वाधिक दबाव में रहे। इसके अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार पहले से ही अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। पश्चिम एशिया में नए सिरे से बढ़े तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों पर भी दबाव बनाया, जिसका असर ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ सकता है।
भू-राजनीतिक कारण
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इज़रायल पर मिसाइलें दागीं, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही शांति वार्ता की उम्मीदों को गहरा धक्का लगा। युद्धविराम की संभावनाएँ धुंधली होने से वैश्विक जोखिम-भावना कमज़ोर पड़ी और निवेशकों ने सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख किया। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संकट के हर नए दौर में भारतीय बाजार पर प्रत्यक्ष दबाव देखा गया है, क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
एक बाजार विश्लेषक के अनुसार, तकनीकी रूप से निफ्टी 50 अपने हालिया उच्च स्तरों से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार में कमज़ोरी का संकेत है। उनके मुताबिक, 23,250–23,300 का दायरा तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के रूप में काम करेगा, जबकि 23,450 अगला महत्वपूर्ण अवरोध है। बाजार में स्थायी मज़बूती के लिए निफ्टी को इन स्तरों के ऊपर टिकना ज़रूरी होगा।
नीचे की ओर 23,100 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है। यदि यह टूटता है तो निफ्टी 23,000 तक फिसल सकता है और उसके नीचे 22,800–22,850 का क्षेत्र अगला मज़बूत सपोर्ट माना जा रहा है, जहाँ खरीदारी लौट सकती है। विश्लेषक ने यह भी बताया कि डेली RSI लगभग 37 के आसपास है — 50 के न्यूट्रल स्तर से नीचे — जो कमज़ोर बाजार धारणा को दर्शाता है। हालाँकि बाजार धीरे-धीरे ओवरसोल्ड ज़ोन की ओर बढ़ रहा है, जिससे बीच-बीच में शॉर्ट कवरिंग और राहत भरी तेजी देखी जा सकती है।
आगे क्या
बाजार की नज़र अब पश्चिम एशिया में स्थिति के अगले घटनाक्रम, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के संकेतों पर टिकी है। यदि भू-राजनीतिक तनाव और गहरा होता है तो घरेलू बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।